Caravans


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Notes
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˩-gi˩! | njɤ˧ | ...zo˩no˥... | ə˧ʑi˧-bv̩˧ | zo˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
njæ˧sɯ˩kv̩˩-dʑo˩, | ə˧v̩˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! | tʰi˩˥, | kɤ˧zo˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! | kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩ | pi˧-zo˩, | kɤ˧zo˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! |
ʈʂʰɯ˧ | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ | <ʐ... ə...> ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | sɯ˧pʰi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
sɯ˧pʰi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-so˩-kv̩˩ tɕɯ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩... | ə... ɬɑ˧sɑ˧, | ʐwæ˧ tɕɯ˩. | ə... ʐwæ˧ le˧-po˧˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩. |
tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩-dʑo˩, | njæ˧sɯ˩kv̩˩ | le˧-tsʰɯ˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩-ho˩ | ɖɯ˧-ɲi˥-dʑo˩, | ʐwæ˧-hɑ˧-no˧˥, | tsɑ˧bɤ˧-ʈʂʰɯ˧, | ə˩-gi˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
ɖɯ˧-ɬi˧ dzi˩-ho˩, | pi˧, | ɖɯ˧-ɬi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧-bv̩˧ | tsɑ˧bɤ˧ | le˧-gv̩˩. |
mmm... tʰi˩˥, | le˧-tɕɯ˧˥! | ʐwæ˧-ʁo˧to˩! | ɑ˩ʁo˧-ɳɯ˧ hɯ˧-dʑo˧, | le˧-tɕɯ˧˥, | po˧-hɯ˧-ɲi˥-mæ˩! |
tʰi˩˥, | ɬɑ˧sɑ˧ hɯ˧ | le˧-tsʰɯ˩-dʑo˩, | li˩˥! | mmm.... mɤ˧! | ʈʂʰɯ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩! |
tʰi˧-tɕɯ˧˥! | tʰi˩˥, | le˧-tɕʰi˧! | mmm, tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | -dʑo˩, | ə... zo˩no˥... | tsʰo˧pæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩! | tsʰo˧pæ˧, | lɑ˧do˧, | pi˧-zo˩! |
zo˩no˥, ə... | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-pi˧˥ | hɤ˩-hĩ˩˥, | tʰo˩lo˧, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩ | pi˧, | di˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩, | tsʰo˧pæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | lɑ˧do˧ | pi˧-dʑo˩, | zo˩no˥ | ʈʂʰɯ˧-qɑ˧ tʰi˧-tɕɯ˧-kv̩˥-hĩ˩... | qɑ˧-hĩ˥, | ʈʂʰɯ˧-qɑ˧ | tʰi˧-qɑ˩~qɑ˩-hĩ˩! |
tʰv̩˧-v̩˧-dʑo˩, | lɑ˧do˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! |
"o! ʈʂʰɯ˧ | tsʰo˧pæ˧ | le˧-ʝi˥-ze˩! | o! lɑ˧tʰɑ˧mi˧=ɻ̍˥ | tsʰo˧pæ˧ | le˧-ʝi˥-ze˩!" |
ʐɤ˩ se˩ hɯ˩-hĩ˥, | pi˧-kv̩˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ʐɤ˩ se˩ hɯ˩-hĩ˥, | pi˧-kv̩˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | li˩ tɕɯ˧ le˥-po˩-jo˩-kv̩˩-tsɯ˩! | mmm... ə... tʰi˩˥, | ə... mɤ˩ tɕɯ˩˥, | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-ze˩! | ɑ˩ʁo˧ | tʰi˧-tɕi˥! |
tʰi˩˥, | ɑ˩ʁo˧ ʈʂʰɯ˧-qo˧ | ɬɑ˧sɑ˧-ɳɯ˧ | le˧-po˧˥, | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩. | ə... ɬi˧di˩ tɕi˩. |
ɬi˧-di˩-ɳɯ˩ | wɤ˩˥ | bi˧, | ə... wɤ˩˥ | wɤ˩˥ | ʈʂʰɯ˧ | ɖɯ˧-ɬi˧ ɖʐɯ˧-ho˧-ze˩! | ɲi˧tsi˧-hɑ̃˧ ɖʐɯ˧-ho˥-ze˩, | pi˧, |
ho˧di˧ bi˧! | ho˧di˧, | ə... li˩˥ | le˧-tɕɯ˧-p<o˥>... | ə... mɤ˧-lɑ˧ | li˩˥ | le˧-tɕɯ˧˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-bi˧-kv̩˧˥ | -mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
tʰi˩˥, | ho˧di˧ le˧... | wɤ˩˥ | ɖɯ˧-ɬi˧ tʰi˧-dzi˩. | le... ə... ɑ˩ʁo˧ | le˧-tsʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njæ˩sɯ˩kv̩˩-ki˩ | pʰɤ˧bɤ˧ | qʰɑ˩jɤ˩ le˥-po˩-jo˩-kv̩˩-mæ˩! |
zo˧mv̩˥-zo˩ | ɖɯ˧-v̩˧-ki˧-ɳɯ˩, | dʑi˧hṽ̩˧ ɖɯ˧-dzi˩, | ə... mv̩˩zɯ˩-ni˥mi˩ | no˩sɯ˧kv̩˥ | <ə˧m...> ə˧mi˧-ki˧ | dʑi˧hṽ̩˥, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧! | go˧mi˧-ki˧, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧! | ə˧mv̩˩-ki˩, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧! |
mi˩zɯ˩˥, | njɤ˧=ɻ̍˩ | so˩kv̩˩-lɑ˥ dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧-ʈʂæ˩-qo˩! | njæ˧sɯ˩kv̩˩ | ə˧ʑi˧ ʈʂʰɯ˧-ʈʂæ˩-qo˩! |
ʈʰæ˧qʰwɤ˧! | bɑ˩lɑ˩˥! | dʑɯ˧ki˥! | so˧-bæ˧ dʑo˧-kv̩˧˥ | -mæ˩!
tʰi˩˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | se˧kʰɯ˩! | ʁo˧ni˥, | ʁo˧qʰwɤ˩ ʂæ˩-hĩ˩! |
no˧ | ə˧mɑ˧-bv̩˧ | sjæ˧pʰjɛ˧ | no˧ | ɖɯ˧-pʰæ˧ lɑ˥-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
õ! tʰv̩˧-pʰæ˧-qo˩ lɑ˩-hĩ˩-tʰv̩˩! |
"ho˧di˧-ʁo˧ni˥ le˩-po˩-jo˩"-pi˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ho˧di˧ mɤ˧-ɲi˩, | ʁo˧ni˥ | ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ | dʑo˧-mɤ˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |
tʰi˩˥, | hæ̃˧kʰo˧ | le˧-tɑ˧˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | mmm... zo˩no˥, | ʁo˧ni˥-ʈʂʰɯ˩, | ho˧di˧ | hwæ˧-hɯ˧-ɲi˥-mæ˩! |
ə... ho˧di˧ hɯ˧-hĩ˧, | ʁo˧ni˥ hwæ˩-kʰɯ˩-bi˩! | pi˧. | ə... se˧kʰɯ˩-ʁo˩ni˩! |
njæ˧sɯ˩kv̩˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | mv̩˧-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-dʑo˩, | nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | mɤ˧-mv̩˧-ze˧! |
ə˧mɑ˧ | nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | dʑo˧-ɲi˥-mæ˩! |
nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | tʰi˧-mv̩˧, | se˧kʰɯ˩-ʈʂʰɯ˩, | ho˧di˧ | hwæ˧ le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! |
hĩ˧ | ɖɯ˧-v̩˧-ki˧-ɳɯ˩, | pʰɤ˧bɤ˧! |
se˧kʰɯ˩, | ʁo˧ni˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-bo˩! | qʰɑ˧-ʂæ˧-gv̩˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-bo˩! |
<b...> "ə˧mi˧! | næ˧=ɻ̍˩-se˩, | ə˧mv̩˩ le˩-ʝi˩-ʝi˩-ze˩! | se˧kʰɯ˩-ʁo˩ni˩ le˩-po˩-ʝi˩-ʝi˩-ze˩!" | pi˧-kv̩˩-mæ˩, | <ho...> ho˧di˧ hɤ˧-dʑo˥! |
mmm... -dʑo˩ | tʰi˩˥, | ɖɯ˧-v̩˧ ɖɯ˧-pi˧˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ho˧di˧ | ɖɯ˧-ʈʂwæ˥ tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ə... ho˧di˧-dʑo˥, | wɤ˩˥, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-ze˩-wɤ˩! |
ɕi˧ʈʂʰwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | wɤ˩˥, | sɯ˧pʰi˧-ki˧ ki˩. | ə̃! tʰi˩˥, | ho˧di˧ | le˧-tsʰɯ˩-se˩, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧˥ | le˧-po˧-jo˥! | mmm... ɑ˩ʁo˧, |
- sɯ˧pʰi˧... sɯ˧pʰi˧-ki˧ ki˩! |
ĩ˧! | sɯ˧pʰi˧-ki˧ ki˩! | tʰi˩˥, | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧ | pv̩˩-kʰɯ˥-ɲi˩-mæ˩! | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-pv̩˩-kʰɯ˩! |
ĩ˧! | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-pv̩˩-kʰɯ˩! | tʰi˩˥, | gi˩˥ | -dʑo˩, | sɯ˧pʰi˧-ʐwæ˧ | ɖɯ˧-ʈʂæ˧ tɕɯ˥! |
tʰi˩˥, | õ˧˥ | ɖɯ˧-pi˧ dʑo˥-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | õ˧˥ | dɑ˧ʝi˩ | le˧-hwæ˧! | ʐwæ˧ʁo˩ | le˧-hwæ˧! | wɤ˩˥, | õ˧-bv̩˥-õ˩ | le˧-tɕɯ˧˥! |
ɑ˩ʁo˧... | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩: | "ʂæ˧~ʂæ˩ | li˩ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩!" | pi˧-zo˩. |
tʰi˩˥, | ʐæ˩ʂæ˥-hĩ˩-ɳɯ˩ | li˩˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-dʑo˩, | ə˩-gi˩! |
tʰi˩˥, | ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧-ɲi˥-ho˩-ze˩-wɤ˩! | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩-dʑo˩! |
tʰi˩˥, | ə˧mi˧ | li˩-ʈʰɯ˩-di˩ mɤ˩-dʑo˩˥! | tʰi˩˥, | ə˧mi˧ | le˧-ʂɯ˧-ɲi˥-ze˩-mæ˩! | tʰi˩˥, | li˩˥ | -dʑo˩ | le˧-dʑo˧-ɲi˥-ze˩-wɤ˩! |
tʰi˩˥, | "si˧kʰɯ˧-li˥nɑ˩ | ʈʰɯ˩-se˩-gɤ˥, | njɤ˧ ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" | pi˧ | tʰi˩˥, |
dʑɯ˩ʁo˩˥ | si˧kʰɯ˧-ʈʂʰɯ˧ | le˧-qwæ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-dʑo˩, | ə˩-gi˩! | li˩-mɤ˩-dʑo˩˥, | ɖɯ˧-njɤ˧ | ə˧mɑ˧ ə˧mi˧-ki˧ le˧-tɕɤ˧˥, | ʈʰɯ˩-ɲi˥-tsɯ˩ | -mv̩˩!
tʰi˩˥, | "si˧kʰɯ˧ ʈʰɯ˧-se˥-gɤ˩-se˩, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩! | njɤ˧ ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" pi˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.
tʰi˩˥, | ʐæ˩ʂæ˧ | li˩ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | wɤ˩˥, | ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩! | pi˧, | æ˧ʂæ˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tʰi˩˥, | le˧-dʑo˧-ʁo˧-kwɤ˧tɕɯ˥-lɑ˩, | zo˧mv̩˥-ʈʂʰɯ˩ | le˧-hɤ˩; | le˧-ʂe˧, ɖɯ˧-ʁo˧-kwɤ˧tɕɯ˥-lɑ˩ | tʰi˩˥, | ə... li˩˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | tsʰe˧ | <le˧...> le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | -kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, |
"ə˧mi˧! | õ˧˥ | ə˧mi˧ | mɤ˧-dʑo˧-ze˧! | zo˩no˥, | dzɯ˧-di˧˥ | ə˧tso˧-mɤ˧-ɲi˩ | dʑo˧!" | pi˧, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-ɲi˥-mæ˩! |
"si˧kʰɯ˧-li˥nɑ˩ | ʈʰɯ˩-se˩-gɤ˥, | njɤ˧ ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" | pi˧. |
ə˧hɑ˩bɑ˩lɑ˩ gwɤ˩-dʑo˩, | æ˧ʂæ˧! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥... | dʑɯ˩ʁo˩˥ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-ɲi˥-mæ˩! |
tʰi˩˥, | "ʂæ˧~ʂæ˩ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | njɤ˧-mɑ˧ | mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩!" | pi˧. |
li˩˥ | le˧-tɕɯ˧˥, | ɑ˩ʁo˧ tʰv̩˧-ɲi˥-ze˩-wɤ˩! | li˩ tɕɯ˧-hɯ˥, | li˩˥ | mɤ˧-ɖɯ˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə... ə˧mi˧-ki˧ si˧kʰɯ˧ qwæ˩-le˩-po˩-tsʰɯ˩, | tʰi˧-ʈʰɯ˩-kʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧-dʑo˩-bi˩˥, | le˧-ʂɯ˧-bi˧, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩! |
ə... <li...> "si˧kʰɯ˧ ʈʰɯ˧-se˥-gɤ˩-dʑo˩, | mɤ˧-ɲi˧-ze˧!" | pi˧-ɲi˥-tsɯ˩-mæ˩. | ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" | pi˧. |
li˩ tɕɯ˧˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥ | -dʑo˩, | ə˧mi˧! | õ˧˥ | ə˧mi˧ | le˧-ʂɯ˧-ze˧! | ə˧mi˧ mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩!" | pi˧. | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-ɲi˥-mæ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ɳɯ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩. |
tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | hɯ˧! | ho˧di˧-dʑo˧, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | ʂe˧ʈʂe˩ tɕɯ˩-le˩-po˩-tsʰɯ˩! | ʂe˧ʈʂe˩! | ho... ho˧di˧-ʂe˧ʈʂe˩-pi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
ʂe˧ʈʂe˩-ʈʂʰɯ˩, | pʰv̩˩tɕæ˩ɻæ˥-zo˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ dʑo˩-kv̩˩-mæ˩, | <ɖɯ...> qʰɑ˧-ʂæ˧~ʂæ˧-zo˥! | ɖɯ˧-tsʰi˥~ɖɯ˩-tsʰi˩! | õ!
ɖɯ˧-tsʰi˥-ɳɯ˩, ə... | ʈʰæ˧qʰwɤ˧... | ɲi˧-tsʰi˥-ɳɯ˩, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧-lɑ˥ tʰv̩˩-kv̩˩. |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | -zo˩... | ɲi˧-tsʰi˥~ɲi˩-tsʰi˩, | ɖɯ˧-v̩˧-ki˧-ɳɯ˩, | ɲi˧-tsʰi˥~ɲi˩-tsʰi˩ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-hwæ˧ le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! |
"ə˧mi˧! | ho˧di˧ hɯ˧-hĩ˧, | <le˧...> ʈʰæ˧qʰwɤ˧ le˧-po˧-ʝi˧-ʝi˧-ze˩!" | pi˧. |
hĩ˧=ɻæ˥, | tʰi˩˥ | mi˩zɯ˩=ɻæ˥, | zo˩no˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩-hĩ˩, | zo˩no˥, | pʰæ˧tɕi˥ | ɖʐv̩˧ ɲi˩-pi˩, | ɖʐv̩˧ ʈʂʰɯ˧-v̩˧-ɳɯ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-ze˩-mæ˩! |
no˧-ɳɯ˧ | ɕjɑ˧tɕo˧-ki˧ ki˩-ni˩-zo˩, | ə˩-gi˩! | ɖʐv̩˧-ɳɯ˧ | le˧-hwæ˧ | le˧-po˧-ʝo˥! | bɑ˩lɑ˩ hwæ˥, | le˧-po˧-ʝo˥! | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ hwæ˧, | le˧-po˧-ʝo˥! |
"ə˧mi˧! | næ˧ɻ̍˩-se˩, | ɖʐv̩˧ le˧-ʝi˩-ʝi˩-ze˩! | dʑi˧ qæ˧ tʰɑ˩-ʝi˩-ze˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩-ɲi˩!" | pi˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ʐwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩! |
tʰi˩˥, | ho˧di˧ hɯ˧, | ʂe˧ʈʂe˩... | ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! |
- tsʰe˧?
ə... tsʰe˧! ə̃, | jɤ˧ŋɤ˧! | o! jɤ˧ŋɤ˧ hɯ˧-ɲi˥-wɤ˩! | jɤ˧ŋɤ˧-dʑo˧, | ʂe˧ʈʂe˩-lɑ˩ | ə... ʁo˧ni˥ dʑo˩-kv̩˩! |
ho˧di˧-dʑo˧, | tsʰe˧<-ʈʂʰɯ˧> | tɕɯ˧-le˧-po˧-tsʰɯ˧˥ | -ɲi˩! | ə˧mɑ˧ ʐwɤ˩ | wɤ˩˥ | <le˧-tsʰo˥-ze˩> [mɤ˧-ho˩-ze˩]! |
ho˧di˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ho˧di˧-dʑo˧, | tsʰe˧ tɕɯ˩-hɯ˩-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
jɤ˧ŋɤ˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | zo˩qo˧ ɲi˩? | zo˩no˥ | ʐwɤ˩˥ | -dʑo˩ | njɤ˧ F | mɤ˧-sɯ˥! |
jɤ˧ŋɤ˧-pi˧ | ɖɯ˧-ʝi˧ bi˧-kv̩˧˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | ho˧di˧-pi˧, | ɖɯ˧-ʝi˧ bi˧-kv̩˧˥! |
ə˧ti˥-dzi˩-pi˩ | ɖɯ˧-ʝi˧ bi˧-kv̩˧˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕɯ˧˥, | ʐwæ˧ | tʰo˩lo˧, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩ | le˧-di˧˥, |
njɤ˧ ə˧v̩˧-ʈʂʰɯ˧, | tʰo˩lo˧... | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩-pi˩-kv̩˩-mæ˩! | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | di˧˥ | -dʑo˩! |
ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə... ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-bv̩˩˥ | ə... ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩, | zo˩no˥, | tsʰo˧pæ˧... tsʰo˧pæ˧-mv̩˥ʈʂæ˩-ɲi˩-mæ˩! | zo˩no˧-dʑo˥, | lo˧pæ˧-mv̩˧ʈʂæ˧˥ | -dʑo˩, | ə˩-gi˩! |
õ! tsʰo˧pæ˧ ʝi˧-kʰɯ˩-ɲi˩-mæ˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧ ɖɯ˧-hĩ˥-dʑo˩! | tsʰo˧pæ˧ tʰi˧-tɕʰo˩! |
ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | dʑo˩ | tʰi˩˥, | <ə...> ə˧so˧, | zo˩no˥, | no˧ tʰv̩˧-qo˧ tʰæ˧ɻæ˩-bi˩ | tʰi˧-tɕi˩-ni˩, | ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩ | pi˧-hĩ˧ tʰv̩˧-v̩˧-dʑo˩, | ə... lɑ˧do˧ ʝi˧-kʰɯ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ʐwæ˧ lv̩˩! |
tʰi˩˥, | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | tsʰo˧pæ˧ ʝi˧, | tsʰo˧pæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩! |
ə... ʐwæ˧ | zo˩qo˧ tʰv̩˧-ɻ̍˧, | tsʰo˧qʰwɤ˩ | tʰv̩˧-qo˧ | tʰi˧-hɑ̃˧˥, | pi˧ | tʰi˩˥, | tʰi˧-hɑ̃˧˥ | -kwɤ˩tɕɯ˩, | ʈʂʰɯ˧-dʑo˧ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧ F | lv̩˧-tʰɑ˧-bi˧! | <hwɤ˩dʑɯ˩-qo˥> kv̩˧dʑɯ˧-qo˥ | tʰi˧-dzi˩! |
ə... ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | kv̩˧dʑɯ˧˥! | kv̩˧dʑɯ˧-pi˥-kv̩˩-mæ˩! | zo˩no˧-dʑo˥, | ʈʂæ˧˥pʰo˩ tsɯ˩-mɤ˩-tsɯ˩! | kv̩˧dʑɯ˧-pi˥-kv̩˩! | kv̩˧dʑɯ˧-ʈʂʰɯ˥... | pʰv̩˩tɕæ˩-ɻæ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧ ʑi˩, | tʰi˧-lɑ˧˥! | ʐwæ˧-tɕɯ˩ | tʰi˧-qʰo˧! |
ʐɤ˩mi˩˥... | ə, tsʰe˩-hɑ̃˩-ɖʐɯ˩-bi˩˥, | tsʰe˩-hɑ̃˩-qo˥ | ʐɤ˩mi˩˥... | õ! ɑ˩pʰo˩ ʑi˥, | kv̩˧dʑɯ˧-ʈʰæ˧qo˥ ʑi˩! |
ə... ɖɯ˧-ɬi˧-ɖʐɯ˩-bi˩, | ɖɯ˧-ɬi˧ | kv̩˧dʑɯ˧-ʈʰæ˧qo˥ dzi˩! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | tʰi˩˥, | ə... ho˧di˧-ɳɯ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩ | tʰi˩˥, | ho˧di˧-ɕi˧ʈʂʰwæ˧-pi˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
ho˧di˧-ni˧fv̩˥-pi˩, | ni˧fv̩˥-tʰv̩˩, | qʰɑ˧-ʂæ˧~ʂæ˧-hĩ˧ dʑo˧-kv̩˩-mæ˩! |
njæ˧sɯ˩kv̩˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɣɯ˧ | le˧-dɑ˩, | ɣɯ˧ | le˧-dɑ˩ | -dʑo˩, | ho˧di˧ tɕʰi˧-bi˧-kv̩˧-tsɯ˥ | mv̩˩! |
tʰi˩˥, | mmm... ə... ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ hɯ˩, | pʰi˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʑi˧-po˧-hɯ˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧-dʑo˥, | ŋv̩˧ | ɖɯ˧-mɤ˧-kv̩˧-tsɯ˥ | mv̩˩! |
tʰi˩˥, | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩... | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˥-mæ˩: | "ho˧ di˧, pʰi˩ tɕʰɯ˩-jɤ˩; | ɬɑ˧sɑ˧, zo˧ tɕʰɯ˩-jɤ˩!" -pi˩. |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɬɑ˧sɑ˧ hɯ˧-dʑo˥, | zo˧-ʈʂʰɯ˧, | le˧-wo˥ | le˧-ʝo˩ mɤ˩-kv̩˩-ze˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
ho˧di˧-ʈʂʰɯ˧, | pʰi˧ le˧-po˧~po˥-bi˩, | le˧-tɕʰi˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | tʰi˧-kwɤ˩-ni˩-gv̩˩-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
tʰi˧-tɕʰɯ˧˥ | -ni˩ | le˧-jo˩-kv̩˩-ze˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
ɖʐe˧ | dʑɤ˩˥ | ɖɯ˧-mɤ˧-kv̩˧-tsɯ˥ | mv̩˩! |
"ho˧di˧, pʰi˩ tɕʰɯ˩-jɤ˩; | ɬɑ˧sɑ˧, zo˧ tɕʰɯ˩-jɤ˩!" -pi˩, | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | sɑ˧, | hæ̃˧qʰv̩˥-dʑo˩, | ʝi˧kʰv̩˥, | ʑi˧ le˧-ŋv̩˩, le˧-ŋv̩˩, | tohõ! pi˧, | wɤ˩˥ | sɑ˧ le˧-ɲi˩, | le˧-ɲi˩, | wɤ˩˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩! |
wɤ˩˥, | sɑ˧ | le˧-ɲi˩, | le˧-ɲi˩, | le˧-ɲi˩, | tʰi˩˥, | ɣɯ˧ | le˧-dɑ˩, | le˧-dɑ˩; | ho˧di˧ tɕʰi˧-bi˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |
tʰi˩˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | hĩ˧=ɻæ˥, | ʝi˧kʰv̩˥, | bi˧-mɤ˧-ʁo˧-hĩ˧ <b...>, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ mɤ˩-dʑo˩-dʑo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-ki˩ hwɤ˩-kv̩˩-mæ˩! |
"njɤ˧ | ʐwæ˧ tʰv̩˧-v̩˧ | no˧ | ɖɯ˧-tɕɯ˧-ɻ̍˥! | njɤ˧-pʰi˩ ʈʂʰɯ˩-kʰwɤ˩ | no˧ | ɖɯ˧-tɕʰi˧-qɑ˩-ɻ̍˩!" | pi˧, | tʰi˧-hwɤ˩. |
ə... tʰi˩˥, | tʰi˧-hwɤ˩ | <le> [hɯ˧]-dʑo˥, | tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧-v̩˧-ɳɯ˩, | le˧-tɕʰi˧-tʰv̩˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | wɤ˩˥, | ʈʂʰɯ˧sɯ˩kv̩˩-bv̩˩ | bɑ˩lɑ˩˥ | ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ho˧di˧ mɤ˧-ɲi˩, | ʂe˧ʈʂe˩ | dʑo˧-mɤ˧-kv̩˧-pʰæ˥-di˩! | ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-mæ˩! |
pʰi˧ | le˧-tɕʰi˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | pʰi˧ | tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧-ʂwæ˧~ʂwæ˧, | ə˧mi˧! | le˧-dɑ˩-zo˩, | ʈʂʰɯ˧-ʂwæ˧~ʂwæ˧ po˧-jo˥-kv̩˩! | ɖɯ˧-ti˧~ɖɯ˥-ti˩ | le˧-qʰv̩˩~qʰv̩˩, | le˧-qʰv̩˩~qʰv̩˩, | le˧-qʰv̩˩~qʰv̩˩, | ɑ˩ʁo˧-gɤ˧ | ʈʂʰɯ˧-qo˧-ɳɯ˧ bi˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | pʰi˧ tɕɯ˧˥ | po˧-bi˥! | mmm... li˩ tɕɯ˧˥ | po˧-bi˥! |
ə˧mi˧=ɻæ˩-bv̩˩ | tso˧~tso˧ tɕɯ˩-di˩-lɑ˩-ɲi˩-mæ˩! | le˧-tɕɯ˧˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧! |
ə... ho˧di˧-bv̩˧ | tso˧~tso˧, | le˧-wo˧-tɕɯ˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | wɤ˩˥ | ɬi˧di˩ tɕʰi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | <ʐv...> ə... zo˩no˥, | ʐɤ˩ se˩-zo˩-ʈʂʰɯ˥-dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥, | tʰi˩˥, | ho˧di˧ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ hɯ˩ | le˧-tsʰɯ˩, | ʂe˧ʈʂe˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥; |
jɤ˧ŋɤ˧ hɯ˧, | mmm... ʂe˧ʈʂe˩! | hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩ dʑo˩-kv̩˩-pʰæ˩-di˩. |
jɤ˧ŋɤ˧-dʑo˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩! |
hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-bɑ˩lɑ˩ le˩-po˩-jo˩-kv̩˩-mæ˩! |
njɤ˧ | ə˧v̩˧-ɳɯ˥-dʑo˩, | njæ˧sɯ˩kv̩˩, | ə˧mv̩˧-go˧mi˥, | so˩-kv̩˩˥ | ə... gi˧zɯ˧ | ɖɯ˧-v̩˧-ki˥, | njæ˩sɯ˩kv̩˩-ki˩, | gi˧zɯ˧-ki˧-dʑo˩, | ʈʂʰo˧bɤ˧! | hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-ʈʂʰo˩bɤ˩ ɖɯ˩-ɭɯ˩˥! |
njæ˧sɯ˩kv̩˩ | so˩kv̩˩-ki˥-dʑo˩, | hæ̃˩bɑ˥lɑ˩ | ʂæ˧tsɯ˧! |
zo˩no˥, | ə... zo˩no˥, | ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧, | tje˩ʂɯ˧-qo˥-gɤ˩, | mv̩˧-ni˧˥, | hæ̃˩bɑ˥lɑ˩ | ʂæ˧tsɯ˧ tʰv̩˧-ʁo˥! |
ɖɯ˧-v̩˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧ hwæ˥ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | dzɑ˩qʰwɤ˩-ʈʂʰɯ˥, | ə... ə˧tso˧, | ɣɯ˩-ʈʂʰɯ˥, | le˧-ʐv̩˧-zo˥, | qʰɑ˩ne˩˥ | ə˧v̩˧-hĩ˥ | ɖɯ˧-ʁo˩-dʑo˩-kv̩˩! | ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-bv̩˧-ni˧˥ | mɤ˧-ɲi˩-zo˩! |
<tʰi˩˥, | hĩ˧=ɻæ˥ | njæ˧sɯ˩kv̩˩ | le˧-pi˥: | >
"ə˧mi˧! | næ˧=ɻ̍˩-se˩, | le˧-gɤ˩-ze˩-wɤ˩! | ə˧v̩˧ tsʰo˧pæ˧ le˧-tsʰɯ˧-zo˥, | tsʰo˧pæ˧-ɳɯ˩ | dʑi˧ qæ˧-kʰɯ˩-ze˩! | pi˧-kv̩˩-mæ˩. |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˧v̩˧-ɳɯ˥ | njæ˧sɯ˩kv̩˩-ki˩ | qʰɑ˩ne˩˥ | ki˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |
ə˧tso˧ mɤ˧-ɲi˩, | ə˧v̩˧-ɳɯ˥ | le˧-hwæ˧-ki˧! |
ə˧v̩˧ dʑo˧-hĩ˥=ɻæ˩-dʑo˩, | hĩ˧=ɻæ˥ | dʑi˧hṽ̩˧ F | dʑi˧ qæ˧ tʰɑ˩-kv̩˩[-ze˩], | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
hɑ˧ F | dʑɤ˩-hĩ˥ | dzɯ˧-tʰɑ˩-kv̩˩-ze˩! |
hĩ˧ | mɤ˧-dʑo˧-hĩ˥, | ə˧v̩˧-ɳɯ˥ | le˧-ʂe˧ | le˧-po˧-jo˥[-kv̩˩-ze˩!] | ʐwæ˧ le˧-tɕɯ˧˥! | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | tsʰe˩-kv̩˩˥! |
mmm... hĩ˧ | ɲi˧-kv̩˧-bi˧, | pi˧-kv̩˩, | lɑ˧do˧ | ɖɯ˧-v̩˧, | tsʰo˧pæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧! | pi˧. | tsʰe˩-kv̩˩ tɕɯ˥-kv̩˩-mæ˩! |
ɖɯ˧-v̩˧-lɑ˧ bi˥, | pi˧-dʑo˩, | ʐv̩˩-kv̩˩ tɕɯ˥-kv̩˩-mæ˩! |
ə... hõ˧-kv̩˥ tɕɯ˩, | pi˧-dʑo˩, | wɤ˩˥, | <ʐv...> ɲi˩-kv̩˩˥! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tʰi˩˥, | lɑ˧do˧... lɑ˧do˧ ɲi˥-kv̩˩, | tsʰo˧pæ˧ ɲi˥-kv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕʰo˥~tɕʰo˩ bi˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, |
lɑ˧do˧ ɲi˥-pi˩ | ʈʂʰɯ˧-tɕi˩-dʑo˩, | ɖʐɯ˧qo˩ | tʰi˧-tʰv̩˧, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | le˧-kʰɯ˧˥, | dʑɯ˧ | tʰi˧-ki˧, | lv̩˧ tʰi˧-ki˧, | qʰɑ˧dze˧-hɑ˧lv̩˧ | tʰi˧-ki˧, | tʰi˧-dzɯ˥-kʰɯ˩, | le˧-se˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | dʑɯ˩ʁo˩˥ | gɤ˧ | wɤ˩˥ | tʰi˧-lv̩˧˥. |
tsʰo˧pæ˧ ʈʂʰɯ˧-tɕi˩-ɳɯ˩ | tʰi˩˥, | ɖʐɯ˧qo˩-gɤ˩ | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩, | tso˧~tso˧ | le˧-hwæ˧, | mmm... tʰi˧-tɕi˥! |
tʰi˩˥, | ze˩-ɲi˧ | wɤ˩˥ | "tsʰo˧qʰwɤ˩-dʑo˩, | ə˧zɯ˩, | lo˧ʂv̩˩ hɑ̃˩! | so˧ɲi˥-dʑo˩, | lo˧gv̩˩ tʰv̩˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ɑ˩ʁo˧ ɬi˧di˩-ɳɯ˩ bi˩, | lo˧ʂv̩˩ hɑ̃˩-kv̩˩-ze˩-mæ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! |
lo˧ʂv̩˩-ɳɯ˩ | le˧-se˥-bi˩-dʑo˩, | pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩ hɑ̃˩-kv̩˩-ze˩-mæ˩! |
pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩-ɳɯ˩ | le˧-se˥-jo˩-ɳɯ˩, | lo˧gv̩˩-lɑ˩ tʰv̩˩-ɲi˩! |
ɬi˧di˩-lɑ˩ | lo˧gv̩˩, | so˩-hɑ̃˩ tʰi˥-hɑ̃˩-kv̩˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | so˩-hɑ̃˩˥! |
ʐo˩dzɯ˩˥ | wɤ˩˥ | ʐwæ˧tɕi˥ | le˧-pʰv̩˧˥, | wɤ˩˥ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ dzɯ˩. | wɤ˩˥ | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-lv̩˧˥, | wɤ˩˥ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ ʈʂæ˩. |
wɤ˩˥, | mv̩˩kʰv̩˩˥ | tʰi˩˥ | ʐwæ˧tɕi˥ | le˧-pʰv̩˧˥, | tʰi˩˥, | zo˩qo˧ hɑ̃˧˥ | -dʑo˩, | tʰi˧-hɑ̃˧˥! | ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-ni˧˥ | ʑi˧qʰwɤ˧, | di˩-mɤ˩-kv̩˥! |
ʐɤ˩mi˩˥ | no˩-qo˥ hɑ̃˩-lɑ˩ ɲi˩! | dʑɯ˩ʁo˩˥! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-hɑ̃˧˥, | ɖɯ˧-hɑ̃˧˥, | ɖɯ˧-hɑ̃˧-ɳɯ˥ | tʰi˩˥, | <bi˧...> lo˧gv̩˩ | so˩-hɑ̃˩ hɑ̃˥-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
<jo˧... lo˧gv̩˩...> ɬi˧di˩-ɳɯ˩ | jo˧gv̩˧ tʰv̩˧, | ʂɯ˧-hɑ̃˧ ɲi˥-tsɯ˩ | -mv̩˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tsʰɯ˩-mɤ˩-ɲi˩-ze˩-wɤ˩! |
jo˧gv̩˧-ŋv̩˧lv̩˧-ki˧-ɳɯ˧ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-ze˩-wɤ˩! |
jo˧gv̩˧-ŋv̩˧lv̩˧-ki˧-ɳɯ˧ | le˧-tsʰɯ˩-dʑo˩, | gi˧dʑɯ˧-qo˧-kʰɯ˧˥ | -dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | mo˧qʰwɤ˥ tʰi˩-tsɯ˩-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.
bæ˧! | bæ˩-po˩-ɳɯ˥ | ʐwæ˧ | tʰi˧-tsɯ˧~tsɯ˧-kwɤ˩tɕɯ˩-zo˩, | gi˧dʑɯ˧-<-dʑo˧-qɑ˧>[qo˧mv̩˧], | fv! pi˧, | ɖɯ˧-tɕo˥ | kʰɯ˧˥ | -dʑo˩, |
mmm... ɖɯ˧-dzɤ˥ | æ˩ʈv̩˥-ki˩ | ɖɯ˧-v̩˧-ɳɯ˧ | <tʰi˧...> tʰi˧-ʈʂʰɻ̍˧-kv̩˥-tsɯ˩ | -mv̩˩, | mo˧qʰwɤ˥ | ʈʂʰɯ˧-ɭɯ˧ | le˧-tɕʰɯ˩, | wɤ˩˥ | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | tɕɯ˧-lɑ˥, | <ə... ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧...> ʐwæ˧ tʰi˧-tsɯ˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | dv̩˧tɕo˥ | kʰɯ˧-kv̩˥-tsɯ˩ | -mv̩˩!
ə... tɕɯ˧-lɑ˥, ə... | zo˩no˥, | tso˧~tso˧ | õ˧-bv̩˥-õ˩ | tʰi˧-tsɯ˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-tɕo˥ | kʰɯ˧˥; |
gi˧dʑɯ˧ kv̩˩-pi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | <ʐw...> "ə˧mi˧! tsʰo˧qʰwɤ˩-dʑo˩, | <ʐwæ˧...> ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩, | gi˧dʑɯ˧-ki˧ | tʰv̩˧-ze˩!" | pi˧. |
ɑ˩ʁo˧ | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩ | ʈʂɤ˧~ʈʂɤ˩-kv̩˩-ze˩-mæ˩! |
zo˩qo˧, zo˩qo˧, | qʰɑ˩-hɑ̃˩˥, | zo˩qo˧, zo˩qo˧, | qʰɑ˩-hɑ̃˩-pi˥, | zo˩qo˧ tʰv̩˧... |
zo˩no˧-ni˩, | tjɤ˧hwɑ˧˥ | mɤ˧-dʑo˧-ɲi˥-mæ˩! |
o! qʰɑ˩ hɑ̃˩-ɖʐɯ˩-ze˥, | ʈʂʰɯ˧-qo˧-pi˧ | tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧ | ɖɯ˧-so˩-hɑ̃˩ | le˧-mɤ˧-tsʰɯ˩, | pi˧-dʑo˩, |
"ə˧mi˧! | kʰv̩˧mæ˧ ʁo˧pv̩˩ ə˩-hɯ˩?" |
"ə˧mi˧! | njɤ˧-zo˧ le˧-mɤ˧-tsʰɯ˧˥", | pi˧-zo˩, | ə˧mi˧ | ʁɑ˩ʂɯ˧ | <ɕi˧tjɤ˧ kv̩˧-ɲi˥...> ʂv̩˧ɖv̩˧ tʰv̩˧-kv̩˩-ɲi˩-ze˩! |
ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ bæ˧˥ | -ki˩, | tʰv̩˧-mv̩˧ bæ˧˥ | -ki˩, | ə˧mi˧! | ʈʂʰɯ˧-qo˧... | gæ˧ɻæ˩-hĩ˩ <ɖɯ...> ʝi˩kʰv̩˩-hɯ˩-tsɯ˩, | le˧-tsʰɯ˩-ə˩-hɯ˩?" | pi˧, | wɤ˩˥ | le˧-bæ˧˥, | ə˧mi˧=ɻæ˩ | wɤ˩˥ | mv̩˩do˩-bi˩-zo˩-kv̩˥!
zo˩no˧-ni˩, | no˧ | tjɤ˧hwɑ˧-lɑ˥-di˩ | mɤ˧-dʑo˧! |
ə... zo˩no˥, | hĩ˧-sɯ˧~sɯ˧-hĩ˧, | ɖʐv̩˧-ʈʂʰɯ˧, | ə˧zɯ˩, | no˧... | ə˧zɯ˩ | tɕʰo˧-tɕʰo˧-ɻ̍˩ | kʰi˧˥, | pi˧, | no˧ ʁo˧dɑ˧ | le˧-hɯ˩-pi˩, | no˧-ki˧ mv̩˥do˩, | ə˩-gi˩! | njɤ˧ | le˧-mɤ˧-tsʰɯ˩-pi˩! |
njɤ˧ | ʁo˧dɑ˧ le˧-tsʰɯ˩-pi˩, | njɤ˧-ki˧ mv̩˥do˩! |
"õ! ʈʂʰɯ˧sɯ˩kv̩˩, | tsʰo˧qʰwɤ˩-dʑo˩ | ʈʂʰɯ˧-qo˧ tʰv̩˧-ʝi˧-ze˧! | ɖwæ˩-mɤ˧-zo˧!" | pi˧. |
õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˩-ɲi˩! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥-dʑo˩, | ə˧v̩˧˥ | pæ˩pʰæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-v̩˩, | ɖwæ˧˥ | qʰwɤ˩-ɲi˥! |
kɤ˧zo˧ mv̩˥ʈʂæ˩-hĩ˩ tʰv̩˩-v̩˩-dʑo˩, | hĩ˧ tsʰo˧pæ˧ ʝi˧! | ə... tso˧~tso˧ hwæ˩! | ə... ŋv̩˩ tʰi˩-po˩˥! |
ə... pæ˩pʰæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-v̩˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧-ɭɯ˧, | <ʐwæ˧ kwæ˧ɕi˧!> ə! ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-kv̩˩-mæ˩! | ʐwæ˧ ʁo˧mæ˧! | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥, | tʰi˩˥, | hɯ˧! |
hhh... ɬɑ˧sɑ˧-ɳɯ˧, | ʐwæ˧ le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | ɑ˩ʁo˧ tɕi˧! | ɑ˩ʁo˧-ɳɯ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, mmm... | tso˧~tso˧ le˧-tɕɯ˧-po˥-hɯ˩, | jɤ˧ŋɤ˧ po˧-hɯ˥! |
jɤ˧ŋɤ˧-ɳɯ˧-dʑo˥, | ə... ho˧di˧ po˧-hɯ˥! |
hæ˧di˩-qo˩, | wɤ˩˥, | ə˧tso˧-mɤ˧-ɲi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | njæ˧sɯ˩kv̩˩-dʑo˩, | hæ˧di˩-lɑ˩ pi˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
ə! zo˩qo˧ ɲi˩ F | mɤ˧-sɯ˥, | tʰi˩˥, | "hæ˧di˩ hɯ˩-ɲi˩!" | pi˧. |
ə... "tsʰi˧ɲi˧-dʑo˩, | hæ˧di˩ bi˩-tso˩-ɲi˩!" | pi˧. | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ ʈʂʰɯ˧=ɻæ˧-pi˥! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ | mɤ˧-dʑo˧-ɲi˥-mæ˩! |
hæ˧di˩-bv̩˩ | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-hĩ˩-lɑ˩-ɲi˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | gi˩˥, | gi˩-ɳɯ˥, | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧, | hæ˧ qɑ˧˥ | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ sɯ˩~sɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | hæ˧ | ɖɯ˧-ɲi˧-ʑi˩ | <tʰi˧-...> tʰi˧-dzi˩-dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧-ɲi˥-ʑi˩-ɳɯ˩ | kʰɤ˧ʂɯ˧, | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ tv̩˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | no˧=ɻ̍˩ ɖɯ˩-pʰv̩˩ tv̩˩, | njɤ˧=ɻ̍˩ ɖɯ˩-pʰv̩˩ tv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tv̩˧-hĩ˧-lɑ˩-ɲi˩-ze˩-mæ˩! |
ʁo˧dɑ˧-dʑo˧, | ɬi˧di˩-di˩mi˩ | ɕi˧ɭɯ˧ mɤ˧-tv̩˧-ɲi˥! |
ə˩pʰo˩-hĩ˩-bv̩˥ | tɕɯ˧-le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! | v̩˧lɑ˩-ʝi˩-hĩ˩-ɳɯ˩! |
ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ʈʂʰɯ˩-ɳɯ˩! | v̩˧lɑ˩ | le˧-ʝi˥, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | tʰi˩˥, | tʰo˩lo˧, | ɻ̍˧lo˩ | ʈʰææ̃˧˥... | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | so˧-tsʰi˧, | ʐv̩˧-tsʰi˩, | ŋwɤ˧-tsʰi˩, | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˧ tɕʰo˧~tɕʰo˥! |
ɬi˧di˩-di˩mi˩, | qʰæ˧tɕʰi˧-hĩ˧ | <ɖɯ˧...> ʐwæ˧ | ɖɯ˧-pæ˥; | njæ˧sɯ˩kv̩˩, | ə˧lɑ˧-ʁwɤ˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-pæ˥! | gæ˧ɻæ˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-pæ˥! | lɑ˧ŋwɤ˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-pæ˥! | õ! ə... ʈʂo˧ʂɯ˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-pæ˥! |
ə˧zɯ˩ sɯ˧~sɯ˧-pi˧-dʑo˩, | ə˧zɯ˩ | ɖʐv̩˧ ɲi˩-pi˩, | ɖʐv̩˧... ɖʐv̩˧... | no˧-ɳɯ˧ njɤ˩ mv̩˩, | njɤ˧-ɳɯ˧ no˩ mv̩˩, | ɖɯ˧-pæ˥ | le˧-tɕʰo˥~tɕʰo˩-hɯ˩! |
ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ʈʂʰɯ˧-qo˧-ɳɯ˧ | ɖɯ˧-kɤ˥~kɤ˩, | ɖɯ˧-kɤ˥~kɤ˩, | ʝi-lõ-ʁõ-lõ, ʝi-lõ-ʁõ-lõ pi˧, | kɤ˩-tjɤ˧ljɤ˧ | tʰi˧-ʈʂæ˧˥! |
ə... ʂwɤ˧ljɤ˧-kwɤ˩ | tʰi˧-ʈʂæ˧˥! | si-li-sɑ̃-lɑ̃, si-li-sɑ̃-lɑ̃, si-li-sɑ̃-lɑ̃, pi˧, | gõ-ndõ, gõ-ndõ, gõ-ndõ, pi˧! |
njæ˧sɯ˩kv̩˩, | qo˩qɑ˩˥... | ɑ˩ʁo˧ dʑo˩ | pi˧-dʑo˩, | ɖʐɯ˧qo˩-ni˩-hĩ˩-ɳɯ˩-dʑo˩, | ə... ʐwæ˧ | tʰi˧-se˥, | le˧-mv̩˥-kv̩˩-ze˩! |
"o! le˧-ʝi˩-ze˩, | le˧-ʝi˩-ze˩! | o! tʰo˩lo˧-bv̩˧ | kɤ˩-tjɤ˧ljɤ˧ | tʰi˧-lɑ˧-ze˥!" | pi˧. |
õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ʐwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩!
tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-se˩-dʑo˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥ | tʰi˩˥ | gi˩˥, | ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | le˧-tɕɯ˧˥, | le˧-tɕɯ˧˥, | le˧-tɕɯ˧˥, | tʰi˩˥, | ɖæ˩mi˧... | <go˧...> mmm... zo˩no˥... | sɯ˧pʰi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | sɯ˧pʰi˧-hĩ˧-ɳɯ˩ | ʐwæ˧ le˧-tɕɯ˧˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-po˩-kʰɯ˩! | tʰi˩˥... |
tʰo˩lo˧ di˧-kʰɯ˥, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩-di˩-kʰɯ˩! | sɯ˧pʰi˧-ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥! |
gi˩˥, | sɯ˧pʰi˧ | ʐwæ˧ mɤ˧-tɕɯ˧˥, | õ˧˥ | v̩˧lɑ˩ | le˧-ʝi˥, | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ ɖɯ˩, | õ˧˥ | dɑ˧ʝi˩ | le˧-hwæ˧! |
dɑ˧ʝi˩... | tʰo˩lo˧ | ɖɯ˧-v̩˧, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩ | ɖɯ˧-v̩˧, | ʐwæ˧ʁo˩ | ɖɯ˧-v̩˧... | hhh... əəə... wɤ˩˥, | dɑ˧ʝi˩ | ɖɯ˧-v̩˧, | qʰv̩˧-kv̩˧ dʑo˧˥ | -ɲi˩, | njɤ˧=ɻ̍˩, | ɑ˩ʁo˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
qʰv̩˧-kv̩˧-hĩ˧-tʰv̩˧, | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩˥ | no˧˥ | le˧-tɕɯ˧˥, |
mmm... tʰi˩˥, | ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | tʰi˧-qɑ˧˥; | le˧-tɕɯ˧˥ | hɯ˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | ʐɤ˩mi˩-qo˥, | ʈʂʰɯ˧-qo˧ | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ | tsʰɤ˧˥, | ʈʂʰɯ˧sɯ˩kv̩˩ | tsʰɤ˧-mɤ˧-ʁo˧-ɲi˥! |
njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | ɖɯ˧-pi˧˥ | hɤ˩˥! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩, | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ | tsʰɤ˧-lɑ˥-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
le˧-tɕɯ˩~tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ɑ˩ʁo˧ tʰv̩˧-ho˩, | gi˧dʑɯ˧ kʰi˧ | tʰi˩˥, | jo˧gv̩˧-ŋv̩˧ɭɯ˧-ʈʰæ˧qo˩ tʰv̩˩-dʑo˩, |
kʰv̩˧mæ˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩-ɲi˩! |
ʐwæ˧ F | kv̩˧ɲi˥ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-wɤ˩! | ʝi˧kʰv̩˥, | ʐwæ˧ le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩! | õ! hĩ˧ F | le˧-ti˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-tsɯ˩ | -mv̩˩.
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | njɤ˧-bv̩˩ | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ŋwɤ˩-kv̩˩ ʈʂæ˥ | po˧-hɯ˧-ɲi˥! |
ʁwɤ˧-qo˧ | ɖɯ˧-ʑi˩-bv̩˩, | mmm... ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɖɯ˧-ʑi˩-ɳɯ˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˧-v̩˧... | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˧-v̩˧ ʁɑ˧ʂe˩, | tɕɯ˧-ʁɑ˧ʂe˥-zo˩, | lo˧gv̩˩-hĩ˩-bv̩˩-ɲi˩-tsɯ˩-zo˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | li˩læ˩˥ | -dʑo˩, | lo˧gv̩˩-pi˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
lo˧gv̩˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-ʑi˩-bv̩˩ ɲi˩-tsɯ˩-zo˩! |
ʈʂʰɯ˧-ʑi˧=ɻ̍˧-ɳɯ˥, | ʁɑ˧ʂe˩-zo˩ | ŋwɤ˩-kv̩˩˥! | njɤ˧-bv̩˩ ŋwɤ˩-kv̩˩! | ʐwæ˧ | tsʰe˩-kv̩˩-hĩ˥-ʈʂʰɯ˩, | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩-ɲi˩! |
ʝi˧-bi˧-di˧ mɤ˧-di˥! | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˧-v̩˧-hĩ˧-ʈʂʰɯ˧, | dʑi˧hṽ̩˥ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-pʰv̩˧-po˧-hɯ˧-ɲi˥! |
hhhh! ə˧mi˧! | le˧-ɖwæ˩! | njɤ˧ | ə˧ʑi˧˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˩: |
"ɖʐe˧ se˩, | tʰi˧-se˩-kʰɯ˩! | njɤ˧ | zo˧ <se˥-ze˩> [tʰi˧-se˥-ʝi˩], | njɤ˧ | zo˧ | dʑɤ˩˥ | mɤ˧-do˧-ze˥!" | pi˧-zo˩. |
ʁwɤ˧-qo˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʁɑ˥-ʂe˩ | ʂe˧-hɯ˧-dʑo˧, | hæ̃˧qʰv̩˥-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.
bɑ˩lɑ˩˥ | mv̩˧-di˩ mɤ˩-dʑo˩! |
ɬi˩qʰwɤ˩˥ | tɑ˧kʰv̩˩ | tʰv̩˧-kʰwɤ˥-lɑ˩ | tʰi˧-ki˩! |
hĩ˧-ɳɯ˩ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ɣɯ˩ʂɯ˩-po˩-hɯ˩! | ʐwæ˧-lɑ˩ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-di˧-po˥-hɯ˩! |
wɤ˩˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ gv̩˩! |
tʰi˩˥, | "mɤ˧-ɖwæ˩! | mɤ˧-ɖwæ˩!" | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥. | "wɤ˩˥, | ə˧tso˧ ɖwæ˩-tso˩ dʑo˩? | njɤ˧-ɳɯ˧ | wɤ˩˥ | hwæ˧-bi˧!" | pi˧. |
wɤ˩˥ | le˧-hwæ˧, | gi˩˥ | le˧-tɕɯ˧˥! | õ! õ˧-ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥ | dʑo˩ | tʰi˩˥, | zo˩no˥... |
njɤ˧-ɳɯ˧ tʰi˧-ʂv̩˧ɖv̩˧... ə˧ti˥dzi˩-pi˩-hĩ˩, | zo˩qo˧ ɲi˩, | mɤ˧-do˩! | njɤ˧ | mɤ˧-sɯ˥! |
mmm... ə˧ti˥dzi˩, | ə˧ti˥dzi˩ hɯ˩-dʑo˩, | gi˧dʑɯ˧ kʰi˧ le˧-jo˥-kv̩˩-tsɯ˩-mɤ˩-tsɯ˩? |
- ə˧ti˥dzi˩!
ĩ˧, | ə˧ti˥dzi˩! | zo˩no˥, | po˧ʂæ˧-pi˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-ʝi˧ ɲi˩-ə˩-di˩-wɤ˩? |
po˧ʂæ˧-lɑ˧... | zo˩no˥ | ʐwɤ˩˥ | -dʑo˩, | po˧ʂæ˧-lɑ˧ | fv̩˩ko˩˥ | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥ | ʐwɤ˩˥ | -dʑo˩! | hæ˧-ʐwɤ˩-dʑo˩! |
õ! ə˧ti˥dzi˩ | pi˧-hĩ˧ | tʰv̩˧-qo˧-dʑo˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | v̩˧lɑ˩-ʝi˩, | qʰɑ˩ne˩˥ | dʑɤ˩-kv̩˧˥ | -mv̩˩!
ə˧ti˧-bɑ˧lɑ˥ | pi˧-zo˩, | bɑ˩lɑ˩˥, | hṽ̩... | ʂe˧ʈʂe˩ | ʈʂʰɯ˧-ʁo˥, | ə˩-gi˩! | ɖɯ˧-tsʰi˥~ɖɯ˩-tsʰi˩, | ɖɯ˧-tsʰi˥~ɖɯ˩-tsʰi˩-hĩ˩-tʰv̩˩, | qʰɑ˩ne˩˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-jo˩-kv̩˩! |
le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-jo˩, | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩, | dʑi˧ qæ˧, | dʑi˧hṽ̩˥-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | hwæ˧-kv̩˧-ze˥-mæ˩! |
ə˧ti˧-dʑɯ˩ki˩, | pi˧-zo˩, | dʑɯ˧ki˥ | ɖɯ˧-kʰɯ˩-ɳɯ˩, | lo˩jɤ˧ | ɖɯ˧-pʰæ˧-lɑ˥ ɲi˩ | tʰi˩˥, | ŋv̩˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-bv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-pʰæ˧˥! |
tʰi˩˥, | no˧˥, | qʰɑ˩jɤ˩˥ | kwæ˧tɕʰæ˩-ɲi˩! | ə... pʰv̩˧ɖɯ˧˥ | -ɲi˩, | ə˩-gi˩! | ɖɯ˧-pʰæ˧˥! |
ʈʂʰɯ˧ | hĩ˧ | ɖɯ˧-ʑi˩, | ɑ˩ʁo˧ | tʰi˩˥ | lo˩jɤ˧ | tsʰe˩-pʰæ˩ dʑo˩-ze˥-se˩, | <tsʰi˧...> tsʰi˧ʝi˧ | ɖɯ˧-kʰv̩˧˥ | ə˧tso˧ mɤ˧-ɲi˩, | le˧-dzɯ˥ | le˧-lv̩˩-ɲi˩! |
<ə˧ʝi˧...> ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-ni˧˥, | ŋv̩˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-tɑ˩~ɖɯ˩tɑ˩, | zo˩qo˧ dʑo˧? |
lo˩jɤ˧ | ɖɯ˧-pʰæ˧ pi˥! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | pæ˧kʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧ | pi˧-kv̩˩-mæ˩! |
zo˩no˥, | pæ˧kʰwɤ˧ | pi˧-ɲi˥-mæ˩! | pæ˧kʰwɤ˧, | ə˩-gi˩! | pæ˧kʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧! |
ʈʰæ˧qʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧˥, | ə... so˧-ɭɯ˧-lɑ˧ ɲi˥! | pæ˧kʰwɤ˧ | so˧-ɭɯ˧! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩ | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ ɖɯ˧-ɭɯ˧˥! | pæ˧kʰwɤ˧ | so˧-ɭɯ˧! |
ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩=ɻæ˩-ɳɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥. | njɤ˧ ə˧v̩˧˥ | ʈʰææ̃˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | zo˩qo˧ mɤ˧-ɲi˩ | bi˧-kv̩˧˥ | -mv̩˩!
ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩, | mv̩˧ɭɯ˩! | mmm... sɯ˧pʰi˧ ɖɯ˧-ʑi˩-bv̩˩, | mv̩˧ɭɯ˩ | kv̩˧tsʰɑ˧=ɻ̍˧ pi˥-zo˩! |
zo˩no˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧-ki˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | njæ˧=ɻ̍˩ | le˧-sɯ˥-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | <kv̩˧sɑ˥> [kv̩˧tsʰɑ˥] | ki˧-zo˧-pi˧-ɲi˥-wɤ˩! |
kv̩˧tsʰɑ˧=ɻ̍˧ pi˥, | kv̩˧tsʰɑ˥ | ki˧-zo˧ pi˧-zo˥! |
tʰi˩˥, | sɯ˧pʰi˧ | ɖɯ˧-ʑi˩ ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩! | tʰi˩˥, | kv̩˧tsʰɑ˥-ki˩ dzi˩-hɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
kv̩˧tsʰɑ˥-ki˩ dzi˩-pv̩˩-kʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩! |
ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | <ɖæ˩mi˧ tʰi...> ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ki˩ ki˩! |
ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩ ki˩-ɳɯ˩, | tʰi˩˥, | wɤ˩˥, | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩=ɻ̍˩-ɳɯ˩ | le˧-tɕɯ˧˥! |
le˧-tɕɯ˧˥, | mv̩˧ɭɯ˩... | mv̩˧ɭɯ˩ | kv̩˧tsʰɑ˥ | hĩ˧ ʝi˧-hɯ˧! |
mv̩˧ɭɯ˩-lɑ˩ | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩, | tʰi˧-pʰæ˧~pʰæ˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! |
zo˩no˥, | mv̩˧ɭɯ˩-dʑo˩, | ɖæ˩mi˧-hĩ˧-ni˧gv̩˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! |
ɖæ˩mi˧-sɯ˩-pʰi˩ | hĩ˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! | ə˧mv̩˧-gi˥zɯ˩-ni˩! |
no˧ mɤ˧-dʑo˧, | njɤ˧ ki˧-ki˩! | njɤ˧ mɤ˧-dʑo˧, | no˧ ki˧-ki˩! |
njɤ˧ | hĩ˧ | dʑɤ˩pi˧ dʑo˧˥ | pi˧-dʑo˩, | no˧ ki˧-ki˩! | õ! tʰi˩˥, | no˧ | hĩ˧ ʈʂʰɯ˧-v̩˧, | no˧-ɳɯ˧-dʑo˥, | sɯ˧pʰi˧ ʝi˧-pv̩˥-kʰɯ˩! |
tʰi˩˥, | ɖɯ˧-dzɤ˥, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ ʝi˩-tʰɑ˩-ɲi˩-ze˩-mæ˩! | <ɖæ˩mi˧-z...> ɖæ˩mi˧=ɻ̍˩-ɳɯ˩! |
tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | -dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɖæ˩mi˧sɯ˩pʰi˩=ɻ̍˩-ɳɯ˩-dʑo˩, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | ɖɯ˧-ʈʂæ˧ ʝi˧-pv̩˥-kʰɯ˩-ɲi˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | ɖɯ˧-ʈʂæ˧ ʝi˥-kʰɯ˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ | tʰi˩˥, | mmm... mv̩˩zo˩=ɻæ˥, | ə˩-gi˩! |
mv̩˩zo˩=ɻæ˩-lɑ˥ | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ | tʰi˩˥, | dʑɤ˩↑bv̩˥-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
dʑɤ˩bv̩˧, | dʑɤ˩bv̩˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə... mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | tʰv̩˧-v̩˧-ɳɯ˩-dʑo˩, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩-bv̩˩ | ɖʐv̩˧-qɑ˧ dʑɤ˥bv̩˩-dʑo˩! |
tʰi˩˥, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩-ɳɯ˩ | mɤ˧-fv̩˧-zo˩! | wɤ˩˥ | le˧-wo˥ | le˧-tsʰɯ˩-kʰɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩! | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ki˩ ki˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ki˩ ki˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧-ɳɯ˥: | "mɤ˧-bi˧-ze˧! | njɤ˧, ə... | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩ | hĩ˧ F | ʝi˧-mɤ˧-bi˧!"
mmm... "mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | hĩ˧ F | wɤ˩˥ | [ʝi˧-mɤ˧-bi˧! |] njɤ˧ | õ˧-bv̩˥-õ˩... | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩-ze˩!" | tʰv̩˧ pi˧-zo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!
njæ˧sɯ˩kv̩˩-ʁwɤ˩-qo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧-lɑ˥ | ɖɯ˧-ʑi˩-lɑ˩ dʑo˩-ɲi˩! | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧! |
tʰi˩˥, | ɖɯ˧-ʑi˩~ɖɯ˩-ʑi˩, | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧ dʑo˩, | "ə˧v̩˧˥, | ʁɑ˩mi˧! | ə˧v̩˧-kɤ˧zo˧, no˧-ɳɯ˧ ɖɯ˧-tɕɯ˧-ɻ̍˥! | ʁɑ˩mi˧! | njɤ˧-ki˩, | tsʰe˧ pʰv̩˧ li˥ pʰv̩˩ kwɤ˩-ki˩-tsæ˩-ɲi˩!" | pi˧. |
õ! "tsʰe˧ | hwæ˧ le˧-po˧-jo˥, | li˩ hwæ˥ | le˧-po˧-jo˧! | pi˧, | ʈʂʰɯ˧-ki˧ | tʰi˧-hwɤ˩! | tɕɯ˧-pv̩˥-kʰɯ˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | zo˩no˥, | hĩ˧=ɻæ˧-ni˧˥, | zo˩no˧-<ɳ>hĩ˧ ni˧˥ | lo˧pæ˧ tsɤ˧-ɲi˥-ze˩-wɤ˩! | hɤ˩ ɲi˥-ho˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | -dʑo˩ | le˧-tɕɯ˧˥! | zo˩qo˧ mɤ˧-ɲi˩, | tʰi˧-hɑ̃˧˥! | hhh... le˧-hɑ̃˧˥, | le˧-hɑ̃˧˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | gi˩˥ | -dʑo˩,
ə... ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ɖɯ˧-v̩˧ gi˧˥, | ɲi˧-kv̩˧ hwæ˥! | ɲi˧-kv̩˧ gi˥, | so˩-kv̩˩ hwæ˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | lo˧pæ˧ tsɤ˧! |
lo˧pæ˧ le˧-tsɤ˧-se˩-dʑo˩, | tʰi˩˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə... ho˧di˧! | ə... ho˧di˧ | ɖæ˩mi˧-qo˧<-ɳ>... ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩=ɻ̍˩-ɳɯ˩, | "ho˧di˧ ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧-hõ˧!" | pi˧, | ho˧di˧ ɕi˧ʈʂʰwæ˧ le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! |
tʰi˩˥, | ɖæ˩mi˧-qo˧ | tʰi˧-sɑ˧˥! | wɤ˩˥, | ɖæ˩mi˧=ɻ̍˩-ɳɯ˩ | tʰi˩˥, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | wɤ˩˥, | ɬɑ˧sɑ˧ po˧-pv̩˥-kʰɯ˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ɬɑ˧sɑ˧! | no˩-dʑo˧, | ʈʰææ̃˧ | le˧-tɕɯ˧˥... | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩ | gɤ˩tɕo˧ tɕɯ˧˥! |
mmm... ɬɑ˧sɑ˧-bv̩˧, mv̩˩tɕo˧ tɕɯ˧˥! | ə... dʑɤ˧do˩-bv̩˩, | gɤ˩tɕo˧ tɕɯ˧˥! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ʈʰææ̃˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ɑ˩ʁo˧-hĩ˧ | dzi˩-di˩ dʑo˩˥ | mɤ˧-kv̩˧˥! | zo˧-ʈʂʰɯ˧-dʑo˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! |
mv̩˧ʐe˧-qo˥, | ə˧mi˧=ɻæ˩-dʑo˩, | le˧-tsʰɯ˩-pi˩, | ʐwæ˧-zɯ˧ kʰv̩˧! | ʐwæ˧-hɑ˧ ʂe˩! |
ĩ˧! | õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-dʑo˩ | tʰi˩˥, | mv̩˧tsʰi˧-qo˩ tʰv̩˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | ə... ʐwæ˧ dʑo˧-hĩ˥=ɻæ˩, | dʑi˧ qæ˧ kʰɯ˩-kv̩˩-ze˩-pi˩-kv̩˩! | tso˧~tso˧ le˧-hwæ˧-le˧-po˧-jo˥! |
tʰi˩˥, | hĩ˧=ɻæ˥ | mɤ˧-dʑo˧-hĩ˧-ki˧ | le˧-hwæ˧! | tʰi˧-tɕʰi˧! |
ɑ˩ʁo˧, | zo˩no˥, | <ko˧...> ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-ni˩, | ko˧sɯ˧ F | mɤ˧-di˩, | ə˩-gi˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩! |
ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ɳɯ˩ | le˧-hwæ˧ | le˧-po˧-tsʰɯ˧-hĩ˥-lɑ˩-ɲi˩-mæ˩! |
ɖɯ˧-ʁwɤ˧, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩ | so˩-kv̩˩ dʑo˩˥, | pi˧-dʑo˩, | njɤ˧=ɻ̍˩-ɳɯ˩ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | pi˧, | njɤ˧ | ɑ˩ʁo˧ | hwæ˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-ze˩-mæ˩! |
"ə˧mi˧! no˧=ɻ̍˩ | ə˧tso˧ tɕɯ˧˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥?" | pi˧. |
"njɤ˧=ɻ̍˩ | ʈʂʰɯ˧-ʂɯ˥-dʑo˩, | qʰwɤ˩ tɕɯ˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥!" | ə... "ʂe˧ʈʂe˩ tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥!" | pi˧. |
"ə˧mi˧! | njɤ˧-ki˩ | qʰwɤ˩˥ | ɲi˧-tʰv̩˩ tɕʰi˩-ɻ̍˩!" | pi˧. |
ə... qʰwɤ˩˥ | ɖɯ˧-tʰv̩˩, | lo˩jɤ˧ | ɲi˧-pʰæ˧-lɑ˥-ɲi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | <kwɤ˩-pi˧...> ...no˧˥... | pæ˧kʰwɤ˧ | ɲi˧-ɭɯ˧! |
tʰi˩˥ | no˧˥, | qʰɑ˩ne˩˥ | pʰv̩˧-ɖɯ˧ ɲi˥, | ə˩-gi˩! | pʰv̩˧ʐɯ˧ | ʐwæ˩˥, | ə˩-gi˩! |
tʰi˩˥, | hĩ˧ | ʈʂʰɯ˧-ʂæ˧~ʂæ˧-hĩ˧-qo˩ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥ | pi˧-kv̩˩: | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | hæ˧-di˩ kʰi˩ | -dʑo˩, | zo˩no˥, | ə... <njɤ˧-ɳɯ˧...> njɤ˧ ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥, | ʐwɤ˩-dʑɯ˩-hĩ˥-lɑ˩, | ɖɯ˧-ɲi˥~ɖɯ˩-ɲi˩ | tjɤ˧ʂɯ˧-qo˥ | tʰi˧-li˧-tɕɯ˧˥, | [pʰæ˧-di˩! |]
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | hæ˧-ʈʂʰɯ˧-dʑo˩, | ʈʂʰwæ˧˥ | v̩˧lɑ˩-ʝi˩-ɲi˩-ho˩, | ə˩-gi˩! | hæ˧-di˩ kʰi˩ | -dʑo˩, | tso˧~tso˧... | ʐwæ˧ le˧-ʑi˩, | ʈʂʰɯ˧-qo˧ tʰi˧-ʈæ˩! | ə... zo˩no˥, | tso˧~tso˧... | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | -qo˩, | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩-ɻ̍˩, | ə... zo˩no˥... |
le˧-gwɤ˩~gwɤ˩, | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩, | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩-dʑo˩, | dʑi˧hṽ̩˧-ʈʂʰɯ˧, | ze˩-bæ˧ <ho˥ʂɯ˩> ho˥, | ze˩-bæ˧ <mɤ˧-ho˥ʂɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩> | mɤ˧-ho˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩, | le˧-sɯ˥[-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩] | tʰi˩˥ | le˧-hwæ˥~hwæ˩! |
wɤ˩˥ | le˧-tɕɯ˩~tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! | wɤ˩˥ | ɬi˧di˩ | tɕʰi˧-kv̩˥-mæ˩! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥... | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩, | qʰɑ˩ne˩˥ | ʈʰi˩-kv̩˩˥ | -mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |
tʰi˩˥, | mv̩˩zɯ˩-ni˥mi˩=ɻæ˩ dʑo˩-hĩ˩-dʑo˩, | hĩ˧=ɻæ˥... | "ʈʂʰɯ˧, mv̩˩zɯ˩-ʝi˥-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-v̩˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩! | hɤ˩˥ | ʐwæ˩˥!" | pi˧-zo˩. |
"dʑi˧hṽ̩˥ | le˧-tɑ˧˥, | ə˧v̩˧-hĩ˥ | mv̩˧-di˩ dʑo˩-kv̩˩!" |
tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ <mɤ˩-di˩> [mɤ˧-dʑo˩]-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩, | pʰi˧! | pʰi˩-ʈʰæ˩qʰwɤ˥-lɑ˩ ki˩-ɲi˩-mv̩˩!
ə˧mi˧=ɻæ˩, | ɲi˧mi˧ qʰæ˧-ʂæ˧ | pʰi˩ dɑ˩˥! | sɑ˧ le˧-ɲi˩, |
no˧ | zo˩no˥ | sɑ˧ ɲi˥-kv̩˩-mɤ˩-ho˩, | zo˧mv̩˥-dʑo˩! | zo˩no˥, | njæ˧sɯ˩kv̩˩, | nɑ˩ ɲi˥-pi˩-bi˩-bi˩! |
sɑ˧ pʰv̩˧-ʈʂʰɯ˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩, | tʰi˩˥, | sɑ˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tɕɯ˧ɭɯ˧ ɲi˥-wɤ˩! |
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩! | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩! |
ɖɯ˧-hɑ̃˧-ɳɯ˥, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | qo˩tv̩˥ | ɖɯ˧-ɭɯ˧~ɖɯ˧-ɭɯ˧ ɲi˩! |
tʰi˩˥, | ə... le˧-ʈʂʰæ˥, | le˧-tɕɤ˧˥, | ə˧bo˧! | lo˧ hɑ˧ | ʐwæ˩-ɲi˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tʰi˩˥, | ɖɯ˧-kʰv̩˧-qo˥ | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ | <ɲi˧-ɭɯ˧ ʐ...> ɖɯ˧-ɭɯ˧ ʐv̩˥-dʑo˩, |
ʈʰæ˧qʰwɤ˧-ʈʂʰɯ˧ | ʈʂe˩-kʰɯ˩-ʈʂʰɯ˥-ɳɯ˩ | ʈʂʰɯ˧-ʁo˥-ɳɯ˩, | hĩ˧-ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ | tsʰɤ˧˥ | -ɲi˩-wɤ˩! | wo˧-zo˥! |
tsʰɤ˧˥ | -ɲi˩-wɤ˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥, | tʰi˩˥, | ʁɑ˩ʂɯ˧ | mv̩˧-v̩˩-tʰv̩˩ ɲi˩! |
tʰi˩˥, | ʝi˧kʰv̩˥ | ʂe˧ʈʂe˩ | hwæ˧ le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ʂe˧ʈʂe˩-ʈʰæ˩qʰwɤ˩ ʈʂʰɯ˩-ɭɯ˩ | -dʑo˩, | dʑi˧ qæ˧-di˧ ʝi˥! | lo˧ ʝi˧, | tʰɑ˧-mv̩˧! |
õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | hĩ˧ ʝi˧! | ə... ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩ ʈʂʰɯ˩-dʑo˩, | dʑɯ˩nɑ˩mi˩-ʁo˥ | le˧-hɑ̃˧˥, | le˧-hɑ̃˧˥, | zo˩qo˧ tʰv̩˧-ɻ̍˧, | mv̩˩tsʰo˩˥ | le˧-dɑ˧˥, | si˧ le˧-gv̩˥, | ə˧so˧ tʰv̩˧-v̩˧ pi˧-ni˧˥, |
ɲi˧-kv̩˧˥ | tɕʰo˧~tɕʰo˥ bi˩, | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | mv̩˩tsʰo˩ dɑ˥, | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | si˧ ʂe˩. | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | dʑɯ˧ ʑi˧! | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | hɑ˧ tɕɤ˩! |
æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩... | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˩-mæ˩! | ɑ˩ʁo˧... | mv̩˩zo˩=ɻæ˩-ɳɯ˥ | le˧-ʈʂæ˧, | gɤ˩-mɤ˧-ʈi˩: |
"<ʐwæ˧-se...>ʐɤ˩ se˩-zo˩-ni˥, | ɖɯ˧-v̩˧ si˧ ʑi˧ hõ˧˥! | ə... ɖɯ˧-v̩˧ dʑɯ˩ qwæ˩-hõ˩˥! | ɖɯ˧-v̩˧, | mv̩˧ kʰɯ˩-hõ˩!" | pi˧-zo˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ʈʂæ˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |
ʐɤ˩ se˩-zo˩ ʈʂʰɯ˩-tɕi˥, | ɖwæ˧˥ | nɑ˧mi˧ tʰv̩˧-ɲi˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | ʐ... ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-dʑo˩! |
ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | no˧ | ɖɯ˧-v̩˧, | ɲi˧-kv̩˧-lɑ˥ mɤ˩-ɲi˩-mæ˩! | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ɲi˧tsi˧, | so˧tsʰi˧! |
ʈʂʰɯ˧ | wɤ-ɕjɤ-ɕjɤ!! | pi˧-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | õ˧-bv̩˥-õ˩ le˩-jo˩-kv̩˩-mæ˩! |
tʰi˩˥, | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧~ɖɯ˧-v̩˧ dʑo˧, | kʰɤ˧gɤ˧ mv̩˧ʈʂæ˧ kv̩˧˥ | -mæ˩! | ɖɯ˧-v̩˧~ɖɯ˧-v̩˧, | ɻ̍˩pɑ˧ mv̩˧ʈʂæ˧ kv̩˧˥ | -mæ˩! | tʰv̩˧-ɲi˥-kv̩˩-bv̩˩ | mv̩˧ ɻwæ˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-jo˩-kv̩˩-ɲi˩! |
tʰi˩˥, | ɖɯ˧-v̩˧~ɖɯ˧-v̩˧-ɳɯ˧, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧... | qo˩qɑ˩-ʁo˥ | tʰi˧-hĩ˧˥, | "wɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ!" pi˧-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | nv̩˧tv̩˥-ʈʂʰɯ˩ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-tɕi˧~tɕi˧ ki˩; | ʁɑ˩ʂɯ˧ | hĩ˧ | le˧-so˩ | kv̩˧-zo˥ | tʰi˩˥, | dʑɤ˩˥ | ʂe˧-bi˧-zo˧, | mɤ˧-kv̩˧˥! |
zo˩no˥, | ɑ˩ʁo˧-ʐwæ˧-ni˧˥, | ə˧zɯ˩ | no˧-ɳɯ˧ | ə˧zɯ˩ | ʐwæ˧ʁo˩ ʂe˩ kʰi˩-ni˩-zo˩, | ɖɯ˧dv̩˩~ɖɯ˩dv̩˩ | ɖwæ˧˥ | dʑo˩-ɲi˥-mæ˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥, | tʰi˩˥, | le˧-tɕɯ˩~tɕɯ˩, | bi˧, | hhh! ɑ˩ʁo˧, | tʰi˩˥, | ʐwæ˩mi˩˥, | ɖɯ˧-v̩˧-lɑ˧, | ɑ˩ʁo˧ dʑo˩-kv̩˩-ze˩! |
ʐwæ˩mi˩-tʰv̩˩-v̩˩˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩ | le˧-ʐɤ˧! |
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | no˧ | ʈʂʰɤ˧tsɯ˧ | mɤ˧-tʰo˥! | ʈʰææ̃˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-lɑ˩ ɲi˩-mæ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩, | ɖwæ˧˥ | ʈʰi˩˥, | ə˩-gi˩! |
õ˧tʰv̩˧ne˧ gv̩˧-ɲi˥-tsɯ˩! |
Autrefois... On avait un oncle – l’un des fils de ma grand-mère maternelle – qu’on appelait kɤ˧zo#˥. Son nom complet, c'était kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩. Lui, autrefois, il faisait du commerce par caravane! On lui confiait la conduite de caravanes entre Yongning et Lhasa, pour le compte du seigneur de Yongning. Nous autres, les enfants, on participait aux préparatifs, avant le départ des caravanes. On préparait de la farine de céréales pour la nourriture des chevaux. Si on partait pour une durée d'un mois, il fallait de la farine pour les chevaux pour tout un mois! (Note: il pouvait s'agir de diverses céréales: maïs, blé, sorgho...) Et la caravane emportait tout ça. Quand on revenait de Lhasa, on rapportait du thé, et aussi du beurre. On ramenait ces produits-là à dos d'animaux jusqu'à Yongning; certains d’entre eux, on les vendait sur place, et d’autres étaient expédiés depuis Yongning vers d’autres destinations. Mon oncle, on le désignait comme "chef de caravane", autrefois! On parlait du "chef de caravane", et des "palefreniers". Les caravaniers les plus doués, ils chevauchaient l’une des deux montures de tête, et ils portaient le titre de "chef de caravane". (Note: ils avaient parmi leurs responsabilités celle du choix des marchandises achetées à destination, avec le produit de la vente de ce que la caravane avait apporté. Les deux chevaux qui marchaient en tête étaient magnifiquement bridés et décorés.) Quant aux palefreniers, c'étaient des assistants. C’était un statut prestigieux, d’être chef de caravane! Les gens disaient: "Oh! Voyez, il est en tête de la caravane! Ce sont les Latami qui dirigent la caravane!" On les appelait "les voyageurs", ceux qui partaient en caravane, autrefois! C’est à eux qu’on devait le thé et le beurre, précieuses denrées qui venaient garnir les réserves à la maison! L’absence des caravaniers pouvait durer un mois, ou juste une vingtaine de jours. Par exemple, on partait dans le Sichuan, vers Xichang; on chargeait du beurre et du thé sur les chevaux, et on allait vendre tout ça dans le Sichuan, autrefois! Ca prenait un mois. Quand ils revenaient à la maison, ils nous ramenaient toutes sortes de cadeaux, à nous qui étions restés à la maison! Pour un enfant: une paire de vêtements! Pour sa mère: des vêtements, une jupe! Pour sa petite sœur: une jupe! Pour sa sœur aînée: une jupe! Nous les filles, on n'était que trois, dans ma génération. Les trois sortes de cadeaux pour les femmes de la maison, c’étaient des robes, des chemises, et des ceintures de tissu. Et aussi la coiffe en fils tressés, qui sert à attacher la chevelure! On parlait de "rapporter des coiffes du Sichuan". Autrefois, à part celles qui venaient du Sichuan, les coiffes, ici, il n'en existait pas! Et pour les demoiselles de la noblesse, autrefois, c’était un accessoire indispensable. Les gens qui allaient dans le Sichuan, on leur demandait d'acheter des coiffes! des coiffes en satin! Nous autres, autrefois, on portait le costume na. De nos jours, on ne le porte plus, mais moi, j’en possède encore un, n'est-ce pas! Or le satin dont on se servait pour confectionner le costume na, il était acheté dans le Sichuan (=dans la région de Xichang). Pour quelqu'un qu'on aimait bien, on rapportait des cadeaux, par exemple une longue coiffe en satin! (Note: sa longueur pouvait atteindre vingt mètres; on l'enroulait tour après tour sur la tête.) "Eeeeh! Vous autres, votre grand frère va revenir!" disait-on aux femmes dont un frère était parti en caravane. "Il va vous ramener des coiffes en satin!" Voilà ce qu'on disait, quand une caravane était partie au Sichuan! Alors, l'homme qui était parti avec les caravanes ramenait à chacun un petit quelque chose. Du Sichuan, on ramenait aussi du riz! On transportait du riz, et on le donnait au seigneur, qui commanditait les caravanes. Ou alors, si on avait un peu d'argent, on achetait une mule, puis un cheval, et on organisait sa propre caravane! (Explication: l’espoir des caravaniers employés par le seigneur était d’épargner de l'argent pour s'acheter ses propres chevaux, et se mettre à son compte. Pendant la courte époque où le commerce de Lhasa vers Lijiang eut une importance considérable, cette activité occupait parfois la majorité des hommes d'une famille: par exemple, dans une famille qui comptait trois hommes valides, un seul restait à Yongning pour les travaux des champs, et les deux autres faisaient du commerce en caravane.) Les caravanes, il y a des chansons qui en parlent. On chantait: "Je rapporte du thé des pays lointains; mais de retour à la maison, j’apprends que ma mère est morte tandis que j’étais au loin! Quelle tristesse et à quoi bon de bonnes choses que ma mère n’est plus là pour partager!" Et encore: "Il est bien doux de boire son content d’infusion de pivoine, et de thé; mais si ma mère est morte tandis que j'étais au loin, alors à quoi bon, quel plaisir pourrait-on encore y trouver?" Cette chanson, elle évoque les racines de pivoine qu’on allait déterrer en montagne, et qu’on utilisait quand on n’avait pas de thé à la maison. Dans le temps j’en préparais souvent pour ma mère, des décoctions des copeaux séchés de bulbes de pivoine. Voilà ce que disait la chanson: "Si on n’est pas en compagnie de sa mère, des gens qu'on aime, comment pourrait-on savourer le plaisir des infusions de pivoine! Or voilà que ma mère est morte; alors à quoi bon!" Les caravaniers, autrefois, ils ramenaient des tissus. Il y en avait des pièces toutes blanches, très longues, mesure après mesure! Avec deux mesures, on ne pouvait faire qu'une seule robe. Lorsqu'on achetait du tissu, c'est comme ça qu'on raisonnait: on calculait combien de robes on voulait en tirer, et il fallait le double de mesures de tissu. Pendant ce temps les gens au village disaient: "Aaaah! Ceux qui sont partis vers le Sichuan, ils vont ramener de quoi faire des robes!" Les jeunes filles, si elles avaient un bon ami parmi les hommes qui étaient partis en caravane, il leur ramenait des cadeaux! On disait aux jeunes femmes: "Eeeeh! Vous autres, votre ami va revenir! Vous allez pouvoir changer de vêtement!" Mmh, j’ai oublié quelque chose. Le Sichuan, on allait aussi y faire le commerce du sel, n'est-ce pas! La ville de jɤ˧ŋɤ˧ (=Chengdu), c'est quoi son nom actuel? Moi je ne sais pas comment on l’appelle de nos jours! Eh bien, cet endroit, jɤ˧ŋɤ˧, les caravanes s’y rendaient fréquemment. Et aussi à ho˧di˧ (=l'actuel Sichuan: Yanyuan, Xichang...). Il y avait aussi une destination qui s'appelait ə˧ti˥ (=sans doute l'actuel Weixi 维西). L'aîné des oncles, comme je disais, il portait le titre de "chef de caravane"! (mot tibétain) C'est l'équivalent de ce qu'on appellerait aujourd'hui "le patron" (mot chinois: 老板), n'est-ce pas! Il guidait toute la caravane, tout le monde le suivait! Quant à l'oncle cadet, qui s'appelait ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩, on le chargeait du rôle de palefrenier! Il mettait les charges sur les chevaux; et il était aussi chargé de mener paître les chevaux. Le soir, on dormait là où les chevaux étaient parvenus. Le chef de caravane, il était dispensé des corvées effectuées par les palefreniers; il se reposait sous sa tente. On dépliait les tentes, on empilait les selles! Si le trajet durait un mois, on habitait tout un mois sous la tente! Voilà comment se passait un trajet en caravane. Les sacs en cuir, qu’on utilisait pour le transport, il y en avait de gigantesques! Nous, les femmes, autrefois, on tissait le lin; et les hommes allaient vendre les tissus de lin dans le Sichuan. A chaque fois que les caravaniers partaient, ils emportaient tout le tissu de lin qu'on avait fabriqué. Ca ne se vendait pas bien cher. Voici ce que disait le proverbe: "Le Sichuan, on y perd nos tissus de lin; Lhasa, on y perd nos fils!" Autrefois, quand il partait à Lhasa, votre fils, il n'en revenait pas! Et le tissu de lin, quand les caravanes l’emportaient vers le Sichuan, c'est comme si on l’avait jeté par la fenêtre: on n'en retirait presque aucun argent! (Explication: le tissu de lin partait pour le Sichuan, où il n’était guère prisé et se vendait à bas prix; ce commerce ne rapportait que de maigres sommes d'argent. Les fils partaient à Lhasa pour s'accomplir comme prêtres, ou pour faire du commerce, et beaucoup n'en revenaient pas ou ne revenaient que bien longtemps après, car un marchand ne revenait de Lhasa qu'après avoir fait fortune, et un bonze qu'après avoir acquis la notoriété, faute de quoi la crainte de faire honte à leur famille les dissuadait de revenir. Le chemin était long et ardu; beaucoup n'avaient pas les moyens d'entreprendre le voyage de retour, et demeuraient à Lhasa; d'autres disparaissaient en chemin.) "On perd son tissu de lin dans le Sichuan; et son fils à Lhasa!" Voilà ce que disait le proverbe. Autrefois, les femmes, elles tissaient jusque tard dans la nuit. Certaines s'endormaient au travail; leur tête venait donner contre le montant du métier à tisser, boum! et le choc les réveillait; alors elles se remettaient à filer le lin, filer encore et toujours. Tout ça pour que ce soit ensuite vendu dans le Sichuan! Ceux qui ne pouvaient pas y aller eux-mêmes, qui n'avaient pas dans leur famille d’hommes qui participaient aux caravanes, ils confiaient les tissus aux caravaniers, qui avec le profit de la vente leur achetaient des tissus de coton. Autrefois, tout le coton qu'on portait à Yongning venait du Sichuan! Le tissu de lin, il y en avait des piles haut comme ça! On le pliait, couche sur couche, encore et encore. On en tissait des quantités! C'était ça la seule chose qu’on avait à vendre! Les voyageurs, après avoir vendu le lin, ils ramenaient du tissu de coton. Il me semble qu'il y avait aussi de la soie parmi les choses qu'ils ramenaient de jɤ˧ŋɤ˧ (Chengdu). Pour le petit frère, mon oncle ramenait un habit masculin, en soie! (Note: c'était un vêtement que les hommes portaient à partir de 13 ans: sorte de veste serrée à la ceinture, qu'on portait par-dessus la chemise, dans les grandes occasions: mariage, invitations…) A nous autres, les trois enfants qui n'avaient pas encore treize ans, il donnait une robe en soie. Ca ressemblait au vêtement de soie des dames qu'on voit à la télévision, dans les films historiques! Autre élément de costume, les chaussures. Elles étaient en cuir, cousues avec soin. Il y en avait de vraiment magnifiques! Elles n'étaient pas comme celles d'aujourd'hui! On nous disait: "Eh bien! Vous voici comblés! Votre oncle chef de caravane va revenir, et il va vous donner des vêtements neufs!" Autrefois, l'oncle, qu'est-ce qu'il était généreux envers nous! Il nous achetait toutes sortes de cadeaux. Les neveux et nièces qui avaient un oncle talentueux, ils recevaient de lui de beaux vêtements, autrefois, et aussi de bien bonnes choses à manger! L'oncle était aussi très généreux avec les gens pauvres: il les accueillait à la maison. Les chevaux, il en avait dix. Deux personnes de la famille partaient en caravane: il y en avait un qui jouait le rôle de palefrenier, et un qui était chef de caravane. C'est qu'ils conduisaient pas moins de dix chevaux! Si une seule personne y allait, elle conduisait quatre chevaux! Si on conduisait huit chevaux, là, on y allait à deux, et alors il y avait deux palafreniers, et deux chefs de caravane. Arrivés à la ville, les palefreniers s’occupaient des chevaux, tandis que les chefs de caravane se promenaient par la ville et faisaient des achats. C’est eux qui annonçaient: "Ce soir, on fera étape à lo˧ʂv̩˩! (=Luoshui, au bord du Lac) Demain, on parviendra à lo˧gv̩˩!" (=l'actuel Ninglang) Autrefois, quand on se mettait en route depuis Yongning, on passait la nuit à lo˧gv̩˩! (=l'actuel Ninglang) Quand on se mettait en route depuis Ninglang, on passait la nuit à pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩! (l'actuel 红桥) De là, on ne peut parvenir que jusqu'à lo˧gv̩˩ (=l'actuel Ninglang) en une journée de marche. De Yongning à Ninglang, le trajet comportait trois étapes, autrefois! On passait trois nuits en route! (Note: autrefois, il fallait trois jours entre Ninglang et Yongning; sept jours entre Lijiang et Yongning; trois mois entre Yongning et Lhasa.) Au déjeuner, on ôtait leur selle aux chevaux, et on les menait paître. A nouveau, le soir, on leur ôtait leur selle; on préparait le campement. Des hôtels comme maintenant, ça n'existait pas! On dormait en pleine montagne, au bord du chemin, et voilà tout! Autrefois, on n'empruntait pas le même itinéraire que maintenant. (Note: la route actuelle traverse le fleuve Yangtze nettement plus en aval que là où les caravaniers qui allaient de Lijiang à Yongning le passaient autrefois.) On revenait en passant par le glacier de Lijiang (=l'actuelle mont Yulong). On vous faisait passer par un pont de corde au-dessus du Yangtze. Les chevaux, on les attachait avec un accessoire en bois qui coulissait sur le pont de corde. Une fois le cheval bien accroché, zou!!! on le lançait sur la corde au-dessus du fleuve. De l'autre côté, sur la falaise, quelqu’un agrippait le cheval. La glissière en bois, on la renvoyait par l'autre pont de corde, dont l'inclinaison permettait le passage dans l'autre sens; et ainsi de suite. C’est ça qu’on appelait "passer le Yangtze", autrefois! "Eeeh! Ce soir, les caravaniers, ils vont parvenir au Yangtze!" se racontaient les membres de la famille restés à la maison. Les femmes de la famille, elles comptaient les jours! "Ils doivent être parvenus ici, ils doivent être parvenus là; en tant de jours, ils seront ici, puis là, puis là..." Des téléphones comme maintenant, ça n'existait pas! S'ils ne revenaient pas, quelques jours après la date escomptée pour le retour, la famille commençait à s'inquiéter: "Hélas! Seraient-ils tombés dans une attaque de brigands? Hélas! Mon fils ne revient pas!" Sa mère était très inquiète! Elle courait de droite et de gauche, et s'enquérait: "Il paraît que quelques personnes du village de gæ˧ɻæ˩ [village proche de Yongning] faisaient partie de la même caravane; sont-elles revenues?" Ensuite elle repartait à la course, à nouveau elle posait des questions aux femmes des diverses maisonnées! On demandait des nouvelles aux gens qu'on connaissait, aux amis! Si on est parti ensemble, et que tu es rentré en premier, c'est à toi que ma famille demandera des nouvelles, n'est-ce pas! Si c'est moi qui reviens en premier, c'est à moi qu'on demande! Finalement, quelqu'un qui venait de rentrer donnait des nouvelles: "Ils seront ici d'ici ce soir! Ne vous faites pas de souci, allez!" Mon oncle qui s'appelait kɤ˧zo˧, il était chef de caravane, c'est lui qui était chargé des achats, et qui portait l'argent! L'oncle qui s'appelait pæ˩pʰæ˧˥, il était rudement habile, lui aussi! Il prenait soin des chevaux. Ils allaient à Lhasa, et puis à Xichang, Yanyuan… Nous autres, autrefois, quand on ne savait pas où quelqu'un était parti au juste [dans le Sichuan ou le Yunnan: Chengdu, Xichang, Kunming...], on disait: "Il est parti dans les contrées chinoises! Ce coup-ci, ils sont partis prendre une cargaison de riz!" C'est qu'autrefois, à Yongning, il n'y avait pas de riz! On n'avait que le riz qui était amené par caravane depuis les contrées chinoises. Mais le seigneur, avec l'aide des Chinois, il a compris petit à petit: quelques familles de Chinois se sont installés; et comme ils plantaient quelques parcelles de riz, ça s'est transmis de proche en proche: vous, vous plantez une parcelle; nous; on plante une parcelle; et ainsi de suite. Voilà comment cette culture s'est répandue! Les chevaux, dans une caravane, il pouvait y en avoir trente, quarante, cinquante à la file! Dans la plaine de Yongning, il y avait une troupe de chevaux qui appartenait aux gens du village de qʰæ˧tɕʰi˧; une à nous, les gens de ə˧lɑ˧-ʁwɤ˧; une des gens du village de gæ˧ɻæ˩! une des gens de la montagne de lɑ˧ŋwɤ˧! une des gens du village de ʈʂo˧ʂɯ˧! On se connaissait, on était amis, on se comprenait bien, alors on partait ensemble, en une même troupe. Les chevaux se suivaient, en une longue file, leurs clochettes faisaient "gling, gling, gling!" Les clochettes qu’ils avaient au poitrail faisaient "ding, ding, ding!" et les cloches faisaient des "Brroum, brroum, brroum!" (Note: les mules portaient des cloches qui rendaient un son plus grave.) Nous autres, les gens de la maisonnée, à l'approche de notre caravane, avant même qu'elle soient parvenue dans la vallée, on la reconnaissait à son bruit particulier! On disait: "Ooh! Les voilà, ils arrivent! Ooh! On entend les cloches du cheval de tête!" C'était mon oncle aîné, le frère aîné de ma mère, qui conduisait les chevaux, et mon oncle cadet l'aidait. Quand ils étaient partis en caravane, sur le chemin, ils savaient qu'à tel ou tel endroit on courait le risque de rencontrer des brigands; ainsi prévenus, ils parvenaient à déjouer les brigands! (Note: les brigands connaissaient les caravaniers; ils choisissaient à qui ils s'attaquaient; certains caravaniers qui entretenaient de bonnes relations avec les chefs des brigands --désignés eux aussi comme 'chefs': /kʰv̩˧mæ˧-ʁo˧mi˧/, ton M-- étaient épargnés; des brigands qui s'en seraient pris à eux auraient eu affaire à leurs chefs.) Autrefois, quand on passait le Yangtze, les brigands vous dévalisaient, et emportaient tout avec eux! Le cheval revenait à vide! (Les brigands volaient toutes les marchandises, et laissaient souvent repartir les chevaux; il était difficile de faire du recel et de la revente de chevaux, car les convois de chevaux ne passaient pas inaperçus, et les montures pouvaient être reconnues, tandis que les marchandises pouvaient aisément être maquillées, l'argent enfoui...) Autrefois, les chevaux de ma famille, on nous en a dérobé cinq! Voilà comment ça s’est passé. Une famille a employé un de mes oncles, pour partir en caravane; ça devait être des gens de lo˧gv̩˩ (Ninglang)! Ils avaient engagé cinq hommes, et ils étaient partis avec dix chevaux. Eh bien, les brigands, ils ont volé le tout! On n’a rien pu faire! (Datation approximative des événements: vers 1960: la locutrice avait déjà une dizaine d'années; elle s'en souvient car son oncle lui avait promis de petites babioles en argent, et la nièce triste et déçue se souvient de son retour sans fanfare.) Ca nous a flanqué une belle frousse! Voici ce que disait ma grand-mère: "Perdre de l'argent, ça n'est pas grave, mais si je perds mes fils...!" On a rassemblé tous les gens du village pour aller à la recherche de mon oncle. A la nuit, il est revenu. Il n'avait pas ses vêtements, il était tout nu! Il avait dû leur donner jusqu'à sa culotte! Les bandits avaient complètement épluché les gens de la caravane, et ils avaient emporté leurs vêtements! Ils avaient aussi emmené tous les chevaux. (Note: l'oncle qui s'est ainsi fait dépouiller était le second de la fratrie.) Alors l’aîné des oncles a dit: "N'ayez crainte, n'ayez crainte! Moi, je vais racheter autant de choses qu’il en a été perdues!" (Note: parmi les marchandises de la caravane, il y en avait qui appartenaient à la famille: la cargaison de cinq des chevaux.) Et ensuite, vrai de vrai, il a racheté une cargaison, et il est parti la vendre, pour tourner la page de ce triste épisode. Je réfléchis... ə˧ti˥dzi˩, c'était où, va savoir! Moi, je ne sais pas! ə˧ti˥dzi˩... Quand on allait à ə˧ti˥dzi˩, est-ce qu'on ne revenait pas par le Yangtze? Est-ce que ce serait l'endroit qu'on appelle "Baoshan"? Baoshan et... aujourd'hui, on parle de "Baoshan" [宝山] et "Fengke" [奉科], en chinois! Cet endroit-là, celui qu'on appelait ə˧ti˥dzi˩, autrefois, on y faisait un commerce fabuleux! On parlait des "vêtements de ə˧ti˥dzi˩"! Des tissus de coton, dont on ramenait de grandes quantités. Les femmes de Yongning, elles en achetaient! Il y avait aussi les ceintures de ə˧ti˥dzi˩; une ceinture, ça se vendait une pièce d'argent, d'autrefois! Alors, ça, ça avait vraiment de la valeur! Une jupe, ça coûtait précisément trois pièces d'argent! Un lot de dix bols, ça valait deux pièces d'argent! Pour donner un ordre d’idées, une famille qui avait rassemblé dix pièces d'argent à la maison, ça lui suffisait pour manger en abondance toute cette année-là. A l’époque, qui donc avait de l'argent par liasses entières, comme de nos jours? Autrefois, ils allaient partout, les caravaniers! Notamment à Muli. La famille du seigneur de Muli, on les appelait "les kv̩˧tsʰɑ˥$ de Muli"! Autrefois, on connaissait le seigneur du monastère de Yongning; il connaissait les qualités des hommes de notre famille, et il a décidé de mettre mon oncle au service du seigneur de Muli, au service de la famille kv̩˧tsʰɑ˥$! (Résumé de cette histoire: Un des oncles de F4 a été donné au seigneur de Muli par le seigneur de Yongning, pour être à son service; mais après sept ans, il est revenu à Yongning. A son retour il parlait couramment la langue prinmi/pumi.) C’est que les seigneurs de Muli et du monastère étaient liés par des liens familiaux! Les seigneurs de Muli, et ceux du monastère de Yongning, ils étaient comme des frères! (Ils étaient notamment liés par des alliances familiales; d'après les souvenirs de la locutrice, une princesse de Yongning avait épousé un seigneur de Muli.) Ils étaient solidaires, ils s'épaulaient en cas de besoin! Par exemple, s'il y a beaucoup de gens par chez moi, je t'offre des sujets! Voilà comment des sujets du seigneur de Yongning pouvaient être mis au service du seigneur de Muli. C'est comme ça que mon oncle, autrefois, a été envoyé servir un temps les seigneurs de Muli. Là-bas, mon oncle a conduit des caravanes pour ce seigneur. Quand il revenait en caravane, il donnait au seigneur du monastère de Yongning ce qu'il avait rapporté; et à leur tour, les seigneurs du monastère expédiaient ces marchandises vers d'autres destinations. Une fois l'expédition en caravane terminée, il retournait jouer son rôle de sujet des seigneurs de Muli. Mais mon oncle a conté fleurette aux jeunes filles, à ce qu'on raconte! et notamment à une bonne amie du seigneur de Muli. Alors, le seigneur de Muli s'est fâché, et il l'a renvoyé à Yongning! Il a voulu le rendre au seigneur du monastère de Yongning. Mais mon oncle a dit: "Ah non, ça ne marche pas comme ça! Je ne veux pas être le sujet du seigneur du monastère de Yongning, pas plus que du seigneur de Muli! Je vais former ma propre caravane!" Ce que disant, il est parti conduire ses propres caravanes! Dans notre village, des gens qui conduisaient les caravanes, il n'y avait que mon oncle, c’était le seul. Toutes les familles du village, celles qui avaient un cheval, elles venaient lui demander: "Oncle, s'il vous plaît! Oncle kɤ˧zo˧, veuillez conduire notre cheval, chargé de ses marchandises! On vous en prie! On partagera les bénéfices avec vous! Vous achèterez du sel et nous le ramènerez, vous achèterez du thé et le ramènerez!" Et ils lui confiaient leur cheval chargé de marchandises. Les gens comme lui, eh bien, aujourd'hui, on les désignerait comme des "patrons"! (mot chinois: 老板, auréolé d'un grand prestige dans la Chine du début du XXIe siècle) Autrefois, c'était vraiment l'époque des caravanes! Personne ne restait chez lui à ne rien faire. Tous les hommes valides couraient les routes, avec les caravanes! Pendant la saison des pluies, les hommes restaient à Yongning avec leurs bêtes, et les femmes coupaient du foin pour les chevaux, elles prenaient soin de bien nourrir les chevaux! (Explication: pendant la saison des pluies, on ne se déplaçait guère; les caravanes ne se déplaçaient que pendant la saison sèche, où les chemins étaient plus pratiquables: de septembre/octobre à avril/mai.) Les caravaniers, ils faisaient vraiment un travail épuisant, n'est-ce pas! Voilà comment ça se passait, dans le temps!
我要讲的是我姥姥的一个儿子的故事!
我们小的时候,就叫他“舅舅”!他的全名是kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩,我们叫他kɤ˧zo˧!
以前他是跑马帮的!给永宁土司做马帮!
他可以同时赶着土司的好几匹马上路,到拉萨。货物捆在马上就出发!
当马队要出发的时候,全家人都来壮行,帮着准备马吃的粮食粉。
如果要出门一个月,就给马准备一个月的口粮。
把粮食驮在马上,出发的时候带着粮食!
从拉萨返程的时候,他们带货回来。有茶砖,有酥油!都驮在马身上,带回永宁。
他们就这样运货回来,然后卖出去。我舅舅是马帮的首领。其他随行的人,叫“马夫”!
马帮习惯上来说,骑在带队的第一匹马或者第二匹马上的人,就是“马帮头领”。
马夫都为他效力!
他们就统称为“马夫”!
人们看了就会说:“看呢!他带着马帮!是拉他咪家的带着马帮!”
马帮的成员,我们就叫他们“赶路的”!
他们带着茶砖、带着酥油回来。我们把这些货物珍藏在家里。
他们带着货物从拉萨回来,存在永宁。
然后他们又从永宁出发。走大概一个月,或者二十天!
他们去四川(西昌附近)。去四川的时候,马驮上茶砖和酥油,去卖钱!
去四川一趟,需要大概一个月。他们回来的时候,给我们带来各种礼物!
给孩子送一套衣服。给兄弟姐妹……给阿妈送件衣服,裙子什么的。给妹妹送条裙子!给姐姐送条裙子!
那个时候,我们家里只有三个女孩。
裙子、上衣、大腰带:给家里的女人,有这样三种礼物!
从前,用缎子发带绑头发!
你拍了我这样绑头发的照片,是吧?
就是那个照片上的发带!
我们说“从四川带回发带”:以前,没有从其它地方来的发带!
连贵族小姐,从前……发带,都是从四川买来的!
去四川的人,我们会托他们带回四川的缎子发带!
以前,我们穿摩梭人的服装!
现在,实际上不穿了!
我有摩梭人衣服,是吧!
我们穿上摩梭服装。缎子是从四川买回来的。
有喜欢的人,也会带礼物给她!
这样的一个绑缎子的发型!是像这样的,发带长长的。
“你们大哥快回来了,要给你们带回缎子发带了!”马帮去四川的时候,大家都这么问候。
马帮的人,会从四川带给家人一人一件礼物。也带回来大米!
把大米带回来,交给土司。从四川回来,就用马把大米驮回来!
-给土司!
是,全部要给土司,因为是土司雇的马帮。
马帮是土司雇的!有一段时间就得完全为土司效力。
有了自己的一点钱以后,就自己买马、买骡子!
家里面呢……就像歌里唱的:“虽然从远方带来了茶,阿妈却无福享受了!”
茶是从很远的地方带来的,对吧!
但是在歌里,阿妈却要死了!
从前,阿妈没有茶喝。现在有了,她却死了!茶反倒是有了!
“我们喝白芍药根当茶,或者喝茶,感觉很爽!但如果阿妈已经不在人世了,就没意思了!”
在山上,我们把白芍药根挖出来,然后带回家,对吧!我们没有茶喝,(就用这个代替,)我经常给我阿妈泡水喝。
“舒舒服服喝着白芍药根,可现在没意思了!阿妈不在了,就没意思了!”
从远方带茶回来,回家发现阿妈已经去世了,这可真让人难过!从前,我们是这么唱的!
孩子长大成人,出去谋生路,衣锦还乡带回了茶、带回了盐巴,可是……
“可惜!亲生母亲已经走了!现在,我衣食无忧,可也没滋味了!”
“舒舒服服喝着白芍药根,可现在没意思了!阿妈不在了,就没意思了!”
从前,就是这么唱的!马帮的人,在山上就是这么唱的!
“我从很远的地方带回来了东西,阿妈却已不在人世,这可真是让人伤心!”
人家从很远的地方带回了茶,带回到家里。没有茶,就去山上找白芍药根。如果母亲已经去世,就没意思了,真难过!
我们唱:“喝着白芍药根,也没有用了呀!阿妈去世了,没有用了!”
通过马帮带回了茶。“可惜!我的亲阿妈,已经去世啊!没有了阿妈,真难过呀!”马帮的人,从前就是这么唱的!
(马帮的人)是这样上路的!从四川带回来米,用马驮。他们带回布匹,用马驮。以前,我们就把它们叫做“四川料子”!
布匹料子,有全白的布料,像这样,很长,一幅一幅的!
一幅布呢……一条裙子需要两幅布!
是这样算的:两幅两幅地送人。是这么带回来的!
人常说:“啊呀!去四川的人,会给带回来(做)裙子(的布料)!”
年轻姑娘,如果有人跟马帮中的年轻小伙子是朋友,他会给她带回来礼物的!
就像你给筱筠买礼物一样,对吧!朋友买礼物回来!买衣服、裙子什么的,给她带回来。
“你们啊,你朋友要回来了,你就有新衣服可换了!”从前,就是这么打趣别人的!
去四川,买棉布带回来。
-(还有)盐巴(吗?)
盐巴,当然有啊!去成都,那儿有棉布、有发带!
从四川,也带回盐巴!刚才忘讲了!
以前,我们会去到四川做盐巴生意,是嘛!
jɤ˧ŋɤ˧这个城市,在什么地方呢?现在叫什么,我不知道!(注:jɤ˧ŋɤ˧是成都的摩梭名称)
他们到一个我们称作jɤ˧ŋɤ˧的地方(=成都),又到一个我们称作ho˧di˧的地方(=盐源、西昌等四川省的地方)。
还会去一个名叫ə˧ti˥的地方!(注:可能是维西) 马帮的人,会去这些地方!
马帮是这么安排马匹的:领头的马和第二匹马是有人骑的。
我舅舅,大舅舅,骑着领头的马或第二匹马。他是这样领着马队赶路的!
大舅,他曾经是马帮的首领,人家叫他“马帮头领”。也就是今天大家叫的“老板”,是吧!
我的大舅,是马帮头领,带着整个马帮,大家都跟着他走!
二舅,叫ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩,你早上已经记下来了他的名字!他当马夫,把货物绑在马上、负责喂马!
大舅是马帮首领,我们叫他“马帮头领”!
马能走到哪儿,晚上就在哪儿歇脚。在那边过夜,马帮头领就不用遛马去吃草。他在帐篷里休息。
白白的帐篷,可以折叠!马鞍要摞在一起!
如果脚程有十天,就睡十天帐篷!
如果有一个月,就睡一个月帐篷!
这就是马帮走一趟的情况!从四川赶马回来……我们以前叫“四川大米"!
也叫“四川大皮包”!大皮包,有非常大的!
我们女人就织麻布,让他们拿到四川去卖!
每次马帮走的时候,他们把我们织的所有麻布都带走。但在四川卖不出什么钱来!
有句谚语:“四川扔麻布、拉萨扔儿子!”(说明:麻布在四川不值什么钱,就跟扔了一样。儿子去拉萨当喇嘛或者做买卖,等着功成名就才会回来。山高路远,很多人没有回家的盘缠,也有人失踪在路上。)
从前,儿子去了拉萨,就再也见不着他了!
在四川卖麻布,就像扔掉一样,拿不回什么钱。
两手空空回来,就像什么都没拿去!
不赚什么钱!
所以有这句谚语:“四川扔麻布、拉萨扔儿子!”
从前,女人织布到深夜。瞌睡地头都撞到织机上了,撞醒了再继续织!
织啊,织啊,都为了拿到四川去卖!
家里人没有参加马帮的人家,就把布匹托给别人去卖。
“请带着我的马驮着我这块麻布,帮我卖了吧!”
如果马帮的人给他卖成功了,就在那边(四川)给他买棉布带回永宁。
以前,没有四川的布料,我想可能就什么棉布都没有!都是在四川买的棉布,然后带回来!
卖的麻布,有很多匹,能堆成这么高!我们把它一层一层折起来。马帮离家的时候,带着很多匹麻布!
这是女人唯一能托马帮卖的货物。让马帮带到四川去卖。
四川的货物,


























































































































































































我要讲的是我姥姥的一个儿子的故事!
我们小的时候,就叫他“舅舅”!他的全名是kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩,我们叫他kɤ˧zo˧!
以前他是跑马帮的!给永宁土司做马帮!
他可以同时赶着土司的好几匹马上路,到拉萨。货物捆在马上就出发!
当马队要出发的时候,全家人都来壮行,帮着准备马吃的粮食粉。
如果要出门一个月,就给马准备一个月的口粮。
把粮食驮在马上,出发的时候带着粮食!
从拉萨返程的时候,他们带货回来。有茶砖,有酥油!都驮在马身上,带回永宁。
他们就这样运货回来,然后卖出去。我舅舅是马帮的首领。其他随行的人,叫“马夫”!
马帮习惯上来说,骑在带队的第一匹马或者第二匹马上的人,就是“马帮头领”。
马夫都为他效力!
他们就统称为“马夫”!
人们看了就会说:“看呢!他带着马帮!是拉他咪家的带着马帮!”
马帮的成员,我们就叫他们“赶路的”!
他们带着茶砖、带着酥油回来。我们把这些货物珍藏在家里。
他们带着货物从拉萨回来,存在永宁。
然后他们又从永宁出发。走大概一个月,或者二十天!
他们去四川(西昌附近)。去四川的时候,马驮上茶砖和酥油,去卖钱!
去四川一趟,需要大概一个月。他们回来的时候,给我们带来各种礼物!
给孩子送一套衣服。给兄弟姐妹……给阿妈送件衣服,裙子什么的。给妹妹送条裙子!给姐姐送条裙子!
那个时候,我们家里只有三个女孩。
裙子、上衣、大腰带:给家里的女人,有这样三种礼物!
从前,用缎子发带绑头发!
你拍了我这样绑头发的照片,是吧?
就是那个照片上的发带!
我们说“从四川带回发带”:以前,没有从其它地方来的发带!
连贵族小姐,从前……发带,都是从四川买来的!
去四川的人,我们会托他们带回四川的缎子发带!
以前,我们穿摩梭人的服装!
现在,实际上不穿了!
我有摩梭人衣服,是吧!
我们穿上摩梭服装。缎子是从四川买回来的。
有喜欢的人,也会带礼物给她!
这样的一个绑缎子的发型!是像这样的,发带长长的。
“你们大哥快回来了,要给你们带回缎子发带了!”马帮去四川的时候,大家都这么问候。
马帮的人,会从四川带给家人一人一件礼物。也带回来大米!
把大米带回来,交给土司。从四川回来,就用马把大米驮回来!
-给土司!
是,全部要给土司,因为是土司雇的马帮。
马帮是土司雇的!有一段时间就得完全为土司效力。
有了自己的一点钱以后,就自己买马、买骡子!
家里面呢……就像歌里唱的:“虽然从远方带来了茶,阿妈却无福享受了!”
茶是从很远的地方带来的,对吧!
但是在歌里,阿妈却要死了!
从前,阿妈没有茶喝。现在有了,她却死了!茶反倒是有了!
“我们喝白芍药根当茶,或者喝茶,感觉很爽!但如果阿妈已经不在人世了,就没意思了!”
在山上,我们把白芍药根挖出来,然后带回家,对吧!我们没有茶喝,(就用这个代替,)我经常给我阿妈泡水喝。
“舒舒服服喝着白芍药根,可现在没意思了!阿妈不在了,就没意思了!”
从远方带茶回来,回家发现阿妈已经去世了,这可真让人难过!从前,我们是这么唱的!
孩子长大成人,出去谋生路,衣锦还乡带回了茶、带回了盐巴,可是……
“可惜!亲生母亲已经走了!现在,我衣食无忧,可也没滋味了!”
“舒舒服服喝着白芍药根,可现在没意思了!阿妈不在了,就没意思了!”
从前,就是这么唱的!马帮的人,在山上就是这么唱的!
“我从很远的地方带回来了东西,阿妈却已不在人世,这可真是让人伤心!”
人家从很远的地方带回了茶,带回到家里。没有茶,就去山上找白芍药根。如果母亲已经去世,就没意思了,真难过!
我们唱:“喝着白芍药根,也没有用了呀!阿妈去世了,没有用了!”
通过马帮带回了茶。“可惜!我的亲阿妈,已经去世啊!没有了阿妈,真难过呀!”马帮的人,从前就是这么唱的!
(马帮的人)是这样上路的!从四川带回来米,用马驮。他们带回布匹,用马驮。以前,我们就把它们叫做“四川料子”!
布匹料子,有全白的布料,像这样,很长,一幅一幅的!
一幅布呢……一条裙子需要两幅布!
是这样算的:两幅两幅地送人。是这么带回来的!
人常说:“啊呀!去四川的人,会给带回来(做)裙子(的布料)!”
年轻姑娘,如果有人跟马帮中的年轻小伙子是朋友,他会给她带回来礼物的!
就像你给筱筠买礼物一样,对吧!朋友买礼物回来!买衣服、裙子什么的,给她带回来。
“你们啊,你朋友要回来了,你就有新衣服可换了!”从前,就是这么打趣别人的!
去四川,买棉布带回来。
-(还有)盐巴(吗?)
盐巴,当然有啊!去成都,那儿有棉布、有发带!
从四川,也带回盐巴!刚才忘讲了!
以前,我们会去到四川做盐巴生意,是嘛!
jɤ˧ŋɤ˧这个城市,在什么地方呢?现在叫什么,我不知道!(注:jɤ˧ŋɤ˧是成都的摩梭名称)
他们到一个我们称作jɤ˧ŋɤ˧的地方(=成都),又到一个我们称作ho˧di˧的地方(=盐源、西昌等四川省的地方)。
还会去一个名叫ə˧ti˥的地方!(注:可能是维西) 马帮的人,会去这些地方!
马帮是这么安排马匹的:领头的马和第二匹马是有人骑的。
我舅舅,大舅舅,骑着领头的马或第二匹马。他是这样领着马队赶路的!
大舅,他曾经是马帮的首领,人家叫他“马帮头领”。也就是今天大家叫的“老板”,是吧!
我的大舅,是马帮头领,带着整个马帮,大家都跟着他走!
二舅,叫ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩,你早上已经记下来了他的名字!他当马夫,把货物绑在马上、负责喂马!
大舅是马帮首领,我们叫他“马帮头领”!
马能走到哪儿,晚上就在哪儿歇脚。在那边过夜,马帮头领就不用遛马去吃草。他在帐篷里休息。
白白的帐篷,可以折叠!马鞍要摞在一起!
如果脚程有十天,就睡十天帐篷!
如果有一个月,就睡一个月帐篷!
这就是马帮走一趟的情况!从四川赶马回来……我们以前叫“四川大米"!
也叫“四川大皮包”!大皮包,有非常大的!
我们女人就织麻布,让他们拿到四川去卖!
每次马帮走的时候,他们把我们织的所有麻布都带走。但在四川卖不出什么钱来!
有句谚语:“四川扔麻布、拉萨扔儿子!”(说明:麻布在四川不值什么钱,就跟扔了一样。儿子去拉萨当喇嘛或者做买卖,等着功成名就才会回来。山高路远,很多人没有回家的盘缠,也有人失踪在路上。)
从前,儿子去了拉萨,就再也见不着他了!
在四川卖麻布,就像扔掉一样,拿不回什么钱。
两手空空回来,就像什么都没拿去!
不赚什么钱!
所以有这句谚语:“四川扔麻布、拉萨扔儿子!”
从前,女人织布到深夜。瞌睡地头都撞到织机上了,撞醒了再继续织!
织啊,织啊,都为了拿到四川去卖!
家里人没有参加马帮的人家,就把布匹托给别人去卖。
“请带着我的马驮着我这块麻布,帮我卖了吧!”
如果马帮的人给他卖成功了,就在那边(四川)给他买棉布带回永宁。
以前,没有四川的布料,我想可能就什么棉布都没有!都是在四川买的棉布,然后带回来!
卖的麻布,有很多匹,能堆成这么高!我们把它一层一层折起来。马帮离家的时候,带着很多匹麻布!
这是女人唯一能托马帮卖的货物。让马帮带到四川去卖。
四川的货物,


























































































































































































S1 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˩-gi˩! | njɤ˧ | ...zo˩no˥... | ə˧ʑi˧-bv̩˧ | zo˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Autrefois, n'est-ce pas! Moi... eh bien... [le personnage dont je vais parler] c'était [un des] fils de ma grand-mère, n'est-ce pas!

我要讲的是我姥姥的一个儿子的故事!

S2 stop écouter
njæ˧sɯ˩kv̩˩-dʑo˩, | ə˧v̩˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! | tʰi˩˥, | kɤ˧zo˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! | kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩ | pi˧-zo˩, | kɤ˧zo˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! |

[Pour] nous, c'était un oncle! On l'appelait kɤ˧zo˧! [Son nom complet, c'était] kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩; [mais] on l'appelait [simplement] kɤ˧zo˧ (=on l'appelait par la première partie de son prénom)!

我们小的时候,就叫他“舅舅”!他的全名是kɤ˧zo˧-tsʰɯ˩ɻ̍˩,我们叫他kɤ˧zo˧!


NOTE : d'abord noté ...*tsʰɤ˩ɻ̍˩
S3 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ | <ʐ... ə...> ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | sɯ˧pʰi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Lui, autrefois, il faisait du commerce par caravane! Il lui arrivait de participer à des caravanes pour le seigneur [de Yongning], autrefois!

以前他是跑马帮的!给永宁土司做马帮!


NOTE : L'expression /ʐwæ˧ tɕɯ˩/ veut dire 'conduire une caravane, mener une caravane, faire du commerce par caravanes'. Elle pourrait être traitée comme une entrée lexicale, /ʐwæ˧tɕɯ˩/, du fait que la composante /ʐwæ˥/ n'a pas simplement son sens littéral de 'cheval': les meilleures bêtes de somme sont des mules. Le choix fait ici consiste néanmoins à traiter /ʐwæ˧ tɕɯ˩/ comme une simple combinaison objet+verbe.
S4 stop écouter
sɯ˧pʰi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-so˩-kv̩˩ tɕɯ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩... | ə... ɬɑ˧sɑ˧, | ʐwæ˧ tɕɯ˩. | ə... ʐwæ˧ le˧-po˧˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩. |

Il conduisait plusieurs des chevaux du seigneur, autrefois. [De Yongning jusqu'à] Lhasa, il menait les chevaux. On amenait les chevaux, (et) on partait en caravane.

他可以同时赶着土司的好几匹马上路,到拉萨。货物捆在马上就出发!


NOTE : /-bi˩/ is tacked on after the end of the sentence, as an afterthought.
S5 stop écouter
tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩-dʑo˩, | njæ˧sɯ˩kv̩˩ | le˧-tsʰɯ˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩-ho˩ | ɖɯ˧-ɲi˥-dʑo˩, | ʐwæ˧-hɑ˧-no˧˥, | tsɑ˧bɤ˧-ʈʂʰɯ˧, | ə˩-gi˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Alors, quand partait la caravane, nous autres, on venait [participer aux préparatifs]; le jour où partait la caravane, pour ce qui est de la nourriture des chevaux, [on préparait de] la farine, n'est-ce pas! autrefois!

当马队要出发的时候,全家人都来壮行,帮着准备马吃的粮食粉。


NOTE : /-no˧˥: est un °top
S6 stop écouter
ɖɯ˧-ɬi˧ dzi˩-ho˩, | pi˧, | ɖɯ˧-ɬi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧-bv̩˧ | tsɑ˧bɤ˧ | le˧-gv̩˩. |

Si on partait pour une durée d'un mois (littéralement: "si on habitait [hors de chez soi] pour une durée d'un mois"), on préparait de la farine pour les chevaux pour un mois! (Note: il pouvait s'agir de diverses céréales: maïs, blé, sorgho...)

如果要出门一个月,就给马准备一个月的口粮。

S7 stop écouter
mmm... tʰi˩˥, | le˧-tɕɯ˧˥! | ʐwæ˧-ʁo˧to˩! | ɑ˩ʁo˧-ɳɯ˧ hɯ˧-dʑo˧, | le˧-tɕɯ˧˥, | po˧-hɯ˧-ɲi˥-mæ˩! |

ensuite, on l'emportait/on la transportait [avec la caravane]! sur les chevaux! Quand on partait de la maison, on la transportait, on l'emmenait [avec soi]!

把粮食驮在马上,出发的时候带着粮食!


NOTE : emploi inattendu de /ʁo˧to˩/: l'emploi temporel me paraissait plus fréquent.
S8 stop écouter
tʰi˩˥, | ɬɑ˧sɑ˧ hɯ˧ | le˧-tsʰɯ˩-dʑo˩, | li˩˥! | mmm.... mɤ˧! | ʈʂʰɯ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩! |

Quand on allait à Lhasa, au retour, [on rapportait] du thé! Du beurre[, aussi]! On ramenait [ces produits-là], à dos d'animaux! [Jusqu']à Yongning!

从拉萨返程的时候,他们带货回来。有茶砖,有酥油!都驮在马身上,带回永宁。

S9 stop écouter
tʰi˧-tɕɯ˧˥! | tʰi˩˥, | le˧-tɕʰi˧! | mmm, tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | -dʑo˩, | ə... zo˩no˥... | tsʰo˧pæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩! | tsʰo˧pæ˧, | lɑ˧do˧, | pi˧-zo˩! |

on transportait [des marchandises]! ensuite, on [les] vendait! Mon oncle, eh bien... on le désignait comme "chef de caravane", autrefois! Celui qui dirigeait des caravanes! On parlait du "chef de caravane", et des "palefreniers/caravaniers"!

他们就这样运货回来,然后卖出去。我舅舅是马帮的首领。其他随行的人,叫“马夫”!


NOTE : d'abord noté /*tʰi˧-tɕi˥/, pensant que cela voulait dire 'on rangeait'.
NOTE : d'abord noté /*ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ | ʈʂʰɯ˧-dʑo˩/. (note de juillet 2012)
S10 stop écouter
zo˩no˥, ə... | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-pi˧˥ | hɤ˩-hĩ˩˥, | tʰo˩lo˧, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩ | pi˧, | di˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩, | tsʰo˧pæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! |

les caravaniers un peu habiles, ils étaient sur l'un des deux chevaux de tête! Celui qui avait la première monture, ou la deuxième monture, il portait le titre de "chef de caravane"! (littéralement: 'on l'appelait "chef de caravane"!') (Note: il avait parmi ses responsabilités celle du choix des marchandises achetées à destination, avec le produit de la vente de ce que la caravane avait apporté. Les deux chevaux qui marchaient en tête étaient magnifiquement bridés et décorés.)

马帮习惯上来说,骑在带队的第一匹马或者第二匹马上的人,就是“马帮头领”。


NOTE : c'étaient des mulets de sexe féminin qui marchaient en tête; des montures de prix.
S11 stop écouter
tʰi˩˥, | lɑ˧do˧ | pi˧-dʑo˩, | zo˩no˥ | ʈʂʰɯ˧-qɑ˧ tʰi˧-tɕɯ˧-kv̩˥-hĩ˩... | qɑ˧-hĩ˥, | ʈʂʰɯ˧-qɑ˧ | tʰi˧-qɑ˩~qɑ˩-hĩ˩! |

Quant aux palefreniers, ils travaillaient pour lui (littéralement "ils transportaient pour lui"); [c'étaient] des assistants, des gens qui l'aidaient!

马夫都为他效力!


NOTE : gloses:
NOTE : tʰi˩˥ lɑ˧do#˥ pi˥ dʑo˩ zo˩no˧ ʈʂʰɯ˥ qɑ tʰi tɕɯ˧˥ kv̩˧˥ hĩ˥ qɑ˧˥ hĩ ʈʂʰɯ˥ qɑ tʰi qɑ˧˥ ~ hĩ˥
NOTE : alors palefrenier °top °top maintenant/°phatique °3sg °dat °dur transporter °abilitive °rel aider °rel °3sg °dat °dur aider °activité~ personne
S12 stop écouter
tʰv̩˧-v̩˧-dʑo˩, | lɑ˧do˧ mv̩˥ʈʂæ˩-kv̩˩-mæ˩! |

Ceux-là, on les appelait les palefreniers!

他们就统称为“马夫”!

S13 stop écouter
"o! ʈʂʰɯ˧ | tsʰo˧pæ˧ | le˧-ʝi˥-ze˩! | o! lɑ˧tʰɑ˧mi˧=ɻ̍˥ | tsʰo˧pæ˧ | le˧-ʝi˥-ze˩!" |

Les gens disaient: "Oh! Voyez, il est en tête de la caravane! Ce sont les Latami qui dirigent la caravane!" (en réalité, une seule personne de la famille est présente dans la caravane; le pluriel reflète la gloire qui rejaillit sur toute la famille, non une pluralité d'individus)

人们看了就会说:“看呢!他带着马帮!是拉他咪家的带着马帮!”

S14 stop écouter
ʐɤ˩ se˩ hɯ˩-hĩ˥, | pi˧-kv̩˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ʐɤ˩ se˩ hɯ˩-hĩ˥, | pi˧-kv̩˩-mæ˩! |

on les appelait "les voyageurs" (littéralement "les gens qui parcourent les chemins")! Ceux qui partaient en caravane, autrefois, on les appelait "les voyageurs"!

马帮的成员,我们就叫他们“赶路的”!

S15 stop écouter
tʰi˩˥, | li˩ tɕɯ˧ le˥-po˩-jo˩-kv̩˩-tsɯ˩! | mmm... ə... tʰi˩˥, | ə... mɤ˩ tɕɯ˩˥, | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-ze˩! | ɑ˩ʁo˧ | tʰi˧-tɕi˥! |

Il rapportaient du thé, par caravane! Ils rapportaient du beurre, par caravane! (littéralement: "ils transportaient du beurre en caravane, et le rapportaient") On serrait [ces précieuses denrées] à la maison/ ces denrées venaient garnir les réserves à la maison!

他们带着茶砖、带着酥油回来。我们把这些货物珍藏在家里。

S16 stop écouter
tʰi˩˥, | ɑ˩ʁo˧ ʈʂʰɯ˧-qo˧ | ɬɑ˧sɑ˧-ɳɯ˧ | le˧-po˧˥, | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩. | ə... ɬi˧di˩ tɕi˩. |

On rapportait [ces choses-là] jusqu'à la maison, depuis Lhasa; on apportait [ces choses] en caravane. On les stockait à Yongning.

他们带着货物从拉萨回来,存在永宁。

S17 stop écouter
ɬi˧-di˩-ɳɯ˩ | wɤ˩˥ | bi˧, | ə... wɤ˩˥ | wɤ˩˥ | ʈʂʰɯ˧ | ɖɯ˧-ɬi˧ ɖʐɯ˧-ho˧-ze˩! | ɲi˧tsi˧-hɑ̃˧ ɖʐɯ˧-ho˥-ze˩, | pi˧, |

Ensuite, on repartait de Yongning; à nouveau, [l'absence serait d']une durée d'un mois! Ou encore, d'une durée d'une vingtaine de jours!

然后他们又从永宁出发。走大概一个月,或者二十天!


NOTE : deux expressions différentes: ɖɯ˧-ɬi˧ dzi˩ 'habiter un mois' et ɖɯ˧-ɬi˧ ɖʐɯ˧ 'la durée d'un mois'
S18 stop écouter
ho˧di˧ bi˧! | ho˧di˧, | ə... li˩˥ | le˧-tɕɯ˧-p<o˥>... | ə... mɤ˧-lɑ˧ | li˩˥ | le˧-tɕɯ˧˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-bi˧-kv̩˧˥ | -mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

On partait dans le Sichuan [vers Xichang]! Dans le Sichuan, euh... on y emmenait du thé; on chargeait du beurre et du thé sur les chevaux, et on allait vendre [tout ça] dans le Sichuan, autrefois!

他们去四川(西昌附近)。去四川的时候,马驮上茶砖和酥油,去卖钱!

S19 stop écouter
tʰi˩˥, | ho˧di˧ le˧... | wɤ˩˥ | ɖɯ˧-ɬi˧ tʰi˧-dzi˩. | le... ə... ɑ˩ʁo˧ | le˧-tsʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njæ˩sɯ˩kv̩˩-ki˩ | pʰɤ˧bɤ˧ | qʰɑ˩jɤ˩ le˥-po˩-jo˩-kv̩˩-mæ˩! |

Au Sichuan... on y restait un mois. Au... euh... Quand [ils] revenaient à la maison, ils nous ramenaient toutes sortes de cadeaux[, à nous qui étions restés à la maison]!

去四川一趟,需要大概一个月。他们回来的时候,给我们带来各种礼物!

S20 stop écouter
zo˧mv̩˥-zo˩ | ɖɯ˧-v̩˧-ki˧-ɳɯ˩, | dʑi˧hṽ̩˧ ɖɯ˧-dzi˩, | ə... mv̩˩zɯ˩-ni˥mi˩ | no˩sɯ˧kv̩˥ | <ə˧m...> ə˧mi˧-ki˧ | dʑi˧hṽ̩˥, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧! | go˧mi˧-ki˧, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧! | ə˧mv̩˩-ki˩, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧! |

Pour un enfant: une paire de vêtements! Pour les frères et sœurs, pour vous... Pour sa mère, des vêtements, une jupe! Pour sa petite sœur, une jupe! Pour sa sœur aînée, une jupe!

给孩子送一套衣服。给兄弟姐妹……给阿妈送件衣服,裙子什么的。给妹妹送条裙子!给姐姐送条裙子!


NOTE : /-ɳɯ/: a clairement ici valeur de °top, non d'agent.
NOTE : Avais d'abord noté /dʑi˧hṽ̩˥ | ɖɯ˧-dzi˩/, en 2 groupes tonals; ce qui constitue une formulation correcte. Mais le nom et l'expression numéral+classificateur sont ici intégrées en 1 seul groupe: /dʑi˧hṽ̩˧ ɖɯ˧-dzi˩/. (Note de 2013)
S21 stop écouter
mi˩zɯ˩˥, | njɤ˧=ɻ̍˩ | so˩kv̩˩-lɑ˥ dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧-ʈʂæ˩-qo˩! | njæ˧sɯ˩kv̩˩ | ə˧ʑi˧ ʈʂʰɯ˧-ʈʂæ˩-qo˩! |

Les filles, on n'était que trois, à cette époque! nous autres, à l'époque de ma grand-mère!

那个时候,我们家里只有三个女孩。

S22 stop écouter
ʈʰæ˧qʰwɤ˧! | bɑ˩lɑ˩˥! | dʑɯ˧ki˥! | so˧-bæ˧ dʑo˧-kv̩˧˥ | -mæ˩!

Des robes! Des vêtements! Des ceintures (gaines)! Il y avait ces trois sortes [de cadeaux pour les femmes de la maison]!

裙子、上衣、大腰带:给家里的女人,有这样三种礼物!


NOTE : d'abord noté /*so˩-bæ˩ dʑo˩-kv̩˥-mæ˩/
S23 stop écouter
tʰi˩˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | se˧kʰɯ˩! | ʁo˧ni˥, | ʁo˧qʰwɤ˩ ʂæ˩-hĩ˩! |

autrefois, le satin! La coiffe en fils tressés, qui sert à attacher la chevelure! (littéralement "à nouer la tête")

从前,用缎子发带绑头发!

S24 stop écouter
no˧ | ə˧mɑ˧-bv̩˧ | sjæ˧pʰjɛ˧ | no˧ | ɖɯ˧-pʰæ˧ lɑ˥-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Tu as pris une photo de moi (quand je portais cette coiffe), non?

你拍了我这样绑头发的照片,是吧?


NOTE : gloses interlinéaires:
NOTE : no˩ ə˧mɑ˧ bv sjæ˧pʰjɛ˧ no˩ ɖɯ˧-pʰæ˧˥ lɑ˧˥ ɲi˩ mæ ə˩ gi˩
NOTE : °2sg mère °poss 相片::photographie °2sg °clf.feuille/objet_plat prendre/faire °certitude(°cop) °affirm °interrog vrai/véritable
S25 stop écouter
õ! tʰv̩˧-pʰæ˧-qo˩ lɑ˩-hĩ˩-tʰv̩˩! |

Eh bien c'est ce que tu as photographié, sur cette photo-là!

就是那个照片上的发带!

S26 stop écouter
"ho˧di˧-ʁo˧ni˥ le˩-po˩-jo˩"-pi˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ho˧di˧ mɤ˧-ɲi˩, | ʁo˧ni˥ | ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ | dʑo˧-mɤ˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |

On parlait de "rapporter des coiffes du Sichuan"! Autrefois, à part celles qui venaient du Sichuan, les coiffes, ici, il n'en existait pas!

我们说“从四川带回发带”:以前,没有从其它地方来的发带!


NOTE : gloses:
NOTE : ho˧di˧ ʁo˧ni˥ le po˧˥ jo˧ pi˥ ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ ho˧di˧ mɤ˧ ɲi˩ ʁo˧ni˥ ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ dʑo˧ mɤ˧ kv̩˧˥ mæ
NOTE : Sichuan coiffe_en_fils °accomp apporter venir dire autrefois Sichuan °neg °cop coiffe_en_fils ici °exist °neg °abilitive °affirm
NOTE : il s'agit d'un produit fabriqué par les Chinois: /hæ˧-ɳɯ˧ | gv̩˩˥!/
NOTE : vérifié à nouveau en 2013: n'est pas /*dʑo˧-mɤ˧-kv̩˧/ mais /dʑo˧-mɤ˧-kv̩˧˥/.
S27 stop écouter
tʰi˩˥, | hæ̃˧kʰo˧ | le˧-tɑ˧˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | mmm... zo˩no˥, | ʁo˧ni˥-ʈʂʰɯ˩, | ho˧di˧ | hwæ˧-hɯ˧-ɲi˥-mæ˩! |

Et jusqu'aux demoiselles de la noblesse, autrefois, eh bien... les coiffes, on allait les acheter dans le Sichuan!

连贵族小姐,从前……发带,都是从四川买来的!

S28 stop écouter
ə... ho˧di˧ hɯ˧-hĩ˧, | ʁo˧ni˥ hwæ˩-kʰɯ˩-bi˩! | pi˧. | ə... se˧kʰɯ˩-ʁo˩ni˩! |

Les gens qui allaient dans le Sichuan, on leur demandait d'acheter des coiffes! des coiffes en satin!

去四川的人,我们会托他们带回四川的缎子发带!


NOTE : note: une femme portait la coiffe toute sa vie
S29 stop écouter
njæ˧sɯ˩kv̩˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | mv̩˧-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Nous autres, autrefois, on portait les vêtements Na!

以前,我们穿摩梭人的服装!

S30 stop écouter
ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-dʑo˩, | nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | mɤ˧-mv̩˧-ze˧! |

Actuellement, on ne porte plus les vêtements Na!

现在,实际上不穿了!

S31 stop écouter
ə˧mɑ˧ | nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | dʑo˧-ɲi˥-mæ˩! |

Moi, j'en possède, des vêtements na, n'est-ce pas!

我有摩梭人衣服,是吧!

S32 stop écouter
nɑ˩-dʑi˧hṽ̩˧ | tʰi˧-mv̩˧, | se˧kʰɯ˩-ʈʂʰɯ˩, | ho˧di˧ | hwæ˧ le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! |

On mettait des vêtements na; le satin, il était acheté dans le Sichuan (=dans la région de Xichang)!

我们穿上摩梭服装。缎子是从四川买回来的。

S33 stop écouter
hĩ˧ | ɖɯ˧-v̩˧-ki˧-ɳɯ˩, | pʰɤ˧bɤ˧! |

Pour quelqu'un [qu'on appréciait, on rapportait] des cadeaux!

有喜欢的人,也会带礼物给她!

S34 stop écouter
se˧kʰɯ˩, | ʁo˧ni˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-bo˩! | qʰɑ˧-ʂæ˧-gv̩˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-bo˩! |

Une coiffe, en satin! comme ça! Une très longue! (Note: sa longueur pouvait atteindre vingt mètres; on l'enroulait tour après tour sur la tête)

这样的一个绑缎子的发型!是像这样的,发带长长的。

S35 stop écouter
<b...> "ə˧mi˧! | næ˧=ɻ̍˩-se˩, | ə˧mv̩˩ le˩-ʝi˩-ʝi˩-ze˩! | se˧kʰɯ˩-ʁo˩ni˩ le˩-po˩-ʝi˩-ʝi˩-ze˩!" | pi˧-kv̩˩-mæ˩, | <ho...> ho˧di˧ hɤ˧-dʑo˥! |

"Eeeeh! Vous autres, votre grand frère va revenir!" [disait-on aux femmes dont un frère était parti en caravane] "Il va vous ramener des coiffes en satin!" Voilà ce qu'on disait, quand [une caravane] était partie au Sichuan!

“你们大哥快回来了,要给你们带回缎子发带了!”马帮去四川的时候,大家都这么问候。

S36 stop écouter
mmm... -dʑo˩ | tʰi˩˥, | ɖɯ˧-v̩˧ ɖɯ˧-pi˧˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ho˧di˧ | ɖɯ˧-ʈʂwæ˥ tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ə... ho˧di˧-dʑo˥, | wɤ˩˥, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-ze˩-wɤ˩! |

Alors, [l'homme qui était parti avec les caravanes] ramenait à chacun un petit quelque chose; il ramenait un fardeau depuis le Sichuan; du Sichuan, on ramenait aussi du riz!

马帮的人,会从四川带给家人一人一件礼物。也带回来大米!


NOTE : réalisation phonétique de -ze˩-wɤ˩: proche de [zo˩]
NOTE : on pourrait également dire: /ɖɯ˧-v̩˧ ɖɯ˧-pi˧ le˥-po˩-tsʰɯ˩/
NOTE : le découpage est sans doute: /ɖɯ˧-v̩˧ ɖɯ˧-pi˧˥/, en un seul groupe tonal; de même qu'on pourrait dire, dans un contexte où quelqu'un distribue du sel à des yaks/bovins: /ɖɯ˧-pʰo˧ ɖɯ˥-pi˩/ 'un peu pour chaque (animal)'.
S37 stop écouter
ɕi˧ʈʂʰwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | wɤ˩˥, | sɯ˧pʰi˧-ki˧ ki˩. | ə̃! tʰi˩˥, | ho˧di˧ | le˧-tsʰɯ˩-se˩, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧˥ | le˧-po˧-jo˥! | mmm... ɑ˩ʁo˧, |

On transportait du riz, et on le donnait au seigneur. Eh! Quand on revenait du Sichuan, on rapportait du riz, par caravane!

把大米带回来,交给土司。从四川回来,就用马把大米驮回来!

S38 stop écouter
- sɯ˧pʰi˧... sɯ˧pʰi˧-ki˧ ki˩! |

(remarque de l'enquêteur) On donnait [tout ça] au seigneur!

-给土司!

S39 stop écouter
ĩ˧! | sɯ˧pʰi˧-ki˧ ki˩! | tʰi˩˥, | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧ | pv̩˩-kʰɯ˥-ɲi˩-mæ˩! | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-pv̩˩-kʰɯ˩! |

Oui, on donnait [tout ça] au seigneur! c'est le seigneur qui commanditait; c'est le seigneur qui commanditait les caravanes!

是,全部要给土司,因为是土司雇的马帮。

S40 stop écouter
ĩ˧! | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-pv̩˩-kʰɯ˩! | tʰi˩˥, | gi˩˥ | -dʑo˩, | sɯ˧pʰi˧-ʐwæ˧ | ɖɯ˧-ʈʂæ˧ tɕɯ˥! |

C'est le seigneur qui commanditait les caravanes! Pour de vrai, on conduisait les chevaux du seigneur pendant un certain temps! (Explication: pendant un certain temps --une ou deux années--, on travaille pour le seigneur, ou pour autrui; pendant ce temps on épargne de l'argent pour s'acheter ses propres chevaux, et on devient son propre maître.)

马帮是土司雇的!有一段时间就得完全为土司效力。


NOTE : /ɖɯ˧-ʈʂæ˧˥/: ne signifie pas 'une étape (d'un jour)' mais 'une certaine période, un certain temps' (qui peut durer plusieurs années).
S41 stop écouter
tʰi˩˥, | õ˧˥ | ɖɯ˧-pi˧ dʑo˥-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | õ˧˥ | dɑ˧ʝi˩ | le˧-hwæ˧! | ʐwæ˧ʁo˩ | le˧-hwæ˧! | wɤ˩˥, | õ˧-bv̩˥-õ˩ | le˧-tɕɯ˧˥! |

Ou alors, si on avait un peu (d'argent), on achetait une mule! on achetait un cheval! et on faisait son propre chargement!

有了自己的一点钱以后,就自己买马、买骡子!

S42 stop écouter
ɑ˩ʁo˧... | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩: | "ʂæ˧~ʂæ˩ | li˩ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩!" | pi˧-zo˩. |

La maison... Voilà comment on chantait: "Si on ramène du thé de très loin, [mais] que sa mère n'est plus là [avec qui partager ce plaisir, parce qu'elle est morte pendant qu'on était au loin], quelle tristesse!"

家里面呢……就像歌里唱的:“虽然从远方带来了茶,阿妈却无福享受了!”


NOTE : ʂæ˧~ʂæ˩: au loin
NOTE : d'abord noté *gwɤ˩-kv̩˥-mæ˩
S43 stop écouter
tʰi˩˥, | ʐæ˩ʂæ˥-hĩ˩-ɳɯ˩ | li˩˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-dʑo˩, | ə˩-gi˩! |

C'est qu'on ramenait du thé de très loin, n'est-ce pas!

茶是从很远的地方带来的,对吧!

S44 stop écouter
tʰi˩˥, | ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧-ɲi˥-ho˩-ze˩-wɤ˩! | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩-dʑo˩! |

mais voilà que votre mère va mourir! dans l'histoire!

但是在歌里,阿妈却要死了!

S45 stop écouter
tʰi˩˥, | ə˧mi˧ | li˩-ʈʰɯ˩-di˩ mɤ˩-dʑo˩˥! | tʰi˩˥, | ə˧mi˧ | le˧-ʂɯ˧-ɲi˥-ze˩-mæ˩! | tʰi˩˥, | li˩˥ | -dʑo˩ | le˧-dʑo˧-ɲi˥-ze˩-wɤ˩! |

alors, [auparavant] la mère n'avait pas thé à boire! Et voilà que maintenant elle est morte! Alors que du thé, par contre, on en a maintenant!

从前,阿妈没有茶喝。现在有了,她却死了!茶反倒是有了!

S46 stop écouter
tʰi˩˥, | "si˧kʰɯ˧-li˥nɑ˩ | ʈʰɯ˩-se˩-gɤ˥, | njɤ˧ ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" | pi˧ | tʰi˩˥, |

"Quand on a bu son content de racines de pivoine, et de thé, on est repu; mais si c'est pour que ma mère ne soit plus là (=mais si ma mère est morte tandis que j'étais au loin), alors c'est bien en vain!" (Texte d'une chanson qu'hommes et femmes chantaient autrefois)

“我们喝白芍药根当茶,或者喝茶,感觉很爽!但如果阿妈已经不在人世了,就没意思了!”


NOTE : li˩nɑ˥: thé noir (noirci au cours des longs trajets en caravane)
S47 stop écouter
dʑɯ˩ʁo˩˥ | si˧kʰɯ˧-ʈʂʰɯ˧ | le˧-qwæ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-dʑo˩, | ə˩-gi˩! | li˩-mɤ˩-dʑo˩˥, | ɖɯ˧-njɤ˧ | ə˧mɑ˧ ə˧mi˧-ki˧ le˧-tɕɤ˧˥, | ʈʰɯ˩-ɲi˥-tsɯ˩ | -mv̩˩!

En montagne, on déterrait des racines de pivoine et on les rapportait chez soi, n'est-ce pas! On n'avait pas de thé, [alors] je faisais sans cesse des décoctions [des copeaux séchés de bulbes de pivoine] pour ma mère, et on buvait ça! (=et c'est ça qu'on buvait!) [Note: ce passage est une explication au sujet des bulbes de pivoine évoqués dans la chanson.]

在山上,我们把白芍药根挖出来,然后带回家,对吧!我们没有茶喝,(就用这个代替,)我经常给我阿妈泡水喝。

S48 stop écouter
tʰi˩˥, | "si˧kʰɯ˧ ʈʰɯ˧-se˥-gɤ˩-se˩, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩! | njɤ˧ ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" pi˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.

"Boire tout son content de racines de pivoine, [si ce n'est pas en compagnie de sa mère, des gens qu'on aime] c'est bien en vain! Ma mère est morte; alors à quoi bon!" Voilà ce qu'on disait.

“舒舒服服喝着白芍药根,可现在没意思了!阿妈不在了,就没意思了!”


NOTE : de: si˧kʰɯ˧ ʈʰɯ˧˥ 'boire (une décoction de bulbes de) pivoine'
NOTE : d'abord noté *| pi˧-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.
S49 stop écouter
tʰi˩˥, | ʐæ˩ʂæ˧ | li˩ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | wɤ˩˥, | ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩! | pi˧, | æ˧ʂæ˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩! |

Quand on avait ramené du thé de loin, s'il se trouvait que votre mère était morte entretemps, c'était bien triste! Voilà ce qu'on chantait autrefois!

从远方带茶回来,回家发现阿妈已经去世了,这可真让人难过!从前,我们是这么唱的!


NOTE : d'abord noté /*gwɤ˩-kv̩˥-mæ˩/
S50 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tʰi˩˥, | le˧-dʑo˧-ʁo˧-kwɤ˧tɕɯ˥-lɑ˩, | zo˧mv̩˥-ʈʂʰɯ˩ | le˧-hɤ˩; | le˧-ʂe˧, ɖɯ˧-ʁo˧-kwɤ˧tɕɯ˥-lɑ˩ | tʰi˩˥, | ə... li˩˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | tsʰe˧ | <le˧...> le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | -kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, |

Ainsi, quand il possédait [enfin les bonnes choses qu'il désirait], l'enfant était devenu quelqu'un d'accompli; il est parti chercher (la fortune), et il l'a obtenue, euh... il ramène du thé! Il ramène du sel! [Mais] alors...

孩子长大成人,出去谋生路,衣锦还乡带回了茶、带回了盐巴,可是……

S51 stop écouter
"ə˧mi˧! | õ˧˥ | ə˧mi˧ | mɤ˧-dʑo˧-ze˧! | zo˩no˥, | dzɯ˧-di˧˥ | ə˧tso˧-mɤ˧-ɲi˩ | dʑo˧!" | pi˧, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-ɲi˥-mæ˩! |

"Hélas! Ma propre mère s'en est allée! (littéralement: "[je] n'ai plus ma propre mère") [Alors que justement] maintenant, j'ai tout ce que je veux à manger!" Voilà ce qu'on chantait!

“可惜!亲生母亲已经走了!现在,我衣食无忧,可也没滋味了!”


NOTE : on peut également dire: /õ˧ ə˧mi˥/
S52 stop écouter
"si˧kʰɯ˧-li˥nɑ˩ | ʈʰɯ˩-se˩-gɤ˥, | njɤ˧ ə˧mɑ˧ mɤ˧-dʑo˩, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" | pi˧. |

"Quand on a bu son content de racines de pivoine, et de thé, on est repu; mais si ma mère est morte tandis que j'étais au loin, alors c'est bien en vain!"

“舒舒服服喝着白芍药根,可现在没意思了!阿妈不在了,就没意思了!”

S53 stop écouter
ə˧hɑ˩bɑ˩lɑ˩ gwɤ˩-dʑo˩, | æ˧ʂæ˧! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥... | dʑɯ˩ʁo˩˥ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-ɲi˥-mæ˩! |

Voilà ce qu'on chantait, autrefois! Les gens qui étaient partis conduire des caravanes dans la montagne, voilà ce qu'ils chantaient!

从前,就是这么唱的!马帮的人,在山上就是这么唱的!


NOTE : Note d'avant 2013: 'on ne peut dire: /*ʈʂʰɯ˧ni˧ gwɤ˥-ɲi˩-mæ˩/. N'est pas seulement un choix stylistique.' Le fait que le ton haut du mot qui était noté comme /ʈʂʰɯ˧ni˧˥/ ne puisse se réassocier à la syllabe suivante constituait une énigme. Réponse en 2013: ce mot est en fait /ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥/; la troisième syllabe est phonétiquement réduite, mais pas au point de disparaître. Cela explique pourquoi on ne peut dire /*ʈʂʰɯ˧ni˧ gwɤ˥-ɲi˩-mæ˩/: il manquerait une syllabe.
S54 stop écouter
tʰi˩˥, | "ʂæ˧~ʂæ˩ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | njɤ˧-mɑ˧ | mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩!" | pi˧. |

"J'ai ramené [une cargaison] de très loin; [mais] Mère n'est plus! Comme c'est désolant!"

“我从很远的地方带回来了东西,阿妈却已不在人世,这可真是让人伤心!”


NOTE : on peut dire: njɤ˧-mɑ˧ 'ma mère'
S55 stop écouter
li˩˥ | le˧-tɕɯ˧˥, | ɑ˩ʁo˧ tʰv̩˧-ɲi˥-ze˩-wɤ˩! | li˩ tɕɯ˧-hɯ˥, | li˩˥ | mɤ˧-ɖɯ˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə... ə˧mi˧-ki˧ si˧kʰɯ˧ qwæ˩-le˩-po˩-tsʰɯ˩, | tʰi˧-ʈʰɯ˩-kʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧-dʑo˩-bi˩˥, | le˧-ʂɯ˧-bi˧, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩! |

On transportait du thé; on parvenait à la maison! Quand on partait transporter du thé, quand on n'obtenait pas de thé, on allait en montagne déterrer des bulbes de pivoines, qu'on (lui) donnait à boire (en décoction); comme sa mère est morte, qu'elle va mourir, ça n'a plus de sens!/quelle tristesse!

人家从很远的地方带回了茶,带回到家里。没有茶,就去山上找白芍药根。如果母亲已经去世,就没意思了,真难过!

S56 stop écouter
ə... <li...> "si˧kʰɯ˧ ʈʰɯ˧-se˥-gɤ˩-dʑo˩, | mɤ˧-ɲi˧-ze˧!" | pi˧-ɲi˥-tsɯ˩-mæ˩. | ə˧mi˧ le˧-ʂɯ˧, | tʰi˧-kwɤ˩-kʰɯ˩!" | pi˧. |

On chantait: "Boire de la pivoine à satiété, ce n'est plus la peine! (=ma mère n'est plus là pour savourer toutes ces décoctions de pivoine!) Maman est morte; ce n'est plus la peine!"

我们唱:“喝着白芍药根,也没有用了呀!阿妈去世了,没有用了!”

S57 stop écouter
li˩ tɕɯ˧˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥ | -dʑo˩, | ə˧mi˧! | õ˧˥ | ə˧mi˧ | le˧-ʂɯ˧-ze˧! | ə˧mi˧ mɤ˧-dʑo˩, | mɤ˧-gɤ˩-ze˩!" | pi˧. | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | gwɤ˩-ɲi˥-mæ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ɳɯ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩. |

On ramenait du thé, en caravane; "Hélas! Ma propre mère est morte! Sans ma mère, quelle tristesse!" Voilà ce qu'ils chantaient, les caravaniers, autrefois!

通过马帮带回了茶。“可惜!我的亲阿妈,已经去世啊!没有了阿妈,真难过呀!”马帮的人,从前就是这么唱的!

S58 stop écouter
tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | hɯ˧! | ho˧di˧-dʑo˧, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | ʂe˧ʈʂe˩ tɕɯ˩-le˩-po˩-tsʰɯ˩! | ʂe˧ʈʂe˩! | ho... ho˧di˧-ʂe˧ʈʂe˩-pi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Voilà comment ils partaient! Du Sichuan, ils ramenaient du riz, en caravane! Ils ramenaient des tissus, en caravane! Du tissu! On parlait du "tissu du Sichuan", autrefois!

(马帮的人)是这样上路的!从四川带回来米,用马驮。他们带回布匹,用马驮。以前,我们就把它们叫做“四川料子”!

S59 stop écouter
ʂe˧ʈʂe˩-ʈʂʰɯ˩, | pʰv̩˩tɕæ˩ɻæ˥-zo˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ dʑo˩-kv̩˩-mæ˩, | <ɖɯ...> qʰɑ˧-ʂæ˧~ʂæ˧-zo˥! | ɖɯ˧-tsʰi˥~ɖɯ˩-tsʰi˩! | õ!

Le tissu, il y en avait des pièces toutes blanches, comme ça; très longues, mesure après mesure! Eh!

布匹料子,有全白的布料,像这样,很长,一幅一幅的!

S60 stop écouter
ɖɯ˧-tsʰi˥-ɳɯ˩, ə... | ʈʰæ˧qʰwɤ˧... | ɲi˧-tsʰi˥-ɳɯ˩, | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧-lɑ˥ tʰv̩˩-kv̩˩. |

Avec une mesure, euh... Pour une robe... avec deux mesures, on ne pouvait faire qu'une seule robe!

一幅布呢……一条裙子需要两幅布!

S61 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | -zo˩... | ɲi˧-tsʰi˥~ɲi˩-tsʰi˩, | ɖɯ˧-v̩˧-ki˧-ɳɯ˩, | ɲi˧-tsʰi˥~ɲi˩-tsʰi˩ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-hwæ˧ le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! |

[On offrait le tissu] de cette façon: on l'offrait à une personne par deux mesures; on l'achetait deux mesures par deux mesures, et on le ramenait! (=Lorsqu'on achetait du tissu, c'est comme ça qu'on raisonnait: on se demandait combien on voulait de paires de mesures =combien de robes on voulait en tirer!)

是这样算的:两幅两幅地送人。是这么带回来的!

S62 stop écouter
"ə˧mi˧! | ho˧di˧ hɯ˧-hĩ˧, | <le˧...> ʈʰæ˧qʰwɤ˧ le˧-po˧-ʝi˧-ʝi˧-ze˩!" | pi˧. |

On disait: "Aaaah! Ceux qui sont partis vers le Sichuan, ils vont ramener (de quoi faire) des robes!"

人常说:“啊呀!去四川的人,会给带回来(做)裙子(的布料)!”


NOTE : vérifié: n'est pas ho˧di˧ hɯ˧-hĩ˧ hĩ˧
S63 stop écouter
hĩ˧=ɻæ˥, | tʰi˩˥ | mi˩zɯ˩=ɻæ˥, | zo˩no˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩-hĩ˩, | zo˩no˥, | pʰæ˧tɕi˥ | ɖʐv̩˧ ɲi˩-pi˩, | ɖʐv̩˧ ʈʂʰɯ˧-v̩˧-ɳɯ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-ze˩-mæ˩! |

les jeunes filles, les gens qui étaient partis en caravane, eh bien, si elle était l'amie d'un des jeunes gens, son ami lui ramenait (des cadeaux)!

年轻姑娘,如果有人跟马帮中的年轻小伙子是朋友,他会给她带回来礼物的!


NOTE : vérifié: n'y a pas de syllabe supplémentaire après /ɲi/ dans: ɖʐv̩˧ ɲi˩-pi˩.
NOTE : avant juin 2012: noté: /*ɖʐv̩˧ ʈʂʰɯ˧-v̩˧-ɳɯ˧/.
S64 stop écouter
no˧-ɳɯ˧ | ɕjɑ˧tɕo˧-ki˧ ki˩-ni˩-zo˩, | ə˩-gi˩! | ɖʐv̩˧-ɳɯ˧ | le˧-hwæ˧ | le˧-po˧-ʝo˥! | bɑ˩lɑ˩ hwæ˥, | le˧-po˧-ʝo˥! | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ hwæ˧, | le˧-po˧-ʝo˥! |

C'est comme quand toi tu offres des choses à Xiaojun, n'est-ce pas! L'ami achetait [des cadeaux], qu'il ramenait! [Il] achetait des vêtements, qu'il ramenait! [Il] achetait une robe, qu'il ramenait!

就像你给筱筠买礼物一样,对吧!朋友买礼物回来!买衣服、裙子什么的,给她带回来。


NOTE : 筱筠, prononcé /ɕjɑ˧tɕo˧/: nom de ma compagne
S65 stop écouter
"ə˧mi˧! | næ˧ɻ̍˩-se˩, | ɖʐv̩˧ le˧-ʝi˩-ʝi˩-ze˩! | dʑi˧ qæ˧ tʰɑ˩-ʝi˩-ze˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩-ɲi˩!" | pi˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ʐwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩! |

"Eeeeh! Vous autres, votre ami va revenir! Vous allez pouvoir changer de vêtement! [Votre ami] s'en est allé en caravane!" Voilà ce qu'on disait, autrefois!

“你们啊,你朋友要回来了,你就有新衣服可换了!”从前,就是这么打趣别人的!


NOTE : d'abord noté /*ʐwɤ˩-kv̩˥-mæ˩/
S66 stop écouter
tʰi˩˥, | ho˧di˧ hɯ˧, | ʂe˧ʈʂe˩... | ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! |

Quand on allait dans le Sichuan, le tissu de coton... on achetait du tissu de coton et on le ramenait!

去四川,买棉布带回来。


NOTE : d'abord noté /*ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ le˩-po˩-tsʰɯ˩˥/, mais c'est un groupe tonal mal formé. C'est en fait: /ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥/; en débit rapide, la remontée entre /hwæ˩/ et /le˧/ n'est pas sensible.
S67 stop écouter
- tsʰe˧?

Du sel? (mot dit par l'enquêteur)

-(还有)盐巴(吗?)

S68 stop écouter
ə... tsʰe˧! ə̃, | jɤ˧ŋɤ˧! | o! jɤ˧ŋɤ˧ hɯ˧-ɲi˥-wɤ˩! | jɤ˧ŋɤ˧-dʑo˧, | ʂe˧ʈʂe˩-lɑ˩ | ə... ʁo˧ni˥ dʑo˩-kv̩˩! |

Du sel, oui! On allait à Chengdu! Chengdu, il y avait là-bas (=on y trouvait) du tissu de coton et... des coiffes en fil!

盐巴,当然有啊!去成都,那儿有棉布、有发带!

S69 stop écouter
ho˧di˧-dʑo˧, | tsʰe˧<-ʈʂʰɯ˧> | tɕɯ˧-le˧-po˧-tsʰɯ˧˥ | -ɲi˩! | ə˧mɑ˧ ʐwɤ˩ | wɤ˩˥ | <le˧-tsʰo˥-ze˩> [mɤ˧-ho˩-ze˩]! |

Le Sichuan, on en ramenait du sel! Je me suis trompée [dans ce que j'ai dit tout à l'heure]!

从四川,也带回盐巴!刚才忘讲了!


NOTE : tsʰo˥: mot chinois: 错, se tromper
S70 stop écouter
ho˧di˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ho˧di˧-dʑo˧, | tsʰe˧ tɕɯ˩-hɯ˩-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Le Sichuan, autrefois... le Sichuan, on allait y faire le commerce du sel, n'est-ce pas!

以前,我们会去到四川做盐巴生意,是嘛!

S71 stop écouter
jɤ˧ŋɤ˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | zo˩qo˧ ɲi˩? | zo˩no˥ | ʐwɤ˩˥ | -dʑo˩ | njɤ˧ F | mɤ˧-sɯ˥! |

La ville de jɤ˧ŋɤ˧ (=Chengdu), c'est où (=c'est quoi son nom actuel)? Comment on l'appelle maintenant, je ne sais pas! (Question posée à l'enquêteur)

jɤ˧ŋɤ˧这个城市,在什么地方呢?现在叫什么,我不知道!(注:jɤ˧ŋɤ˧是成都的摩梭名称)

S72 stop écouter
jɤ˧ŋɤ˧-pi˧ | ɖɯ˧-ʝi˧ bi˧-kv̩˧˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | ho˧di˧-pi˧, | ɖɯ˧-ʝi˧ bi˧-kv̩˧˥! |

Il arrivait qu'[on] aille à un endroit qui s'appelait jɤ˧ŋɤ˧ (=l'actuel Chengdu), autrefois! Il arrivait qu'[on] aille à un endroit qui s'appelait ho˧di˧ (=l'actuel Sichuan: Yanyuan, Xichang...)!

他们到一个我们称作jɤ˧ŋɤ˧的地方(=成都),又到一个我们称作ho˧di˧的地方(=盐源、西昌等四川省的地方)。

S73 stop écouter
ə˧ti˥-dzi˩-pi˩ | ɖɯ˧-ʝi˧ bi˧-kv̩˧˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩! |

Il arrivait [aussi] qu'[ils] aillent à un endroit qui s'appelait ə˧ti˥ (sans doute: l'actuel Weixi 维西), les gens qui partaient en caravane!

还会去一个名叫ə˧ti˥的地方!(注:可能是维西) 马帮的人,会去这些地方!

S74 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕɯ˧˥, | ʐwæ˧ | tʰo˩lo˧, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩ | le˧-di˧˥, |

Voici comment on menait la caravane: pour les chevaux, on menait le cheval de tête et le second cheval,

马帮是这么安排马匹的:领头的马和第二匹马是有人骑的。

S75 stop écouter
njɤ˧ ə˧v̩˧-ʈʂʰɯ˧, | tʰo˩lo˧... | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩-pi˩-kv̩˩-mæ˩! | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | di˧˥ | -dʑo˩! |

Mon oncle, il conduisait le premier cheval, le deuxième cheval (les bêtes de tête)! L'oncle aîné! Voilà comment il conduisait [les bêtes]!

我舅舅,大舅舅,骑着领头的马或第二匹马。他是这样领着马队赶路的!


NOTE : rappel: ɖɯ˩mi#˥: mule femelle; ɖɯ˩zo#˥: mule mâle
S76 stop écouter
ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə... ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-bv̩˩˥ | ə... ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩, | zo˩no˥, | tsʰo˧pæ˧... tsʰo˧pæ˧-mv̩˥ʈʂæ˩-ɲi˩-mæ˩! | zo˩no˧-dʑo˥, | lo˧pæ˧-mv̩˧ʈʂæ˧˥ | -dʑo˩, | ə˩-gi˩! |

L'oncle cadet, lui, eh bien... L'aîné des oncles, il partait en caravane! L'oncle aîné, eh bien, c'était un chef de caravane; on l'appelait "chef de caravane" / il portait le titre de "chef de caravane"! (mot tibétain) Aujourd'hui, on parle du "patron" (mot chinois), n'est-ce pas! / C'est l'équivalent de ce qu'on appellerait aujourd'hui "le patron" (mot chinois: 老板), n'est-ce pas!

大舅,他曾经是马帮的首领,人家叫他“马帮头领”。也就是今天大家叫的“老板”,是吧!


NOTE : vérifié: n'est pas *ɖɯ˩-hĩ˩-bv̩˥ mais ɖɯ˩-hĩ˩-bv̩˩˥
NOTE : Avant 2014: noté /*zo˩no˧-dʑo˧/.
S77 stop écouter
õ! tsʰo˧pæ˧ ʝi˧-kʰɯ˩-ɲi˩-mæ˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧ ɖɯ˧-hĩ˥-dʑo˩! | tsʰo˧pæ˧ tʰi˧-tɕʰo˩! |

Eh! On lui confiait le rôle de chef de caravane, à l'aîné de mes oncles! On suivait le chef de caravane! (=Tout le monde le suivait/ il guidait toute la caravane)

我的大舅,是马帮头领,带着整个马帮,大家都跟着他走!

S78 stop écouter
ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | dʑo˩ | tʰi˩˥, | <ə...> ə˧so˧, | zo˩no˥, | no˧ tʰv̩˧-qo˧ tʰæ˧ɻæ˩-bi˩ | tʰi˧-tɕi˩-ni˩, | ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩ | pi˧-hĩ˧ tʰv̩˧-v̩˧-dʑo˩, | ə... lɑ˧do˧ ʝi˧-kʰɯ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ʐwæ˧ lv̩˩! |

Quant à l'oncle cadet, eh bien, celui qui s'appelait ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩, comme tu l'as écrit tout à l'heure dans ton livre (="comme tu l'as consigné tout à l'heure dans ta liste de vocabulaire!" Explication: ce matin-là, nous avions enquêté au sujet des prénoms), on le chargeait du rôle de palefrenier! Il mettait les charges sur les chevaux! Il menait paître les chevaux!

二舅,叫ʈæ˧ʂɯ˧-pæ˩pʰæ˩,你早上已经记下来了他的名字!他当马夫,把货物绑在马上、负责喂马!

S79 stop écouter
tʰi˩˥, | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | tsʰo˧pæ˧ ʝi˧, | tsʰo˧pæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩! |

L'aîné des oncles, il était chef de caravane, on l'appelait "chef de caravane"!

大舅是马帮首领,我们叫他“马帮头领”!

S80 stop écouter
ə... ʐwæ˧ | zo˩qo˧ tʰv̩˧-ɻ̍˧, | tsʰo˧qʰwɤ˩ | tʰv̩˧-qo˧ | tʰi˧-hɑ̃˧˥, | pi˧ | tʰi˩˥, | tʰi˧-hɑ̃˧˥ | -kwɤ˩tɕɯ˩, | ʈʂʰɯ˧-dʑo˧ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧ F | lv̩˧-tʰɑ˧-bi˧! | <hwɤ˩dʑɯ˩-qo˥> kv̩˧dʑɯ˧-qo˥ | tʰi˧-dzi˩! |

On dormait le soir là où les chevaux étaient parvenus; comme on y passait la nuit, lui, il n'avait pas à mener paître les chevaux! Il se tenait assis <dans la hutte> [dans la tente]! (=Il était dispensé des corvées effectuées par les palefreniers)

马能走到哪儿,晚上就在哪儿歇脚。在那边过夜,马帮头领就不用遛马去吃草。他在帐篷里休息。


NOTE : d'abord noté /*tʰi˧-hɑ̃˧˥ | -kwɤ˩tɕɯ˩, | ʈʂʰɯ˧-dʑo˩ |/ (note de juillet 2012)
S81 stop écouter
ə... ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | kv̩˧dʑɯ˧˥! | kv̩˧dʑɯ˧-pi˥-kv̩˩-mæ˩! | zo˩no˧-dʑo˥, | ʈʂæ˧˥pʰo˩ tsɯ˩-mɤ˩-tsɯ˩! | kv̩˧dʑɯ˧-pi˥-kv̩˩! | kv̩˧dʑɯ˧-ʈʂʰɯ˥... | pʰv̩˩tɕæ˩-ɻæ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧ ʑi˩, | tʰi˧-lɑ˧˥! | ʐwæ˧-tɕɯ˩ | tʰi˧-qʰo˧! |

Autrefois, on appelait ça kv̩˧dʑɯ˧˥ (=tente)! On disait "tente"! Maintenant, on dit ʈʂæ˧˥pʰo˩ (mot chinois), hein! La tente, on en prend une bien blanche, et on la déplie! On empile les selles!

白白的帐篷,可以折叠!马鞍要摞在一起!


NOTE : Avant 2014: noté /*zo˩no˧-dʑo˧/.
S82 stop écouter
ʐɤ˩mi˩˥... | ə, tsʰe˩-hɑ̃˩-ɖʐɯ˩-bi˩˥, | tsʰe˩-hɑ̃˩-qo˥ | ʐɤ˩mi˩˥... | õ! ɑ˩pʰo˩ ʑi˥, | kv̩˧dʑɯ˧-ʈʰæ˧qo˥ ʑi˩! |

Le trajet (littéralement "la route")... [s'il dure] dix jours, [alors] pendant dix jours, en route... eh oui! on dort dehors: on dort sous la tente!

如果脚程有十天,就睡十天帐篷!


NOTE : qʰo˧: empiler
S83 stop écouter
ə... ɖɯ˧-ɬi˧-ɖʐɯ˩-bi˩, | ɖɯ˧-ɬi˧ | kv̩˧dʑɯ˧-ʈʰæ˧qo˥ dzi˩! |

Si le trajet dure un mois, on habite un mois sous la tente!

如果有一个月,就睡一个月帐篷!

S84 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! | tʰi˩˥, | ə... ho˧di˧-ɳɯ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩ | tʰi˩˥, | ho˧di˧-ɕi˧ʈʂʰwæ˧-pi˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Voilà comment on revient en caravane! (=Voilà comment se passait un trajet aller-retour en caravane) Quand on revient d'un voyage en caravane dans le Sichuan... on parlait du "riz du Sichuan", autrefois!

这就是马帮走一趟的情况!从四川赶马回来……我们以前叫“四川大米"!

S85 stop écouter
ho˧di˧-ni˧fv̩˥-pi˩, | ni˧fv̩˥-tʰv̩˩, | qʰɑ˧-ʂæ˧~ʂæ˧-hĩ˧ dʑo˧-kv̩˩-mæ˩! |

On parlait des "grands sacs en cuir du Sichuan"! Les sacs en cuir, il y en avait de gigantesques!

也叫“四川大皮包”!大皮包,有非常大的!

S86 stop écouter
njæ˧sɯ˩kv̩˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɣɯ˧ | le˧-dɑ˩, | ɣɯ˧ | le˧-dɑ˩ | -dʑo˩, | ho˧di˧ tɕʰi˧-bi˧-kv̩˧-tsɯ˥ | mv̩˩! |

Quant à nous, les femmes, autrefois, on tissait le lin; et comme on tissait du lin, on allait le vendre dans le Sichuan!

我们女人就织麻布,让他们拿到四川去卖!

S87 stop écouter
tʰi˩˥, | mmm... ə... ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ hɯ˩, | pʰi˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʑi˧-po˧-hɯ˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧-dʑo˥, | ŋv̩˧ | ɖɯ˧-mɤ˧-kv̩˧-tsɯ˥ | mv̩˩! |

A chaque fois que les caravaniers partaient, ils emportaient tout le tissu de lin [qu'on avait fabriqué]; [mais] quand ils le vendaient dans le Sichuan, on n'en retirait pas d'argent! (ça ne se vendait pas bien cher!)

每次马帮走的时候,他们把我们织的所有麻布都带走。但在四川卖不出什么钱来!


NOTE : tons vérifiés: est bien /ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧-dʑo˥/
NOTE : vérifié: est bien /ɖɯ˧-ʂɯ˩ hɯ˩/, et non: /*ɖɯ˧-ʂɯ˩ hɯ˩-ɻ̍˩/.
S88 stop écouter
tʰi˩˥, | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩... | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˥-mæ˩: | "ho˧ di˧, pʰi˩ tɕʰɯ˩-jɤ˩; | ɬɑ˧sɑ˧, zo˧ tɕʰɯ˩-jɤ˩!" -pi˩. |

Alors, le proverbe... voici ce que disait le proverbe: "Le Sichuan, on lui abandonne (on lui donne pour rien) notre tissu de lin; Lhasa, on y abandonne (on lui donne pour rien) nos fils!" (Explication: le tissu de lin partait pour le Sichuan, et il n'en revenait que de maigres sommes d'argent. Les fils partaient à Lhasa pour s'accomplir comme moines, ou pour faire du commerce, et beaucoup n'en revenaient pas ou ne revenaient que bien longtemps après, car un marchand ne revenait de Lhasa qu'après avoir fait fortune, et un bonze qu'après avoir acquis une grande notoriété, faute de quoi la crainte de faire honte à leur famille les dissuadait de revenir. Le chemin était long et ardu; beaucoup n'avaient pas les moyens d'entreprendre le voyage de retour, et demeuraient à Lhasa, vivant au jour le jour; d'autres disparaissaient en chemin.)

有句谚语:“四川扔麻布、拉萨扔儿子!”(说明:麻布在四川不值什么钱,就跟扔了一样。儿子去拉萨当喇嘛或者做买卖,等着功成名就才会回来。山高路远,很多人没有回家的盘缠,也有人失踪在路上。)


NOTE : de: tɕʰɯ˧˥ 'jeter, perdre'
S89 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɬɑ˧sɑ˧ hɯ˧-dʑo˥, | zo˧-ʈʂʰɯ˧, | le˧-wo˥ | le˧-ʝo˩ mɤ˩-kv̩˩-ze˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

Autrefois, quand il partait à Lhasa, [votre] fils, il n'en revenait pas!

从前,儿子去了拉萨,就再也见不着他了!

S90 stop écouter
ho˧di˧-ʈʂʰɯ˧, | pʰi˧ le˧-po˧~po˥-bi˩, | le˧-tɕʰi˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | tʰi˧-kwɤ˩-ni˩-gv̩˩-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

Dans le Sichuan, quand on y emmenait son tissu de lin, qu'on l'y vendait, eh bien, c'est comme si on le jetait [par la fenêtre]! (=on le vendait à vil prix; on n'en retirait presque aucun argent)

在四川卖麻布,就像扔掉一样,拿不回什么钱。


NOTE : vérifier à nouveau: n'y aurait-il pas une syllabe en plus, telle que /ʝi/ ou /ʝo/, entre /gv̩˩/ et /kv̩˩/?
S91 stop écouter
tʰi˧-tɕʰɯ˧˥ | -ni˩ | le˧-jo˩-kv̩˩-ze˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

On revenait [les mains presque vides,] comme si on avait jeté [tout ses tissus]/comme si on s'en était débarrassé!

两手空空回来,就像什么都没拿去!


NOTE : tʰi˧-tɕʰɯ˧˥: jeter (des poubelles, des détritus...)
S92 stop écouter
ɖʐe˧ | dʑɤ˩˥ | ɖɯ˧-mɤ˧-kv̩˧-tsɯ˥ | mv̩˩! |

On n'obtenait guère d'argent!

不赚什么钱!

S93 stop écouter
"ho˧di˧, pʰi˩ tɕʰɯ˩-jɤ˩; | ɬɑ˧sɑ˧, zo˧ tɕʰɯ˩-jɤ˩!" -pi˩, | æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩! |

"On perd son tissu de lin dans le Sichuan; et son fils à Lhasa!" Voilà ce que disait le proverbe.

所以有这句谚语:“四川扔麻布、拉萨扔儿子!”

S94 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | sɑ˧, | hæ̃˧qʰv̩˥-dʑo˩, | ʝi˧kʰv̩˥, | ʑi˧ le˧-ŋv̩˩, le˧-ŋv̩˩, | tohõ! pi˧, | wɤ˩˥ | sɑ˧ le˧-ɲi˩, | le˧-ɲi˩, | wɤ˩˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩! |

Autrefois, les femmes, en pleine nuit, [elles continuaient à tisser]; certaines s'endormaient; [leur tête tombaient en avant] Boum! [et cela les réveillait]; alors elles se remettaient à filer [le lin], filer [sans fin], comme ceci!

从前,女人织布到深夜。瞌睡地头都撞到织机上了,撞醒了再继续织!

S95 stop écouter
wɤ˩˥, | sɑ˧ | le˧-ɲi˩, | le˧-ɲi˩, | le˧-ɲi˩, | tʰi˩˥, | ɣɯ˧ | le˧-dɑ˩, | le˧-dɑ˩; | ho˧di˧ tɕʰi˧-bi˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |

Encore [et encore], elles filaient, filaient, filaient; et elles tissaient, tissaient des tissus; tout cela, pour aller le vendre dans le Sichuan!

织啊,织啊,都为了拿到四川去卖!

S96 stop écouter
tʰi˩˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | hĩ˧=ɻæ˥, | ʝi˧kʰv̩˥, | bi˧-mɤ˧-ʁo˧-hĩ˧ <b...>, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ mɤ˩-dʑo˩-dʑo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-ki˩ hwɤ˩-kv̩˩-mæ˩! |

Quand on allait les vendre dans le Sichuan, les gens, certains, ceux qui ne pouvaient pas y aller [eux-mêmes], comme ils n'avaient pas [dans leur famille] de personnes qui participaient aux caravanes, ils confiaient [les tissus] aux caravaniers!

家里人没有参加马帮的人家,就把布匹托给别人去卖。

S97 stop écouter
"njɤ˧ | ʐwæ˧ tʰv̩˧-v̩˧ | no˧ | ɖɯ˧-tɕɯ˧-ɻ̍˥! | njɤ˧-pʰi˩ ʈʂʰɯ˩-kʰwɤ˩ | no˧ | ɖɯ˧-tɕʰi˧-qɑ˩-ɻ̍˩!" | pi˧, | tʰi˧-hwɤ˩. |

"Conduis donc mon cheval! Cette pièce de tissu de lin, vends-la pour moi!" On confiait [ainsi ces choses aux caravaniers].

“请带着我的马驮着我这块麻布,帮我卖了吧!”


NOTE : avant 2013: noté /njɤ˧ | pʰi˧ ʈʂʰɯ˧-kʰwɤ˧ | no˧.../
S98 stop écouter
ə... tʰi˩˥, | tʰi˧-hwɤ˩ | <le> [hɯ˧]-dʑo˥, | tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧-v̩˧-ɳɯ˩, | le˧-tɕʰi˧-tʰv̩˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | wɤ˩˥, | ʈʂʰɯ˧sɯ˩kv̩˩-bv̩˩ | bɑ˩lɑ˩˥ | ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩! |

Quand on avait confié [son tissu de lin], si cette personne parvenait à le vendre, il achetait des vêtements aux gens de là-bas, des tissus en coton (littéralement "[il] achetait leurs vêtements, leurs tissus en coton"), et il les ramenait [à Yongning].

如果马帮的人给他卖成功了,就在那边(四川)给他买棉布带回永宁。

S99 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ho˧di˧ mɤ˧-ɲi˩, | ʂe˧ʈʂe˩ | dʑo˧-mɤ˧-kv̩˧-pʰæ˥-di˩! | ʂe˧ʈʂe˩ hwæ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-mæ˩! |

Autrefois, sans les tissus du Sichuan (littéralement "sans le Sichuan"), je pense qu'on n'aurait pas eu de tissu de coton! [On y] achetait du tissu de coton, et on l'en ramenait!

以前,没有四川的布料,我想可能就什么棉布都没有!都是在四川买的棉布,然后带回来!

S100 stop écouter
pʰi˧ | le˧-tɕʰi˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | pʰi˧ | tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧-ʂwæ˧~ʂwæ˧, | ə˧mi˧! | le˧-dɑ˩-zo˩, | ʈʂʰɯ˧-ʂwæ˧~ʂwæ˧ po˧-jo˥-kv̩˩! | ɖɯ˧-ti˧~ɖɯ˥-ti˩ | le˧-qʰv̩˩~qʰv̩˩, | le˧-qʰv̩˩~qʰv̩˩, | le˧-qʰv̩˩~qʰv̩˩, | ɑ˩ʁo˧-gɤ˧ | ʈʂʰɯ˧-qo˧-ɳɯ˧ bi˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | pʰi˧ tɕɯ˧˥ | po˧-bi˥! | mmm... li˩ tɕɯ˧˥ | po˧-bi˥! |

Quand on vendait le tissu de lin... Le tissu de lin, il y en avait [des piles] haut comme ça! Eeeeh! Quand on en faisait, il s'en empilait haut comme ça! On en pliait couche après couche, et on en pliait encore. Quand on quittait la maison [pour une expédition lointaine], on chargeait du tissu de lin [sur les bêtes de somme]! on en avait des quantités à vendre!

卖的麻布,有很多匹,能堆成这么高!我们把它一层一层折起来。马帮离家的时候,带着很多匹麻布!


NOTE : tons vérifiés, est bien: ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧! |
NOTE : de: ɖɯ˧-ti˧˥ 'une couche'
S101 stop écouter
ə˧mi˧=ɻæ˩-bv̩˩ | tso˧~tso˧ tɕɯ˩-di˩-lɑ˩-ɲi˩-mæ˩! | le˧-tɕɯ˧˥, | ho˧di˧ tɕʰi˧-hɯ˧! |

C'était ça [la seule chose] que les femmes envoyaient [vendre] par les caravanes! On le transportait par caravane, et on allait le vendre dans le Sichuan!

这是女人唯一能托马帮卖的货物。让马帮带到四川去卖。

S102 stop écouter
ə... ho˧di˧-bv̩˧ | tso˧~tso˧, | le˧-wo˧-tɕɯ˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | wɤ˩˥ | ɬi˧di˩ tɕʰi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | <ʐv...> ə... zo˩no˥, | ʐɤ˩ se˩-zo˩-ʈʂʰɯ˥-dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥, | tʰi˩˥, | ho˧di˧ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ hɯ˩ | le˧-tsʰɯ˩, | ʂe˧ʈʂe˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥; |

Les choses du Sichuan, on les ramenait en caravane; à leur tour, on les vendait à Yongning, autrefois! Les voyageurs, voilà comment ils faisaient! A chaque fois qu'ils revenaient du Sichuan, ils ramenaient du tissu de coton;

四川的货物,


NOTE : ʂe˧ʈʂe˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥: fin fortement abaissée par facteurs intonatifs, mais est bien: le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, non ...˩ ˩
NOTE : tons vérifiés, est: /le˧-wo˧-tɕɯ˥/
S103 stop écouter
jɤ˧ŋɤ˧ hɯ˧, | mmm... ʂe˧ʈʂe˩! | hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩ dʑo˩-kv̩˩-pʰæ˩-di˩. |

quand ils allaient à Chengdu, eh bien... [ils ramenaient aussi] du tissu de coton! Il [me] semble qu'il y avait aussi de la soie [parmi les choses qu'ils en ramenaient].


NOTE : on pourrait également dire: hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩ | dʑo˧-kv̩˧-pʰæ˥-di˩.
S104 stop écouter
jɤ˧ŋɤ˧-dʑo˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩! |

Chengdu, autrefois, [on en rapportait] de la soie!

S105 stop écouter
hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-bɑ˩lɑ˩ le˩-po˩-jo˩-kv̩˩-mæ˩! |

Il arrivait qu'on [en] ramène des vêtements en soie!


NOTE : tons vérifiés; on pourrait dire: hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-bɑ˩lɑ˩ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-mæ˩ |
S106 stop écouter
njɤ˧ | ə˧v̩˧-ɳɯ˥-dʑo˩, | njæ˧sɯ˩kv̩˩, | ə˧mv̩˧-go˧mi˥, | so˩-kv̩˩˥ | ə... gi˧zɯ˧ | ɖɯ˧-v̩˧-ki˥, | njæ˩sɯ˩kv̩˩-ki˩, | gi˧zɯ˧-ki˧-dʑo˩, | ʈʂʰo˧bɤ˧! | hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-ʈʂʰo˩bɤ˩ ɖɯ˩-ɭɯ˩˥! |

Mon oncle, [pour] nous... les trois frères et sœurs... pour le petit frère, pour nous, pour le petit frère, il ramenait un habit masculin! (Note: c'était un vêtement que les hommes portaient à partir de 13 ans: sorte de veste serrée à la ceinture, qu'on portait par-dessus la chemise, dans les grandes occasions: mariage, invitations…) Il lui ramenait un habit masculin en soie!


NOTE : tons intéressants: hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-ʈʂʰo˩bɤ˩ | ɖɯ˩-ɭɯ˩˥; remontée finale inattendue; est une façon de souligner; on pourrait également dire, plus simplement: hæ̃˩-bɑ˥lɑ˩-ʈʂʰo˩bɤ˩ ɖɯ˩-ɭɯ˩ |
NOTE : gi˧zɯ˧-ki˧-dʑo˩: très hypo-articulé, fait penser à: *gi˧zɯ˧-ki˧-hĩ mais est bien -dʑo˩
S107 stop écouter
njæ˧sɯ˩kv̩˩ | so˩kv̩˩-ki˥-dʑo˩, | hæ̃˩bɑ˥lɑ˩ | ʂæ˧tsɯ˧! |

Pour nous autres, les trois [enfants qui n'avaient pas encore treize ans], il nous donnait une robe en soie!


NOTE : vêtement que portaient les enfants avant leurs treize ans: sorte de robe ample, ressemblant aux vêtements chinois
S108 stop écouter
zo˩no˥, | ə... zo˩no˥, | ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧, | tje˩ʂɯ˧-qo˥-gɤ˩, | mv̩˧-ni˧˥, | hæ̃˩bɑ˥lɑ˩ | ʂæ˧tsɯ˧ tʰv̩˧-ʁo˥! |

Maintenant... maintenant, actuellement, à la télévision, comme [les vêtements] des femmes, une robe en soie! (=C'est comme la sorte de vêtements de soie des dames qu'on voit à la télévision, dans les films historiques!)


NOTE : tons vérifiés, est: ʂæ˧tsɯ˧ tʰv̩˧-ʁo˥
NOTE : /tje˩ʂɯ˧-qo˥/: à la télévision; du chinois 电视 'télévision'
S109 stop écouter
ɖɯ˧-v̩˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧ hwæ˥ | le˧-po˧-jo˥-kv̩˩-mæ˩! |

[Notre oncle] nous en achetait un chacun, et nous le rapportait!

S110 stop écouter
tʰi˩˥, | dzɑ˩qʰwɤ˩-ʈʂʰɯ˥, | ə... ə˧tso˧, | ɣɯ˩-ʈʂʰɯ˥, | le˧-ʐv̩˧-zo˥, | qʰɑ˩ne˩˥ | ə˧v̩˧-hĩ˥ | ɖɯ˧-ʁo˩-dʑo˩-kv̩˩! | ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-bv̩˧-ni˧˥ | mɤ˧-ɲi˩-zo˩! |

Pour ce qui est des chaussures, on cousait le cuir, il y en avait de vraiment magnifiques! Elles n'étaient pas comme celles d'aujourd'hui!

S111 stop écouter
<tʰi˩˥, | hĩ˧=ɻæ˥ | njæ˧sɯ˩kv̩˩ | le˧-pi˥: | >

<Et alors, les gens nous disaient:>


NOTE : le˧-pi˥: passage pas clair sur l'enregistrement, non reconnu à la réécoute
S112 stop écouter
"ə˧mi˧! | næ˧=ɻ̍˩-se˩, | le˧-gɤ˩-ze˩-wɤ˩! | ə˧v̩˧ tsʰo˧pæ˧ le˧-tsʰɯ˧-zo˥, | tsʰo˧pæ˧-ɳɯ˩ | dʑi˧ qæ˧-kʰɯ˩-ze˩! | pi˧-kv̩˩-mæ˩. |

On nous disait: "Eh bien! Vous voici comblés! Votre oncle chef de caravane va revenir, et il va vous donner des vêtements neufs!" (littéralement: "va vous faire changer de vêtements")


NOTE : tsʰo˧pæ˧-ɳɯ˩: tons vérifiés
NOTE : d'abord noté /*næ˧=ɻæ˩/; est en fait: /næ˧=ɻ̍˩/; ne désigne pas le pluriel des jeunes filles, mais celui de la famille: la famille Latami.
S113 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˧v̩˧-ɳɯ˥ | njæ˧sɯ˩kv̩˩-ki˩ | qʰɑ˩ne˩˥ | ki˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |

Autrefois, l'oncle, envers nous, qu'est-ce qu'il était généreux!

S114 stop écouter
ə˧tso˧ mɤ˧-ɲi˩, | ə˧v̩˧-ɳɯ˥ | le˧-hwæ˧-ki˧! |

L'oncle, il achetait toutes sortes de choses, qu'il nous offrait!

S115 stop écouter
ə˧v̩˧ dʑo˧-hĩ˥=ɻæ˩-dʑo˩, | hĩ˧=ɻæ˥ | dʑi˧hṽ̩˧ F | dʑi˧ qæ˧ tʰɑ˩-kv̩˩[-ze˩], | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Les neveux et nièces qui avaient un oncle [capable], ceux-là, ils recevaient de beaux vêtements /de nouveaux vêtements, autrefois! (Littéralement "les gens qui avaient un oncle, [ces] gens-là, ils pouvaient changer de vêtement")

S116 stop écouter
hɑ˧ F | dʑɤ˩-hĩ˥ | dzɯ˧-tʰɑ˩-kv̩˩-ze˩! |

Et pour la nourriture, ils avaient de bonnes choses à manger!

S117 stop écouter
hĩ˧ | mɤ˧-dʑo˧-hĩ˥, | ə˧v̩˧-ɳɯ˥ | le˧-ʂe˧ | le˧-po˧-jo˥[-kv̩˩-ze˩!] | ʐwæ˧ le˧-tɕɯ˧˥! | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | tsʰe˩-kv̩˩˥! |

Les gens qui n'avaient rien, l'oncle les faisait venir [à la maison]! (L'oncle était généreux avec les gens pauvres, il les accueillait à la maison) Il conduisait les chevaux [des caravanes]/ il participait au commerce par caravane. Les chevaux, [il en avait] dix.

S118 stop écouter
mmm... hĩ˧ | ɲi˧-kv̩˧-bi˧, | pi˧-kv̩˩, | lɑ˧do˧ | ɖɯ˧-v̩˧, | tsʰo˧pæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧! | pi˧. | tsʰe˩-kv̩˩ tɕɯ˥-kv̩˩-mæ˩! |

Deux personnes [de la famille] partaient [en caravane]: il y en avait un qui jouait le rôle de palefrenier, et un qui était chef de caravane! C'est qu'ils conduisaient [pas moins de] dix [chevaux]!


NOTE : d'abord noté /*tsʰe˧-kv̩˧ tɕɯ˥/
S119 stop écouter
ɖɯ˧-v̩˧-lɑ˧ bi˥, | pi˧-dʑo˩, | ʐv̩˩-kv̩˩ tɕɯ˥-kv̩˩-mæ˩! |

Si une seule personne y allait, elle conduisait quatre [chevaux]!


NOTE : sur /bi˥/: est sans doute le phénomène de focalisation, noté F.
S120 stop écouter
ə... hõ˧-kv̩˥ tɕɯ˩, | pi˧-dʑo˩, | wɤ˩˥, | <ʐv...> ɲi˩-kv̩˩˥! |

Si on conduisait huit [chevaux], là, [on y allait à] deux!

S121 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tʰi˩˥, | lɑ˧do˧... lɑ˧do˧ ɲi˥-kv̩˩, | tsʰo˧pæ˧ ɲi˥-kv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕʰo˥~tɕʰo˩ bi˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, |

Ainsi, il y avait deux palafreniers, deux chefs de caravane; voilà comme ils partaient,

S122 stop écouter
lɑ˧do˧ ɲi˥-pi˩ | ʈʂʰɯ˧-tɕi˩-dʑo˩, | ɖʐɯ˧qo˩ | tʰi˧-tʰv̩˧, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | le˧-kʰɯ˧˥, | dʑɯ˧ | tʰi˧-ki˧, | lv̩˧ tʰi˧-ki˧, | qʰɑ˧dze˧-hɑ˧lv̩˧ | tʰi˧-ki˧, | tʰi˧-dzɯ˥-kʰɯ˩, | le˧-se˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | dʑɯ˩ʁo˩˥ | gɤ˧ | wɤ˩˥ | tʰi˧-lv̩˧˥. |

Ceux qui étaient palefreniers, ceux-là, quand ils arrivent à la ville, ils mettent les chevaux (à l'étable), ils leur donnent à boire, ils leur donnent du grain; ils leur donnent du picotin de maïs, ils les font manger; quand ils ont fini, ils les mènent encore paître sur la montagne (=ils doivent encore les mener paître en montagne).


NOTE : lɑ˧do˧ ɲi˥: a ici le même sens que lɑ˧do˧ ɲi˥-kv̩˩.
NOTE : dʑɯ˩ʁo˩˥ | gɤ˧ | tʰi˧-lv̩˧˥: vérifié: n'est pas *dʑɯ˩ʁo˩-gɤ˥ ni dʑɯ˩ʁo˩-gɤ˩˥; a pourtant le sens de locatif, /dʑɯ˩ʁo˩˥ | gɤ˧/ 'sur la montagne', de sorte qu'on s'attendrait à le voir intégré au même groupe tonal, comme c'est le cas pour 'ville' dans ce qui suit (juste après: phrase suivante).
S123 stop écouter
tsʰo˧pæ˧ ʈʂʰɯ˧-tɕi˩-ɳɯ˩ | tʰi˩˥, | ɖʐɯ˧qo˩-gɤ˩ | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩, | tso˧~tso˧ | le˧-hwæ˧, | mmm... tʰi˧-tɕi˥! |

Les chefs de caravane, eux, ils se promènent dans la ville! ils achètent des choses, euh... ils les rangent [parmi leur cargaison]!

S124 stop écouter
tʰi˩˥, | ze˩-ɲi˧ | wɤ˩˥ | "tsʰo˧qʰwɤ˩-dʑo˩, | ə˧zɯ˩, | lo˧ʂv̩˩ hɑ̃˩! | so˧ɲi˥-dʑo˩, | lo˧gv̩˩ tʰv̩˩! |

Après, un certain jour, à nouveau, ils annoncent: "ce soir, nous deux, on dormira à lo˧ʂv̩˩! (=Luoshui, au bord du Lac) Demain, on parviendra à lo˧gv̩˩! (=l'actuel Ninglang)"

S125 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ɑ˩ʁo˧ ɬi˧di˩-ɳɯ˩ bi˩, | lo˧ʂv̩˩ hɑ̃˩-kv̩˩-ze˩-mæ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! |

Autrefois, quand on se mettait en route depuis Yongning, on passait la nuit à lo˧gv̩˩! (=l'actuel Ninglang) On conduisait la caravane!


NOTE : vérifié: /bi/ ici a son sens de futur immédiat, non un sens plus abstrait.
S126 stop écouter
lo˧ʂv̩˩-ɳɯ˩ | le˧-se˥-bi˩-dʑo˩, | pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩ hɑ̃˩-kv̩˩-ze˩-mæ˩! |

Quand on se mettait en route depuis Ninglang, on passait la nuit à pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩! (l'actuel 红桥)

S127 stop écouter
pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩-ɳɯ˩ | le˧-se˥-jo˩-ɳɯ˩, | lo˧gv̩˩-lɑ˩ tʰv̩˩-ɲi˩! |

Depuis pæ˧ɻæ˩ʈʂʰo˩ (l'actuel 红桥), on ne peut parvenir que jusqu'à lo˧gv̩˩ (=l'actuel Ninglang) [en une journée de marche].

S128 stop écouter
ɬi˧di˩-lɑ˩ | lo˧gv̩˩, | so˩-hɑ̃˩ tʰi˥-hɑ̃˩-kv̩˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | so˩-hɑ̃˩˥! |

De Yongning à Ninglang (littéralement: "Yongning et Ninglang"), le trajet comportait trois étapes (trois nuits en route), autrefois! Trois nuits! (Note: autrefois, il fallait trois jours entre Ninglang et Yongning; sept jours entre Lijiang et Yongning; trois mois entre Yongning et Lhasa.)


NOTE : The phrase /so˩-hɑ̃˩˥/ 'three nights', found in /so˩-hɑ̃˩ tʰi˥-hɑ̃˩-kv̩˩/, is repeated by the investigator; the speaker echoes this repetition, as /| so˩-hɑ̃˩˥/.
S129 stop écouter
ʐo˩dzɯ˩˥ | wɤ˩˥ | ʐwæ˧tɕi˥ | le˧-pʰv̩˧˥, | wɤ˩˥ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ dzɯ˩. | wɤ˩˥ | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-lv̩˧˥, | wɤ˩˥ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ ʈʂæ˩. |

Au déjeuner, à nouveau, on ôte leur selle aux chevaux, on prend un repas (littéralement "on mange une nouvelle fois"). A nouveau, on mène paître les chevaux; à nouveau, [on les] selle!

S130 stop écouter
wɤ˩˥, | mv̩˩kʰv̩˩˥ | tʰi˩˥ | ʐwæ˧tɕi˥ | le˧-pʰv̩˧˥, | tʰi˩˥, | zo˩qo˧ hɑ̃˧˥ | -dʑo˩, | tʰi˧-hɑ̃˧˥! | ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-ni˧˥ | ʑi˧qʰwɤ˧, | di˩-mɤ˩-kv̩˥! |

A nouveau, le soir, on ôte leurs selles aux chevaux; là où on doit passer la nuit, on prépare le campement! Des hôtels (littéralement: "des maisons") comme maintenant, ça n'existait pas!


NOTE : tons vérifiés, n'est pas /*di˩-mɤ˩-kv̩˩˥/
S131 stop écouter
ʐɤ˩mi˩˥ | no˩-qo˥ hɑ̃˩-lɑ˩ ɲi˩! | dʑɯ˩ʁo˩˥! |

On dormait au bord du chemin, et voilà tout! En pleine montagne!


NOTE : /no˩-qo˥/: le sens n'est pas 'n'importe où', mais 'à côté de, à proximité de'
NOTE : On pourrait dire: /ʐɤ˩-ʈʰæ˩ hɑ̃˥-lɑ˩ ɲi˩/ 'on dormait au bord du chemin, et voilà tout!'
S132 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-hɑ̃˧˥, | ɖɯ˧-hɑ̃˧˥, | ɖɯ˧-hɑ̃˧-ɳɯ˥ | tʰi˩˥, | <bi˧...> lo˧gv̩˩ | so˩-hɑ̃˩ hɑ̃˥-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

Et ainsi, une nuit, puis une nuit, puis une nuit... [Pour arriver à] lo˧gv̩˩ (=l'actuel Ninglang), il fallait trois nuits!

S133 stop écouter
<jo˧... lo˧gv̩˩...> ɬi˧di˩-ɳɯ˩ | jo˧gv̩˧ tʰv̩˧, | ʂɯ˧-hɑ̃˧ ɲi˥-tsɯ˩ | -mv̩˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Depuis Yongning, pour gagner Lijiang, il fallait sept nuits, autrefois!

S134 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tsʰɯ˩-mɤ˩-ɲi˩-ze˩-wɤ˩! |

Autrefois, on n'empruntait pas le même chemin que maintenant (littéralement "on ne rentrait pas comme ça")! (Note: la route actuelle traverse le fleuve Yangtze nettement plus en aval que là où les caravaniers qui allaient de Lijiang à Yongning le passaient autrefois.)

S135 stop écouter
jo˧gv̩˧-ŋv̩˧lv̩˧-ki˧-ɳɯ˧ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-ze˩-wɤ˩! |

On revenait en passant par le glacier de Lijiang (=l'actuelle mont Yulong)!

S136 stop écouter
jo˧gv̩˧-ŋv̩˧lv̩˧-ki˧-ɳɯ˧ | le˧-tsʰɯ˩-dʑo˩, | gi˧dʑɯ˧-qo˧-kʰɯ˧˥ | -dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | mo˧qʰwɤ˥ tʰi˩-tsɯ˩-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.

Pour passer par le glacier de Lijiang, on vous faisait passer au-dessus du Yangtze, autrefois; les chevaux, on les attachait à la navette! (/mo˧qʰwɤ˥/: navette en bois qui coulissait sur la corde)


NOTE : on pourrait également dire: mo˧qʰwɤ˥ | tʰi˧-tsɯ˥-kv̩˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.
S137 stop écouter
bæ˧! | bæ˩-po˩-ɳɯ˥ | ʐwæ˧ | tʰi˧-tsɯ˧~tsɯ˧-kwɤ˩tɕɯ˩-zo˩, | gi˧dʑɯ˧-<-dʑo˧-qɑ˧>[qo˧mv̩˧], | fv! pi˧, | ɖɯ˧-tɕo˥ | kʰɯ˧˥ | -dʑo˩, |

Une corde! Quand, avec une corde, on avait attaché les chevaux, au-dessus du Yangtze, zou!!! on l'envoyait par là-bas! (=on le lançait sur la corde au-dessus du fleuve, dans le sens de la descente)


NOTE : lo˧bæ˧-qo˥mv̩˩: sur le pont de corde
S138 stop écouter
mmm... ɖɯ˧-dzɤ˥ | æ˩ʈv̩˥-ki˩ | ɖɯ˧-v̩˧-ɳɯ˧ | <tʰi˧...> tʰi˧-ʈʂʰɻ̍˧-kv̩˥-tsɯ˩ | -mv̩˩, | mo˧qʰwɤ˥ | ʈʂʰɯ˧-ɭɯ˧ | le˧-tɕʰɯ˩, | wɤ˩˥ | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | tɕɯ˧-lɑ˥, | <ə... ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧...> ʐwæ˧ tʰi˧-tsɯ˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | dv̩˧tɕo˥ | kʰɯ˧-kv̩˥-tsɯ˩ | -mv̩˩!

De l'autre côté, sur la falaise, il y en a un qui... qui agrippe [le cheval qui vient de passer la rivière]; la navette en bois, on la renvoie [par l'autre pont de corde, dont l'inclinaison permet le passage dans l'autre sens]; et à nouveau, on mène un autre cheval, et... [on] attache un [autre] cheval [pour le passage du pont]! Le cheval... on attache le cheval! On l'envoie comme ça, dans la direction [de l'autre rive]!


NOTE : d'abord noté /*ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | tɕi˧-lɑ˥/; vérifié: est bien la syllabe /tɕi˧˥/ 'conduire un cheval'
NOTE : Un caravanier, autrefois, était payé trois pièces d'argent par jour en voyage; et il fallait en donner une pour le passage d'un cheval ou d'une personne.
S139 stop écouter
ə... tɕɯ˧-lɑ˥, ə... | zo˩no˥, | tso˧~tso˧ | õ˧-bv̩˥-õ˩ | tʰi˧-tsɯ˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-tɕo˥ | kʰɯ˧˥; |

En caravane, les choses, on les attache soi-même[lors du passage du pont]! On les envoie ainsi de l'autre côté;

S140 stop écouter
gi˧dʑɯ˧ kv̩˩-pi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | <ʐw...> "ə˧mi˧! tsʰo˧qʰwɤ˩-dʑo˩, | <ʐwæ˧...> ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩, | gi˧dʑɯ˧-ki˧ | tʰv̩˧-ze˩!" | pi˧. |

On appelait ça "passer le Yangtze", autrefois! "Eeeh! Ce soir, les caravaniers, ils vont parvenir au Yangtze!" [se racontaient les membres de la famille restés à la maison]


NOTE : vérifié: n'est pas /*ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ɻ̍˩/ ni /*ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩=ɻæ˩/
NOTE : sens de /kv̩˩/ dans /gi˧dʑɯ˧ kv̩˩/: 'passer, franchir'
S141 stop écouter
ɑ˩ʁo˧ | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩ | ʈʂɤ˧~ʈʂɤ˩-kv̩˩-ze˩-mæ˩! |

Les femmes de la famille, elles comptaient [les jours]!

S142 stop écouter
zo˩qo˧, zo˩qo˧, | qʰɑ˩-hɑ̃˩˥, | zo˩qo˧, zo˩qo˧, | qʰɑ˩-hɑ̃˩-pi˥, | zo˩qo˧ tʰv̩˧... |

où [ils étaient parvenus], combien de nuits [ils devraient encore passer au dehors avant de rentrer]... / Ils doivent être parvenus ici, ils doivent être parvenus là; en tant de jours, ils seront ici, puis là, puis là...


NOTE : dans la deuxième répétition de /zo˩qo˧, | qʰɑ˩-hɑ̃˩˥/, il me semble entendre une syllable après le dernier /zo˩qo˧/; mais de l'avis de la locutrice il n'y a rien, sinon une légère maladresse de prononciation.
S143 stop écouter
zo˩no˧-ni˩, | tjɤ˧hwɑ˧˥ | mɤ˧-dʑo˧-ɲi˥-mæ˩! |

Des téléphones comme maintenant, ça n'existait pas!


NOTE : emprunt chinois: 电话 'téléphone'
S144 stop écouter
o! qʰɑ˩ hɑ̃˩-ɖʐɯ˩-ze˥, | ʈʂʰɯ˧-qo˧-pi˧ | tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧ | ɖɯ˧-so˩-hɑ̃˩ | le˧-mɤ˧-tsʰɯ˩, | pi˧-dʑo˩, |

Pendant une durée de combien de jours... par rapport à ici, s'ils ne revenaient pas pendant quelques jours [après la date escomptée pour le retour],

S145 stop écouter
"ə˧mi˧! | kʰv̩˧mæ˧ ʁo˧pv̩˩ ə˩-hɯ˩?" |

[la famille commençait à s'inquiéter:] "Hélas! Auraient-ils rencontré des brigants/Se pourrait-il qu'ils soient tombés sur des brigands?"


NOTE : /ʁo˥pv̩˩/: veut simplement dire 'faire la rencontre de'; avant septembre 2012, pensais que cela signifiait 'attaquer'.
S146 stop écouter
"ə˧mi˧! | njɤ˧-zo˧ le˧-mɤ˧-tsʰɯ˧˥", | pi˧-zo˩, | ə˧mi˧ | ʁɑ˩ʂɯ˧ | <ɕi˧tjɤ˧ kv̩˧-ɲi˥...> ʂv̩˧ɖv̩˧ tʰv̩˧-kv̩˩-ɲi˩-ze˩! |

"Hélas! Mon fils ne revient pas!" [Sa] mère était très inquiète!


NOTE : pensais d'abord à un emprunt chinois: 还是, prononcé /*hæ˩ʂɯ˧/; corrigé ensuite (juillet 2012) en: /ʁɑ˩ʂɯ˧/, mot na.
NOTE : /ɕi˧tjɤ˧/: emprunt chinois: 心跳 'avoir le cœur qui palpite'.
S147 stop écouter
ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ bæ˧˥ | -ki˩, | tʰv̩˧-mv̩˧ bæ˧˥ | -ki˩, | ə˧mi˧! | ʈʂʰɯ˧-qo˧... | gæ˧ɻæ˩-hĩ˩ <ɖɯ...> ʝi˩kʰv̩˩-hɯ˩-tsɯ˩, | le˧-tsʰɯ˩-ə˩-hɯ˩?" | pi˧, | wɤ˩˥ | le˧-bæ˧˥, | ə˧mi˧=ɻæ˩ | wɤ˩˥ | mv̩˩do˩-bi˩-zo˩-kv̩˥!

Elle courait de droite et de gauche; hélas! ici... "Il paraît que quelques personnes du village de gæ˧ɻæ˩ [proche de Yongning] y sont allées (=faisaient partie de la même caravane); sont-elles revenues?" Ensuite elle repartait à la course, à nouveau elle posait des questions aux femmes [des diverses maisonnées]!


NOTE : vérifié: n'est pas *mv̩˩do˩-bi˩-zo˩-kv̩˩˥
NOTE : tons vérifiés: est /ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ bæ˧˥ | -ki˩, | tʰv̩˧-mv̩˧ bæ˧˥ | -ki˩/
S148 stop écouter
zo˩no˧-ni˩, | no˧ | tjɤ˧hwɑ˧-lɑ˥-di˩ | mɤ˧-dʑo˧! |

Des téléphones comme maintenant, ça n'existait pas! (littéralement: "ton téléphone, ça n'existait pas!") (Explication: par nécessité, je possède un téléphone portable en Chine; la locutrice fait partie des très rares personnes que je connais qui n'en utilisent pas.)


NOTE : Rupture sur la dernière syllabe de /tjɤ˧hwɑ˧-lɑ˥-di˩/.
S149 stop écouter
ə... zo˩no˥, | hĩ˧-sɯ˧~sɯ˧-hĩ˧, | ɖʐv̩˧-ʈʂʰɯ˧, | ə˧zɯ˩, | no˧... | ə˧zɯ˩ | tɕʰo˧-tɕʰo˧-ɻ̍˩ | kʰi˧˥, | pi˧, | no˧ ʁo˧dɑ˧ | le˧-hɯ˩-pi˩, | no˧-ki˧ mv̩˥do˩, | ə˩-gi˩! | njɤ˧ | le˧-mɤ˧-tsʰɯ˩-pi˩! |

[On demandait des nouvelles] aux gens qu'on connaissait, aux amis! nous deux... toi... si on est parti ensemble, tous les deux, eh bien, si tu es parti devant [=si tu es rentré en premier], c'est à toi que [ma famille] demande[ra des nouvelles], n'est-ce pas! puisque je ne reviens pas!


NOTE : d'abord noté /*ə˧zɯ˩-tɕʰo˩-tɕʰo˩-ɻ̍˩ kʰi˩˥/
S150 stop écouter
njɤ˧ | ʁo˧dɑ˧ le˧-tsʰɯ˩-pi˩, | njɤ˧-ki˧ mv̩˥do˩! |

si c'est moi qui reviens en premier, c'est à moi qu'on demande!

S151 stop écouter
"õ! ʈʂʰɯ˧sɯ˩kv̩˩, | tsʰo˧qʰwɤ˩-dʑo˩ | ʈʂʰɯ˧-qo˧ tʰv̩˧-ʝi˧-ze˧! | ɖwæ˩-mɤ˧-zo˧!" | pi˧. |

[La personne interrogée] disait: "Oooh! Eux, ce soir, ils arriveront ici! Ne vous faites pas de souci!"

S152 stop écouter
õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˩-ɲi˩! |

Voilà ce qu'on disait!


NOTE : vérifié: il n'y a pas de particule finale /-wɤ/ dans ce passage.
S153 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥-dʑo˩, | ə˧v̩˧˥ | pæ˩pʰæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-v̩˩, | ɖwæ˧˥ | qʰwɤ˩-ɲi˥! |

Et comme ça, mes oncles... mon oncle qui s'appelait pæ˩pʰæ˧˥, il était rudement intelligent!


NOTE : /ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥$/: forte harmonie vocalique, ressemble à ʈʂʰæ˧=ɻæ˥
S154 stop écouter
kɤ˧zo˧ mv̩˥ʈʂæ˩-hĩ˩ tʰv̩˩-v̩˩-dʑo˩, | hĩ˧ tsʰo˧pæ˧ ʝi˧! | ə... tso˧~tso˧ hwæ˩! | ə... ŋv̩˩ tʰi˩-po˩˥! |

Celui qui s'appelait kɤ˧zo˧, il était chef de caravane! Il achetait les choses / C'est lui qui était chargé des achats! C'est lui qui portait l'argent!


NOTE : phonétiquement, fait penser à: /ŋv̩˩v̩˩ tʰi˩-po˩˥/, mais c'est simplement un petit accident de prononciation: il n'y a pas de syllabe supplémentaire entre /ŋv̩˩/ et /tʰi˩/
S155 stop écouter
ə... pæ˩pʰæ˧ mv̩˥ʈʂæ˩-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-v̩˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧-ɭɯ˧, | <ʐwæ˧ kwæ˧ɕi˧!> ə! ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-kv̩˩-mæ˩! | ʐwæ˧ ʁo˧mæ˧! | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥, | tʰi˩˥, | hɯ˧! |

Celui qui s'appelait pæ˩pʰæ˧˥, la nourriture des chevaux... il prenait soin des chevaux! (emprunt chinois) Voilà ce qu'il faisait! Il s'occupait (mot na) des chevaux! Ils faisaient comme ça; ils partaient!


NOTE : kwæ˧ɕi˧: emprunt chinois, 关心, prendre soin de
S156 stop écouter
hhh... ɬɑ˧sɑ˧-ɳɯ˧, | ʐwæ˧ le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | ɑ˩ʁo˧ tɕi˧! | ɑ˩ʁo˧-ɳɯ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, mmm... | tso˧~tso˧ le˧-tɕɯ˧-po˥-hɯ˩, | jɤ˧ŋɤ˧ po˧-hɯ˥! |

Depuis Lhasa, on menait la caravane, on déposait [les marchandises] à la maison! Depuis la maison, on transportait [les marchandises], mmh... on emportait les marchandises, on les emportait à Chengdu!

S157 stop écouter
jɤ˧ŋɤ˧-ɳɯ˧-dʑo˥, | ə... ho˧di˧ po˧-hɯ˥! |

[Depuis] Chengdu, euh... on transportait [des marchandises] jusque dans le Sichuan! (Aux environs de Xichang, Yanyuan...)

S158 stop écouter
hæ˧di˩-qo˩, | wɤ˩˥, | ə˧tso˧-mɤ˧-ɲi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | njæ˧sɯ˩kv̩˩-dʑo˩, | hæ˧di˩-lɑ˩ pi˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Dans les régions chinoises... nous autres, autrefois, on appelait tout "les régions chinoises"[, sans faire de différences/de façon indifférenciée], n'est-ce pas!

S159 stop écouter
ə! zo˩qo˧ ɲi˩ F | mɤ˧-sɯ˥, | tʰi˩˥, | "hæ˧di˩ hɯ˩-ɲi˩!" | pi˧. |

Eh! Quand on ne savait pas où c'était (=où quelqu'un était parti au juste: Chengdu, Xichang, Kunming...), on disait: "[Il] est parti en pays chinois!"


NOTE : L'intuition de la locutrice est qu'il n'y a pas de syllabe après /zo˩qo˧ ɲi˩/: pas de syllabe /-ɻ̍˩/ ou autre; c'est simplement une mise en valeur intonative: focalisation.
S160 stop écouter
ə... "tsʰi˧ɲi˧-dʑo˩, | hæ˧di˩ bi˩-tso˩-ɲi˩!" | pi˧. | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ ʈʂʰɯ˧=ɻæ˧-pi˥! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ | mɤ˧-dʑo˧-ɲi˥-mæ˩! |

On disait: "Aujourd'hui, c'est parti pour les contrées chinoises!" On disait: C'est parti pour le riz!/ Ce coup-ci, on est parti pour une cargaison de riz!" C'est qu'autrefois, à Yongning, il n'y avait pas de riz!


NOTE : /ɕi˧ʈʂʰwæ˧ ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥$/: le riz, ces choses-là, cette sorte de choses; phonétiquement: /ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥$/ est réalisé proche de /ʈʰæ˧æ˥/
NOTE : /ɕi˧ʈʂʰwæ˧/: fortement hypo-articulé ici
S161 stop écouter
hæ˧di˩-bv̩˩ | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩-hĩ˩-lɑ˩-ɲi˩-mæ˩! |

On n'avait que le riz qui était amené par caravane depuis les contrées chinoises!

S162 stop écouter
tʰi˩˥, | gi˩˥, | gi˩-ɳɯ˥, | sɯ˧pʰi˧-ɳɯ˧, | hæ˧ qɑ˧˥ | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ sɯ˩~sɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | hæ˧ | ɖɯ˧-ɲi˧-ʑi˩ | <tʰi˧-...> tʰi˧-dzi˩-dʑo˩, | ʈʂʰɯ˧-ɲi˥-ʑi˩-ɳɯ˩ | kʰɤ˧ʂɯ˧, | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ tv̩˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | no˧=ɻ̍˩ ɖɯ˩-pʰv̩˩ tv̩˩, | njɤ˧=ɻ̍˩ ɖɯ˩-pʰv̩˩ tv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tv̩˧-hĩ˧-lɑ˩-ɲi˩-ze˩-mæ˩! |

Alors, vrai de vrai, le seigneur, avec l'aide des Chinois, il a compris petit à petit; alors, quelques familles de Chinois se sont installés; et comme ils plantaient quelques parcelles [de riz], eh bien... en commençant par ces quelques familles-là, [ça s'est transmis de proche en proche:] vous, vous plantez une parcelle; nous; on plante une parcelle; c'est simplement comme ça qu'on plante (=que cette culture s'est répandue)!


NOTE : vérifié: est bien /gi˩-ɳɯ˥/, non /gi˩˥ | -ɳɯ˩/
NOTE : passage /ʈʂʰɯ˧-ɲi˥-ʑi˩-ɳɯ˩ | kʰɤ˧ʂɯ˧/: avait été omis lors de la première transcription.
S163 stop écouter
ʁo˧dɑ˧-dʑo˧, | ɬi˧di˩-di˩mi˩ | ɕi˧ɭɯ˧ mɤ˧-tv̩˧-ɲi˥! |

Auparavant, dans la plaine de Yongning, on ne plantait pas de riz!

S164 stop écouter
ə˩pʰo˩-hĩ˩-bv̩˥ | tɕɯ˧-le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! | v̩˧lɑ˩-ʝi˩-hĩ˩-ɳɯ˩! |

C'étaient des gens de l'extérieur qui l'apportaient! Des marchands!

S165 stop écouter
ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ʈʂʰɯ˩-ɳɯ˩! | v̩˧lɑ˩ | le˧-ʝi˥, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | tʰi˩˥, | tʰo˩lo˧, | ɻ̍˧lo˩ | ʈʰææ̃˧˥... | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | so˧-tsʰi˧, | ʐv̩˧-tsʰi˩, | ŋwɤ˧-tsʰi˩, | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˧ tɕʰo˧~tɕʰo˥! |

C'étaient les caravanes [qui apportaient le riz]! Ils faisaient du commerce. Les chevaux, le cheval de tête, le second cheval, pour de vrai... les chevaux, il y en avait trente, quarante, cinquante comme ça, qui se suivaient!


NOTE : de: /ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥$/, réalisé proche de [ʈʰææ]
S166 stop écouter
ɬi˧di˩-di˩mi˩, | qʰæ˧tɕʰi˧-hĩ˧ | <ɖɯ˧...> ʐwæ˧ | ɖɯ˧-pæ˥; | njæ˧sɯ˩kv̩˩, | ə˧lɑ˧-ʁwɤ˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-pæ˥! | gæ˧ɻæ˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-pæ˥! | lɑ˧ŋwɤ˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-pæ˥! | õ! ə... ʈʂo˧ʂɯ˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-pæ˥! |

Dans la plaine de Yongning, il y avait une troupe [de chevaux] qui appartenait aux gens du village de qʰæ˧tɕʰi˧; une à nous, les gens de ə˧lɑ˧-ʁwɤ˧; une des gens du village de gæ˧ɻæ˩! une des gens de la montagne lɑ˧ŋwɤ˧! une des gens du village de ʈʂo˧ʂɯ˧!


NOTE : /gæ˧ɻæ˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-pæ˥/: réalisé phonétiquement proche de: [gæ˧ɻæ˩-hĩ˩ ɖɯ˩-pæ˩] mais la locutrice juge que ce regroupement n'est pas bon, même en débit rapide; la forme phonologique est bien divisée en deux groupes.
S167 stop écouter
ə˧zɯ˩ sɯ˧~sɯ˧-pi˧-dʑo˩, | ə˧zɯ˩ | ɖʐv̩˧ ɲi˩-pi˩, | ɖʐv̩˧... ɖʐv̩˧... | no˧-ɳɯ˧ njɤ˩ mv̩˩, | njɤ˧-ɳɯ˧ no˩ mv̩˩, | ɖɯ˧-pæ˥ | le˧-tɕʰo˥~tɕʰo˩-hɯ˩! |

Comme on se connaissait, comme on était amis, les amis... les amis... toi, tu me comprends; moi, je te comprends (=on se comprend bien); on partait ensemble, en une même troupe!

S168 stop écouter
ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ʈʂʰɯ˧-qo˧-ɳɯ˧ | ɖɯ˧-kɤ˥~kɤ˩, | ɖɯ˧-kɤ˥~kɤ˩, | ʝi-lõ-ʁõ-lõ, ʝi-lõ-ʁõ-lõ pi˧, | kɤ˩-tjɤ˧ljɤ˧ | tʰi˧-ʈʂæ˧˥! |

Les chevaux, à partir d'ici, ils se suivaient, en une longue file: "gling, gling, gling!" On leur accrochait des clochettes pour le cou!

S169 stop écouter
ə... ʂwɤ˧ljɤ˧-kwɤ˩ | tʰi˧-ʈʂæ˧˥! | si-li-sɑ̃-lɑ̃, si-li-sɑ̃-lɑ̃, si-li-sɑ̃-lɑ̃, pi˧, | gõ-ndõ, gõ-ndõ, gõ-ndõ, pi˧! |

On leur accrochait des clochettes pour le poitrail, ding, ding, ding! [bruit des petites clochettes] Brroum, brroum, brroum! [bruit des grosses cloches; il y avait toutes sortes de cloches, dont de très grosses pour les mules, qui rendaient un son plus grave]

S170 stop écouter
njæ˧sɯ˩kv̩˩, | qo˩qɑ˩˥... | ɑ˩ʁo˧ dʑo˩ | pi˧-dʑo˩, | ɖʐɯ˧qo˩-ni˩-hĩ˩-ɳɯ˩-dʑo˩, | ə... ʐwæ˧ | tʰi˧-se˥, | le˧-mv̩˥-kv̩˩-ze˩! |

Nous autres, [dès qu'ils étaient parvenus] au col... les gens de la maisonnée, nous... à partir du moment où [la caravane à laquelle participaient des gens de la maison] s'apprêtait à entrer en ville, les chevaux en marche, on parvenait à reconnaître leur bruit particulier! (littéralement: "à les entendre")

S171 stop écouter
"o! le˧-ʝi˩-ze˩, | le˧-ʝi˩-ze˩! | o! tʰo˩lo˧-bv̩˧ | kɤ˩-tjɤ˧ljɤ˧ | tʰi˧-lɑ˧-ze˥!" | pi˧. |

Les chevaux en marche, on les entendait! On disait: "Ooh! Ils arrivent! Ils arrivent! Ooh! Il y a les cloches du cheval de tête qui sonnent!"

S172 stop écouter
õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ʐwɤ˩-kv̩˩˥ | -mæ˩!

Voilà ce qu'on disait!

S173 stop écouter
tʰi˩˥, | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-se˩-dʑo˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥ | tʰi˩˥ | gi˩˥, | ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | le˧-tɕɯ˧˥, | le˧-tɕɯ˧˥, | le˧-tɕɯ˧˥, | tʰi˩˥, | ɖæ˩mi˧... | <go˧...> mmm... zo˩no˥... | sɯ˧pʰi˧-bv̩˧ | ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | sɯ˧pʰi˧-hĩ˧-ɳɯ˩ | ʐwæ˧ le˧-tɕɯ˧˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-po˩-kʰɯ˩! | tʰi˩˥... |

Alors, de la sorte, mon oncle, ces choses-là... il conduisait les chevaux, encore et encore; au monastère de ɖæ˩mi˧... eh bien... on conduisait les caravanes du seigneur; les gens du seigneur conduisaient les caravanes, on les envoyait conduire les chevaux!


NOTE : /sɯ˧pʰi˧-hĩ˧-ɳɯ˩/: tons vérifiés; les gens du seigneur: /sɯ˧pʰi˧-hĩ˥$/
S174 stop écouter
tʰo˩lo˧ di˧-kʰɯ˥, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩-di˩-kʰɯ˩! | sɯ˧pʰi˧-ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥! |

On confiait [à mon oncle] la charge de conduire la monture de tête; [ou] la charge de conduire la deuxième monture. Il conduisait les chevaux du seigneur!

S175 stop écouter
gi˩˥, | sɯ˧pʰi˧ | ʐwæ˧ mɤ˧-tɕɯ˧˥, | õ˧˥ | v̩˧lɑ˩ | le˧-ʝi˥, | ɖɯ˧-kʰwɤ˥~ɖɯ˩-kʰwɤ˩ ɖɯ˩, | õ˧˥ | dɑ˧ʝi˩ | le˧-hwæ˧! |

En vérité, ne pas conduire les chevaux du seigneur (=ne pas travailler pour le seigneur, mais se mettre à son compte), faire son propre commerce, obtenir [des bénéfices] petit à petit, acheter sa propre mule...

S176 stop écouter
dɑ˧ʝi˩... | tʰo˩lo˧ | ɖɯ˧-v̩˧, | ɻ̍˩ɻ̍˧lo˩ | ɖɯ˧-v̩˧, | ʐwæ˧ʁo˩ | ɖɯ˧-v̩˧... | hhh... əəə... wɤ˩˥, | dɑ˧ʝi˩ | ɖɯ˧-v̩˧, | qʰv̩˧-kv̩˧ dʑo˧˥ | -ɲi˩, | njɤ˧=ɻ̍˩, | ɑ˩ʁo˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Les mules, [il y en avait] une pour marcher en tête, une pour marcher en second... un cheval, et euh... encore une mule! On en avait sept, nous, à la maison, autrefois!

S177 stop écouter
qʰv̩˧-kv̩˧-hĩ˧-tʰv̩˧, | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩˥ | no˧˥ | le˧-tɕɯ˧˥, |

Ces sept-là, c'était mon oncle aîné (=frère aîné de la mère) qui les conduisait!


NOTE : /no˧˥/: est le topicalisateur: intéressant: n'entre pas dans le même groupe tonal que le nom.
S178 stop écouter
mmm... tʰi˩˥, | ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | tʰi˧-qɑ˧˥; | le˧-tɕɯ˧˥ | hɯ˧-dʑo˥ | tʰi˩˥, | ʐɤ˩mi˩-qo˥, | ʈʂʰɯ˧-qo˧ | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ | tsʰɤ˧˥, | ʈʂʰɯ˧sɯ˩kv̩˩ | tsʰɤ˧-mɤ˧-ʁo˧-ɲi˥! |

mon oncle cadet l'aidait; quand ils étaient partis en caravane, sur le chemin, [ils savaient qu']à cet endroit, on se faisait attaquer par des brigands / cet endroit, il était menacé par des brigands; ainsi, ils ne se faisaient pas attaquer/ ils déjouaient les brigands! [Note: les brigands connaissaient les caravaniers; ils choisissaient à qui ils s'attaquaient; certains caravaniers qui entretenaient de bonnes relations avec les chefs des brigands --désignés eux aussi comme 'chefs': /kʰv̩˧mæ˧-ʁo˧mi˧/, ton M-- étaient épargnés; des brigands qui s'en seraient pris à eux auraient eu affaire à leurs chefs.]


NOTE : d'abord noté /*le˧-tɕi˥-hɯ˩-dʑo˩/; en fait: est le verbe /tɕɯ˧˥/; ressemble beaucoup phonétiquement à une séquence M.H.L.L.
S179 stop écouter
njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | tɕi˩-hĩ˩˥ | ɖɯ˧-pi˧˥ | hɤ˩˥! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩, | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ | tsʰɤ˧-lɑ˥-ɲi˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Mon oncle cadet, il était assez habile! Autrefois, les caravaniers, ils se faisaient dévaliser par les bandits, n'est-ce pas!


NOTE : d'abord noté /*kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˩
S180 stop écouter
le˧-tɕɯ˩~tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ɑ˩ʁo˧ tʰv̩˧-ho˩, | gi˧dʑɯ˧ kʰi˧ | tʰi˩˥, | jo˧gv̩˧-ŋv̩˧ɭɯ˧-ʈʰæ˧qo˩ tʰv̩˩-dʑo˩, |

Quand on ramenait [les marchandises] en caravane, qu'on allait arriver à la maison, quand on passait le Yangtze, qu'on parvenait au pied du Glacier de Lijiang (=la montagne Yulong),

S181 stop écouter
kʰv̩˧mæ˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩-ɲi˩! |

les brigands dévalisaient tout, et emportaient tout avec eux!

S182 stop écouter
ʐwæ˧ F | kv̩˧ɲi˥ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-wɤ˩! | ʝi˧kʰv̩˥, | ʐwæ˧ le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩! | õ! hĩ˧ F | le˧-ti˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-tsɯ˩ | -mv̩˩.

Le cheval revenait à vide! (=Les brigands volaient toutes les marchandises, et laissaient souvent repartir les chevaux; il était plus difficile de faire du recel et de la revente de chevaux, plus difficiles à cacher, tandis que les marchandises pouvaient aisément être dissimulées, l'argent enfoui...)


NOTE : Exemple particulièrement net du phénomène étiqueté comme 'focalisation', F, après /ʐwæ˧/, et après /hĩ˧/
NOTE : kv̩˧ɲi˥: bredouille, sans rien
S183 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | njɤ˧-bv̩˩ | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ŋwɤ˩-kv̩˩ ʈʂæ˥ | po˧-hɯ˧-ɲi˥! |

Autrefois, mes chevaux (=les chevaux de ma famille), on nous en a dérobé cinq!


NOTE : on pourrait également dire: /ŋwɤ˩-kv̩˩ ʈʂæ˥ po˩-hɯ˩-ɲi˩/
NOTE : njɤ˧-bv̩˩: tons vérifiés
S184 stop écouter
ʁwɤ˧-qo˧ | ɖɯ˧-ʑi˩-bv̩˩, | mmm... ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɖɯ˧-ʑi˩-ɳɯ˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˧-v̩˧... | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˧-v̩˧ ʁɑ˧ʂe˩, | tɕɯ˧-ʁɑ˧ʂe˥-zo˩, | lo˧gv̩˩-hĩ˩-bv̩˩-ɲi˩-tsɯ˩-zo˩! |

ceux d'une des familles du village, euh... autrefois, une famille a employé un de mes oncles, l'a employé pour partir en caravane; ça devait être des gens de lo˧gv̩˩ (Ninglang)!

S185 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | li˩læ˩˥ | -dʑo˩, | lo˧gv̩˩-pi˩-kv̩˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Autrefois, Ninglang, on l'appelait lo˧gv̩˩, n'est-ce pas!

S186 stop écouter
lo˧gv̩˩-hĩ˩ | ɖɯ˧-ʑi˩-bv̩˩ ɲi˩-tsɯ˩-zo˩! |

Ca devait être [la caravane] d'une famille de gens de lo˧gv̩˩!


NOTE : d'abord noté /*lo˧gv̩˩-hĩ˩ | ɖɯ˩-ʑi˩-bv̩˩/
S187 stop écouter
ʈʂʰɯ˧-ʑi˧=ɻ̍˧-ɳɯ˥, | ʁɑ˧ʂe˩-zo˩ | ŋwɤ˩-kv̩˩˥! | njɤ˧-bv̩˩ ŋwɤ˩-kv̩˩! | ʐwæ˧ | tsʰe˩-kv̩˩-hĩ˥-ʈʂʰɯ˩, | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩-ɲi˩! |

Cette famille, ils avaient pris cinq employés/engagé cinq hommes! Cinq de la famille Latami! et dix chevaux; eh bien, les brigands, ils ont volé le tout!


NOTE : /kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧/: forme réduite de /ɳɯ/, il n'en reste guère qu'un [ɳ]
NOTE : vérifié: il n'y a pas de syllabe finale après /le˧-ʈʂæ˧-po˥-hɯ˩-ɲi˩/
NOTE : Un passage de 1,005 seconde a été supprimé de l'enregistrement, correspondant au milieu de cette phrase: /hĩ˥-ʈʂʰɯ˩, | <NOM_DE_PEUPLE>-ɳɯ˧, | kʰv̩˧mæ˧-ɳɯ˧ |/ Y était nommé un des peuples de la région, dont le nom était ici utilisé comme synonyme de 'bandit'. La locutrice s'est immédiatement reprise et a remplacé ce nom propre par le nom commun 'bandits'. Cette coupe était absolument impérative dans le contexte de l'enquête. Le fichier original n'a pas été conservé intact, accédant ainsi à une requête de la locutrice jugée légitime par l'enquêteur. Cette demande est une des multiples composantes de l'auto-censure pratiquée en présence du micro, et dont l'influence est sensible sur tous les enregistrements. La prudence amène à éviter les propos dont il paraît évident qu'ils seraient perçus comme désobligeants/outrageux, dans un contexte où la question des 'ethnies' est extrêmement sensible. Au plan linguistique, il est évidemment gênant de retrancher une portion du signal, d'où la présente note. Mais après mûre observation de ce passage, il n'y a pas de raison solide de penser que la structure de l'énoncé, intonation comprise, soit affectée par cette retouche, et que le signal modifié soit susceptible de susciter de fausses hypothèses au sujet de la langue/fausser telle ou telle analyse qui s'appuierait dessus.
S188 stop écouter
ʝi˧-bi˧-di˧ mɤ˧-di˥! | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˧-v̩˧-hĩ˧-ʈʂʰɯ˧, | dʑi˧hṽ̩˥ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-pʰv̩˧-po˧-hɯ˧-ɲi˥! |

On n'y pouvait rien/il n'y avait rien à faire! Mon oncle, ils lui ont enlevé tous ses vêtements, et ils sont partis avec! (datation approximative des événements: la locutrice avait déjà dix ans; elle s'en souvient car son oncle lui avait promis de petites babioles en argent, et la nièce triste et déçue se souvient de son retour sans fanfare)

S189 stop écouter
hhhh! ə˧mi˧! | le˧-ɖwæ˩! | njɤ˧ | ə˧ʑi˧˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˩: |

Houlà! Ca nous flanquait une belle frousse! Voici ce que disait ma grand-mère:

S190 stop écouter
"ɖʐe˧ se˩, | tʰi˧-se˩-kʰɯ˩! | njɤ˧ | zo˧ <se˥-ze˩> [tʰi˧-se˥-ʝi˩], | njɤ˧ | zo˧ | dʑɤ˩˥ | mɤ˧-do˧-ze˥!" | pi˧-zo˩. |

"S'il n'y a plus d'argent, eh bien qu'il n'y en ait plus/ qu'il s'épuise[, ça n'est pas grave]! Si mes fils s'en vont, je ne les verrai plus!"


NOTE : entends /*njɤ˧ zo˧ se˥-ze˩/, mais la locutrice tient à corriger en: /tʰi˧-se˥-ʝi˩/.
S191 stop écouter
ʁwɤ˧-qo˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ʁɑ˥-ʂe˩ | ʂe˧-hɯ˧-dʑo˧, | hæ̃˧qʰv̩˥-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩.

On a rassemblé tous les gens du village pour aller le chercher; à la nuit, mon oncle est revenu!


NOTE : réalisé proche de: [ə˧v̩˧ le˥-tsʰɯ˩...] mais c'est un phénomène phonétique, non phonologique; en débit un peu plus lent il est impossible de prononcer ainsi; le H de /ə˧v̩˧˥/ ne peut s'attacher à la syllabe suivante.
S192 stop écouter
bɑ˩lɑ˩˥ | mv̩˧-di˩ mɤ˩-dʑo˩! |

Il n'avait pas de vêtements, rien sur lui! (=il était tout nu!)

S193 stop écouter
ɬi˩qʰwɤ˩˥ | tɑ˧kʰv̩˩ | tʰv̩˧-kʰwɤ˥-lɑ˩ | tʰi˧-ki˩! |

Il leur avait même donné sa culotte/Il avait dû leur donner jusqu'à sa culotte!


NOTE : terme qu'on utilisait autrefois pour les sous-vêtements: /qo˧lo˩-kʰɯ˩-hĩ˩/; ici, la locutrice utilise le terme chinois 短裤 'culotte, pantalon court', emprunté comme /tɑ˧kʰv̩˩/.
S194 stop écouter
hĩ˧-ɳɯ˩ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-ɣɯ˩ʂɯ˩-po˩-hɯ˩! | ʐwæ˧-lɑ˩ | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-di˧-po˥-hɯ˩! |

Ils avaient complètement épluché les gens, et ils avaient emporté leurs vêtements! Ils avaient aussi emmené tous les chevaux!

S195 stop écouter
wɤ˩˥ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-ʂɯ˩ gv̩˩! |

Voilà comment ça s'est passé, une fois! [Note: l'oncle qui s'est ainsi fait dépouiller était le second de la fratrie]

S196 stop écouter
tʰi˩˥, | "mɤ˧-ɖwæ˩! | mɤ˧-ɖwæ˩!" | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥. | "wɤ˩˥, | ə˧tso˧ ɖwæ˩-tso˩ dʑo˩? | njɤ˧-ɳɯ˧ | wɤ˩˥ | hwæ˧-bi˧!" | pi˧. |

"N'ayez crainte, n'ayez crainte!" a dit l'aîné des oncles. "De quoi on devrait avoir peur? (littéralement "Quel sujet de peur y a-t-il [donc]?") Moi, je vais racheter [autant de choses que tout ce qui a été perdu]!" [L'oncle ainsi dépouillé avait emmené, parmi les marchandises de la caravane, certaines qui appartenaient à la famille, et la famille était donc attristée de cette perte.]

S197 stop écouter
wɤ˩˥ | le˧-hwæ˧, | gi˩˥ | le˧-tɕɯ˧˥! | õ! õ˧-ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥ | dʑo˩ | tʰi˩˥, | zo˩no˥... |

Et ensuite, il a acheté des choses, et vrai de vrai, il les a emmenée [en caravane]! Comme il avait procédé ainsi, eh bien...

S198 stop écouter
njɤ˧-ɳɯ˧ tʰi˧-ʂv̩˧ɖv̩˧... ə˧ti˥dzi˩-pi˩-hĩ˩, | zo˩qo˧ ɲi˩, | mɤ˧-do˩! | njɤ˧ | mɤ˧-sɯ˥! |

Je réfléchis... ə˧ti˥dzi˩, c'était où, va savoir! Moi, je ne sais pas!

S199 stop écouter
mmm... ə˧ti˥dzi˩, | ə˧ti˥dzi˩ hɯ˩-dʑo˩, | gi˧dʑɯ˧ kʰi˧ le˧-jo˥-kv̩˩-tsɯ˩-mɤ˩-tsɯ˩? |

ə˧ti˥dzi˩... quand on allait à ə˧ti˥dzi˩, est-ce qu'on ne revenait pas par le Yangtze?

S200 stop écouter
- ə˧ti˥dzi˩!

[Ah, la localité en question s'appelait] ə˧ti˥dzi˩! (dit par l'enquêteur)

S201 stop écouter
ĩ˧, | ə˧ti˥dzi˩! | zo˩no˥, | po˧ʂæ˧-pi˧-hĩ˧ | ɖɯ˧-ʝi˧ ɲi˩-ə˩-di˩-wɤ˩? |

Oui, ə˧ti˥dzi˩! Alors, est-ce que ce serait l'endroit qu'on appelle "Baoshan"?


NOTE : po˧ʂæ˧: 宝山
NOTE : avais d'abord négligé de noter le /-wɤ˩/.
NOTE : forme complète: /ɲi˩-ə˩-di˥/; on pourrait l'employer ici: /ɖɯ˧-ʝi˧ | ɲi˩-ə˩-di˥/.
S202 stop écouter
po˧ʂæ˧-lɑ˧... | zo˩no˥ | ʐwɤ˩˥ | -dʑo˩, | po˧ʂæ˧-lɑ˧ | fv̩˩ko˩˥ | ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥ | ʐwɤ˩˥ | -dʑo˩! | hæ˧-ʐwɤ˩-dʑo˩! |

Baoshan et... pour employer les mots d'aujourd'hui, on parle de "Baoshan" et "Fengke", de ces choses-là! en chinois!


NOTE : /ʈʂʰɯ˧=ɻæ˥$/: fortement coarticulé, ressemble à [ʈʂʰææ˧˥]
S203 stop écouter
õ! ə˧ti˥dzi˩ | pi˧-hĩ˧ | tʰv̩˧-qo˧-dʑo˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | v̩˧lɑ˩-ʝi˩, | qʰɑ˩ne˩˥ | dʑɤ˩-kv̩˧˥ | -mv̩˩!

Cet endroit-là, celui qu'on appelait ə˧ti˥dzi˩, autrefois, qu'est-ce que le commerce y était bon! / on y faisait un commerce fabuleux!


NOTE : tons de /dʑɤ˩-kv̩˧˥ | -mv̩˩/ corrigés en août 2012: auparavant noté /*dʑɤ˩-kv̩˩˥/
NOTE : tons de /tʰv̩˧-qo˧-dʑo˧/ vérifiés
NOTE : d'après M18, il s'agirait d'une région au nord de Zhongdian
S204 stop écouter
ə˧ti˧-bɑ˧lɑ˥ | pi˧-zo˩, | bɑ˩lɑ˩˥, | hṽ̩... | ʂe˧ʈʂe˩ | ʈʂʰɯ˧-ʁo˥, | ə˩-gi˩! | ɖɯ˧-tsʰi˥~ɖɯ˩-tsʰi˩, | ɖɯ˧-tsʰi˥~ɖɯ˩-tsʰi˩-hĩ˩-tʰv̩˩, | qʰɑ˩ne˩˥ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-jo˩-kv̩˩! |

On parlait des "vêtements de ə˧ti˥dzi˩"! Les vêtements... c'était en tissu de coton, n'est-ce pas! Pièce après pièce, pièce après pièce, qu'est-ce qu'ils en ramenaient! / on en ramenait de grandes quantités!

S205 stop écouter
le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-jo˩, | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩, | dʑi˧ qæ˧, | dʑi˧hṽ̩˥-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | hwæ˧-kv̩˧-ze˥-mæ˩! |

On le ramenait par caravane; dans la plaine de Yongning, les femmes, elles changeaient de vêtements! les vêtements, elles en achetaient!


NOTE : avais d'abord noté /*dʑi˧hṽ̩˥ | ʈʂʰɯ˧-dʑo˧/
S206 stop écouter
ə˧ti˧-dʑɯ˩ki˩, | pi˧-zo˩, | dʑɯ˧ki˥ | ɖɯ˧-kʰɯ˩-ɳɯ˩, | lo˩jɤ˧ | ɖɯ˧-pʰæ˧-lɑ˥ ɲi˩ | tʰi˩˥, | ŋv̩˧, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-bv̩˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-pʰæ˧˥! |

[Il y avait aussi] les ceintures de ə˧ti˥dzi˩; une ceinture, ça se vendait un yuan! Une pièce d'argent, d'autrefois!


NOTE : ɖɯ˧-pʰæ˧˥: CL des pièces
NOTE : Dans /lo˩jɤ˧ ɖɯ˧-pʰæ˧-lɑ˥ ɲi˩/, l'adverbe /-lɑ/ 'seulement' ici n'implique pas que ce soit bon marché, mais indique que cela valait précisément cette somme. Paraphrase: c'était ça le prix, un point c'est tout.
S207 stop écouter
tʰi˩˥, | no˧˥, | qʰɑ˩jɤ˩˥ | kwæ˧tɕʰæ˩-ɲi˩! | ə... pʰv̩˧ɖɯ˧˥ | -ɲi˩, | ə˩-gi˩! | ɖɯ˧-pʰæ˧˥! |

Alors, ça, ça avait vraiment de la valeur! [mot chinois] Euh... c'était très coûteux, n'est-ce pas! [ça valait] Une pièce d'argent!


NOTE : /kwæ˧tɕʰæ˩/: serait du chinois local, pour dire 'précieux, qui a de la valeur'; la seconde syllabe paraît être 钱, 'argent'; en mandarin standard on dirait 值钱 'qui a de la valeur'.
NOTE : vérifié: n'est pas tʰi˩-no˥
NOTE : Selon la locutrice: on pourrait dire /*pʰv̩˧ɖɯ˧ ɲi˥/; mais ne serait pas approprié ici, pas assez expressif/exclamatif.
S208 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ | hĩ˧ | ɖɯ˧-ʑi˩, | ɑ˩ʁo˧ | tʰi˩˥ | lo˩jɤ˧ | tsʰe˩-pʰæ˩ dʑo˩-ze˥-se˩, | <tsʰi˧...> tsʰi˧ʝi˧ | ɖɯ˧-kʰv̩˧˥ | ə˧tso˧ mɤ˧-ɲi˩, | le˧-dzɯ˥ | le˧-lv̩˩-ɲi˩! |

Cette famille, quand elle avait accumulé dix pièces d'argent à la maison, cette année-ci, elle avait toutes sortes de choses à manger en abondance!

S209 stop écouter
<ə˧ʝi˧...> ə˧ʝi˧-tsʰi˧ʝi˧-ni˧˥, | ŋv̩˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-tɑ˩~ɖɯ˩tɑ˩, | zo˩qo˧ dʑo˧? |

Qui donc avait de l'argent par liasses [entières], comme de nos jours? (=Autrefois, on avait peu d'argent/ il circulait seulement de petites quantités d'argent)


NOTE : Construction parallèle du chinois (人家)哪里有那么多钱, qu'on pourrait traduire par 'Mais bien sûr qu'on n'a pas tout cet argent/autant d'argent'.
S210 stop écouter
lo˩jɤ˧ | ɖɯ˧-pʰæ˧ pi˥! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | pæ˧kʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧ | pi˧-kv̩˩-mæ˩! |

On parlait de "une pièce d'argent"! Autrefois, on parlait de "un yuan d'argent"!

S211 stop écouter
zo˩no˥, | pæ˧kʰwɤ˧ | pi˧-ɲi˥-mæ˩! | pæ˧kʰwɤ˧, | ə˩-gi˩! | pæ˧kʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧! |

On parlait de pièces d'argent! De pièces d'argent, n'est-ce pas! Une pièce d'argent!

S212 stop écouter
ʈʰæ˧qʰwɤ˧ | ɖɯ˧-ɭɯ˧˥, | ə... so˧-ɭɯ˧-lɑ˧ ɲi˥! | pæ˧kʰwɤ˧ | so˧-ɭɯ˧! |

Une jupe, ça coûtait précisément trois [pièces]! Trois pièces d'argent!


NOTE : note: /-lɑ/ 'seulement' ici n'implique pas que ce soit bon marché, mais indique que cela valait précisément cette somme. Paraphrase: c'était ça le prix, un point c'est tout.
S213 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩ | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ ɖɯ˧-ɭɯ˧˥! | pæ˧kʰwɤ˧ | so˧-ɭɯ˧! |

Autrefois, une jupe pour femme, [ça coûtait] trois pièces d'argent!


NOTE : d'abord noté /*ʈʰæ˧kʰwɤ˧/
NOTE : d'abord noté /*ʈʰæ˧kʰwɤ˧/
S214 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩=ɻæ˩-ɳɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥. | njɤ˧ ə˧v̩˧˥ | ʈʰææ̃˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | zo˩qo˧ mɤ˧-ɲi˩ | bi˧-kv̩˧˥ | -mv̩˩!

Ainsi, les gens qui partaient en caravane emportaient [ces vêtements pour les vendre]. Mon oncle, pour de vrai, il conduisait des caravanes! Autrefois, il allait partout!

S215 stop écouter
ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩, | mv̩˧ɭɯ˩! | mmm... sɯ˧pʰi˧ ɖɯ˧-ʑi˩-bv̩˩, | mv̩˧ɭɯ˩ | kv̩˧tsʰɑ˧=ɻ̍˧ pi˥-zo˩! |

Les caravaniers, ils allaient à Muli! Ceux de la famille du seigneur... on les appelait "les kv̩˧tsʰɑ˥$ de Muli"!


NOTE : kv̩˧tsʰɑ˥$, kv̩˧tsʰɑ˧=ɻ̍˥: nom de la famille des seigneurs de Muli
S216 stop écouter
zo˩no˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧-ki˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | njæ˧=ɻ̍˩ | le˧-sɯ˥-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | <kv̩˧sɑ˥> [kv̩˧tsʰɑ˥] | ki˧-zo˧-pi˧-ɲi˥-wɤ˩! |

En fait, à mon oncle... autrefois, comme on connaissait [le seigneur du monastère de Yongning, et qu'il connaissait les qualités des hommes de la famille], il a donné [mon oncle] à kv̩˧tsʰɑ˥$ (=au seigneur de Muli)! (Résumé de cette histoire: Un des oncles de F4 a été donné au seigneur de Muli par le seigneur de Yongning, pour être à son service; mais après sept ans, il s'est échappé de Muli, où le travail devait être trop dur et il ne s'était pas accoutumé; et il est revenu à Yongning. A son retour il parlait couramment le prinmi.)


NOTE : tons vérifiés: n'est pas /*ki˧-zo˧-pi˧-ɲi˥-wɤ˩/.
S217 stop écouter
kv̩˧tsʰɑ˧=ɻ̍˧ pi˥, | kv̩˧tsʰɑ˥ | ki˧-zo˧ pi˧-zo˥! |

Les kv̩˧tsʰɑ˥$... on dit qu'on l'a donné aux kv̩˧tsʰɑ˥$!


NOTE : tons à vérifier: on s'attendrait à /| pi˧-zo˩/.
S218 stop écouter
tʰi˩˥, | sɯ˧pʰi˧ | ɖɯ˧-ʑi˩ ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩! | tʰi˩˥, | kv̩˧tsʰɑ˥-ki˩ dzi˩-hɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

C'est que les seigneurs formaient une seule famille! (=le seigneur de Yongning et celui de Muli étaient amis, et ils s'envoyaient mutuellement des présents, dont des gens) Alors, il est allé habité auprès de la famille kv̩˧tsʰɑ˥$


NOTE : prononcé comme: ɖɯ˧-ʑi˩-hĩ˩, léger lapsus
NOTE : dɑ˧pʰo˥ sɯ˩pʰi˩, ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩: étaient autrefois frères; tʰo˧ʈɯ˧-sɯ˧pʰi˥: était aussi de la famille.
S219 stop écouter
kv̩˧tsʰɑ˥-ki˩ dzi˩-pv̩˩-kʰɯ˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩! |

Quand on l'a eu envoyé auprès du seigneur de Muli, il a conduit des caravanes (pour ce seigneur).


NOTE : vérifié, n'est pas /*...dzi˩-po˩-kʰɯ˩/
S220 stop écouter
ʐwæ˧ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | <ɖæ˩mi˧ tʰi...> ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ki˩ ki˩! |

Quand il revenait en caravane, il donnait au seigneur du monastère [ce qu'il avait rapporté]!


NOTE : vérifié: on dit: /sɯ˧pʰi˧/, mais: /ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩/; avais d'abord noté /*ɖæ˩mi˧-sɯ˧pʰi˩/.
S221 stop écouter
ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩ ki˩-ɳɯ˩, | tʰi˩˥, | wɤ˩˥, | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩=ɻ̍˩-ɳɯ˩ | le˧-tɕɯ˧˥! |

Quand il le donnait au seigneur du monastère, eh bien, à leur tour, les seigneurs du monastère l'expédiait [vers d'autres destinations]!

S222 stop écouter
le˧-tɕɯ˧˥, | mv̩˧ɭɯ˩... | mv̩˧ɭɯ˩ | kv̩˧tsʰɑ˥ | hĩ˧ ʝi˧-hɯ˧! |

Une fois la caravane terminée, il retournait jouer son rôle de sujet des kv̩˧tsʰɑ˥$ (=des seigneurs de Muli)!


NOTE : ressemble à: /*hĩ˧ ʝi˧-hɯ˥/
NOTE : d'abord noté /*ko˧tsʰɑ˥/; bien vérifié: est /kv/ et non /ko/.
NOTE : exemple formé sur le même modèle, imaginant qu'un serf de Muli est donné au seigneur de Yongning et devient son sujet: /mv̩˧ɭɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˩, | ɬi˧di˩ | hĩ˧ ʝi˧-hɯ˧!/ '(cette) personne de Muli, elle est allée à Yongning jouer le rôle de sujet!'
S223 stop écouter
mv̩˧ɭɯ˩-lɑ˩ | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩, | tʰi˧-pʰæ˧~pʰæ˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! |

Les seigneurs de Muli et du monastère étaient liés [par des liens familiaux]!


NOTE : d'abord noté /*ɖæ˩mi˧-sɯ˧pʰi˩/
S224 stop écouter
zo˩no˥, | mv̩˧ɭɯ˩-dʑo˩, | ɖæ˩mi˧-hĩ˧-ni˧gv̩˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! |

[Les seigneurs de] Muli, ils étaient comme des gens du monastère [de Yongning]!


NOTE : d'abord noté /*ɖæ˩mi˧-hĩ˩-ni˩-gv̩˩ ɲi˥-ze˩-mæ˩/. On pourrait également dire: /ɖæ˩mi˧-hĩ˧-ni˥-gv̩˩ ɲi˩-ze˩-mæ˩/.
S225 stop écouter
ɖæ˩mi˧-sɯ˩-pʰi˩ | hĩ˧ ɲi˥-ze˩-mæ˩! | ə˧mv̩˧-gi˥zɯ˩-ni˩! |

Ils étaient des gens [de la famille] du seigneur du monastère [de Yongning]! Comme des frères! (Explication: le seigneur de Muli était Prinmi, et le seigneur de Yongning était Na, mais ils étaient liés par des alliances familiales; d'après les souvenirs de la locutrice, une princesse de Yongning avait épousé un seigneur de Muli.)

S226 stop écouter
no˧ mɤ˧-dʑo˧, | njɤ˧ ki˧-ki˩! | njɤ˧ mɤ˧-dʑo˧, | no˧ ki˧-ki˩! |

Si tu manques de quelque chose (littéralement: "si je n'ai pas"), je t'en donne! Si je manque de quelque chose, tu m'en donnes! / Ils étaient solidaires, ils s'épaulaient en cas de besoin!


NOTE : on pourrait également dire, pour désambiguïser: /njɤ˧-ɳɯ˧ no˧-ki˧ ki˩!/
S227 stop écouter
njɤ˧ | hĩ˧ | dʑɤ˩pi˧ dʑo˧˥ | pi˧-dʑo˩, | no˧ ki˧-ki˩! | õ! tʰi˩˥, | no˧ | hĩ˧ ʈʂʰɯ˧-v̩˧, | no˧-ɳɯ˧-dʑo˥, | sɯ˧pʰi˧ ʝi˧-pv̩˥-kʰɯ˩! |

[Par exemple] S'il y a beaucoup de gens par chez moi, je t'en donne (je t'offre des sujets)! Eh! Toi, cette personne-là, le seigneur te commande d'aller quelque part/ te donne un ordre!


NOTE : vérifié, est bien /dʑɤ˩pi˧ dʑo˧˥/ 'il en existe beaucoup, il y en a beaucoup' et non /dʑɤ˩pi˧ dʑo˧/ '[j'en] ai beaucoup': c'est ici l'existentiel, et non le verbe de possession.
S228 stop écouter
tʰi˩˥, | ɖɯ˧-dzɤ˥, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ ʝi˩-tʰɑ˩-ɲi˩-ze˩-mæ˩! | <ɖæ˩mi˧-z...> ɖæ˩mi˧=ɻ̍˩-ɳɯ˩! |

Alors, [les gens d']une des parties (=les sujets du seigneur de Yongning) pouvaient être mis au service du seigneur de Muli! Des gens du monastère (=de Yongning) [pouvaient être donnés au seigneur de Muli]!


NOTE : ɖɯ˧-dzɤ˥: un côté, d'où par extension: une partie: une des deux parties de ces échanges est Yongning, l'autre est Muli
S229 stop écouter
tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | -dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ɖæ˩mi˧sɯ˩pʰi˩=ɻ̍˩-ɳɯ˩-dʑo˩, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | ɖɯ˧-ʈʂæ˧ ʝi˧-pv̩˥-kʰɯ˩-ɲi˩-mæ˩! |

Alors, mon oncle, autrefois, les seigneurs du monastère de Yongning l'ont envoyé servir un temps les seigneurs de Muli!

S230 stop écouter
tʰi˩˥, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | ɖɯ˧-ʈʂæ˧ ʝi˥-kʰɯ˩-dʑo˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ | tʰi˩˥, | mmm... mv̩˩zo˩=ɻæ˥, | ə˩-gi˩! |

Alors, comme on l'envoyait travailler un temps auprès du seigneur de Muli... autrefois, eh bien... les jeunes filles, n'est-ce pas!


NOTE : tons vérifiés: est bien, ici, /ɖɯ˧-ʈʂæ˧ ʝi˥-kʰɯ˩/, et dans la phrase qui précède, /ɖɯ˧-ʈʂæ˧ ʝi˧-pv̩˥-kʰɯ˩/.
S231 stop écouter
mv̩˩zo˩=ɻæ˩-lɑ˥ | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩ | tʰi˩˥, | dʑɤ˩↑bv̩˥-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

Avec les jeunes filles, autrefois, [il] s'est amusé, n'est-ce pas! / Il a conté fleurette aux jeunes filles, dans le temps, à ce qu'on raconte!


NOTE : The second syllable of the verb /dʑɤ˩↑bv̩˥/ ‘to play’ is realized with a much stronger trilling of the /b/ than is found in non-emphatic contexts.
S232 stop écouter
dʑɤ˩bv̩˧, | dʑɤ˩bv̩˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə... mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | tʰv̩˧-v̩˧-ɳɯ˩-dʑo˩, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩-bv̩˩ | ɖʐv̩˧-qɑ˧ dʑɤ˥bv̩˩-dʑo˩! |

Et à force de s'amuser, de s'amuser... le seigneur de Muli, lui... [mon oncle,] il s'est amusé avec une bonne amie du seigneur de Muli!


NOTE : vérifié: la formulation est bien /mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | tʰv̩˧-v̩˧-ɳɯ˩-dʑo˩/, en deux groupes tonals.
S233 stop écouter
tʰi˩˥, | mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩-ɳɯ˩ | mɤ˧-fv̩˧-zo˩! | wɤ˩˥ | le˧-wo˥ | le˧-tsʰɯ˩-kʰɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩! | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ki˩ ki˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

Alors, le seigneur de Muli s'est fâché! et il l'a fait retourner (à Yongning)! Il l'a rendu (littéralement "donné") au seigneur du monastère [de Yongning]!


NOTE : tons vérifiés: est /mɤ˧-fv̩˧-zo˩/
S234 stop écouter
ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩-ki˩ ki˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧-ɳɯ˥: | "mɤ˧-bi˧-ze˧! | njɤ˧, ə... | ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩ | hĩ˧ F | ʝi˧-mɤ˧-bi˧!"

Comme on allait le rendre au seigneur du monastère [littéralement: "comme on le donnait au seigneur du monastère"], mon oncle a dit: "Ca ne marche pas comme ça!/Non! Je ne veux pas être le sujet du seigneur du monastère (de Yongning)!

S235 stop écouter
mmm... "mv̩˧ɭɯ˩-sɯ˩pʰi˩ | hĩ˧ F | wɤ˩˥ | [ʝi˧-mɤ˧-bi˧! |] njɤ˧ | õ˧-bv̩˥-õ˩... | ʐwæ˧ tɕɯ˩-bi˩-ze˩!" | tʰv̩˧ pi˧-zo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-ɲi˩-tsɯ˩ | -mv̩˩!

[Je ne veux pas non plus] être sujet du seigneur de Muli! Je vais conduire mes propres chevaux/ constituer ma propre caravane!" Ce que disant, il a conduit une caravane / il est parti conduire ses propres caravanes, à ce qu'on dit!


NOTE : tons vérifiés: est /tʰv̩˧ pi˧-zo˩/, 'ce que disant'
S236 stop écouter
njæ˧sɯ˩kv̩˩-ʁwɤ˩-qo˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩, | njɤ˧ | ə˧v̩˧-lɑ˥ | ɖɯ˧-ʑi˩-lɑ˩ dʑo˩-ɲi˩! | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧! |

Dans notre village, des [gens] qui conduisaient les caravanes, il n'y avait que mon oncle, cette seule famille! [Qui conduisait] les chevaux!

S237 stop écouter
tʰi˩˥, | ɖɯ˧-ʑi˩~ɖɯ˩-ʑi˩, | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧ dʑo˩, | "ə˧v̩˧˥, | ʁɑ˩mi˧! | ə˧v̩˧-kɤ˧zo˧, no˧-ɳɯ˧ ɖɯ˧-tɕɯ˧-ɻ̍˥! | ʁɑ˩mi˧! | njɤ˧-ki˩, | tsʰe˧ pʰv̩˧ li˥ pʰv̩˩ kwɤ˩-ki˩-tsæ˩-ɲi˩!" | pi˧. |

Alors, famille après famille (=toutes les familles [du village]), celles qui avaient un cheval, elles lui disaient: "Oncle, s'il vous plaît! Oncle kɤ˧zo˧, conduisez-le [=conduisez notre cheval chargé de ses marchandises]! On vous en prie! On partagera les bénéfices (littéralement "le prix du sel et le prix du thé") [avec vous]!"


NOTE : tons vérifiés: est bien: /ʐwæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧ dʑo˩/
S238 stop écouter
õ! "tsʰe˧ | hwæ˧ le˧-po˧-jo˥, | li˩ hwæ˥ | le˧-po˧-jo˧! | pi˧, | ʈʂʰɯ˧-ki˧ | tʰi˧-hwɤ˩! | tɕɯ˧-pv̩˥-kʰɯ˩! |

Eh! "[Vous] achèterez du sel et nous le ramènerez, vous achèterez du thé et le ramènerez!" disaient-ils, et ils lui confiaient [leur cheval chargé de ses marchandises]! Ils le faisaient conduire le cheval!

S239 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | zo˩no˥, | hĩ˧=ɻæ˧-ni˧˥, | zo˩no˧-<ɳ>hĩ˧ ni˧˥ | lo˧pæ˧ tsɤ˧-ɲi˥-ze˩-wɤ˩! | hɤ˩ ɲi˥-ho˩-mæ˩, | ə˩-gi˩! |

Autrefois, eh bien, les gens comme [lui], eh bien... Dans la société d'aujourd'hui (littéralement "comme les gens d'aujourd'hui"), c'est devenu "le patron"! / Les gens comme lui, eh bien, aujourd'hui, on les désignerait comme des "patrons"! (老板)[Quelqu'un de] remarquable, n'est-ce pas!

S240 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | -dʑo˩ | le˧-tɕɯ˧˥! | zo˩qo˧ mɤ˧-ɲi˩, | tʰi˧-hɑ̃˧˥! | hhh... le˧-hɑ̃˧˥, | le˧-hɑ̃˧˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | gi˩˥ | -dʑo˩,

Ainsi, il partait en caravane! Il dormait n'importe où[, au hasard des étapes]!

S241 stop écouter
ə... ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ɖɯ˧-v̩˧ gi˧˥, | ɲi˧-kv̩˧ hwæ˥! | ɲi˧-kv̩˧ gi˥, | so˩-kv̩˩ hwæ˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | lo˧pæ˧ tsɤ˧! |

Les chevaux, il en achetait un, puis deux! Quand il en avait deux, il en achetait trois! (=il se constituait progressivement sa propre caravane) C'est ainsi qu'il est devenu un patron! (mot chinois; autrefois, on aurait dit: tsʰo˧pæ#˥ "chef de caravane")


NOTE : tons vérifiés: ɖɯ˧-v̩˧ gi˧˥, | ɲi˧-kv̩˧ hwæ˥
S242 stop écouter
lo˧pæ˧ le˧-tsɤ˧-se˩-dʑo˩, | tʰi˩˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ə... ho˧di˧! | ə... ho˧di˧ | ɖæ˩mi˧-qo˧<-ɳ>... ɖæ˩mi˧-sɯ˩pʰi˩=ɻ̍˩-ɳɯ˩, | "ho˧di˧ ɕi˧ʈʂʰwæ˧ tɕɯ˧-hõ˧!" | pi˧, | ho˧di˧ ɕi˧ʈʂʰwæ˧ le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩! |

Quand il est devenu son propre patron, eh bien, autrefois... [il est parti dans] le Sichuan! Le Sichuan... le monastère... les seigneurs du monastère l'ont envoyé dans le Sichuan faire le commerce du riz (=acheter du riz); il a ramené du riz du Sichuan, par caravane!

S243 stop écouter
tʰi˩˥, | ɖæ˩mi˧-qo˧ | tʰi˧-sɑ˧˥! | wɤ˩˥, | ɖæ˩mi˧=ɻ̍˩-ɳɯ˩ | tʰi˩˥, | ɕi˧ʈʂʰwæ˧ | le˧-tɕɯ˧˥, | wɤ˩˥, | ɬɑ˧sɑ˧ po˧-pv̩˥-kʰɯ˩! |

Ensuite, il livrait [ce riz] au monastère! Après, les gens du monastère, à leur tour/à nouveau, ils emportaient le riz par caravane; ils commanditaient une livraison à Lhasa!


NOTE : de /pv̩˩/ 'commanditer'
S244 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ɬɑ˧sɑ˧! | no˩-dʑo˧, | ʈʰææ̃˧ | le˧-tɕɯ˧˥... | ɬi˧di˩-di˩mi˩-qo˩ | gɤ˩tɕo˧ tɕɯ˧˥! |

Autrefois, Lhasa [c'était une destination importante]! Toi, réellement, tu faisais du commerce en caravane; depuis Yongning (littéralement: "à Yongning"), on montait par caravane [les marchandises jusqu'à Lhasa]!


NOTE : gɤ˩-tɕɯ˧˥, mv̩˩-tɕɯ˧˥: faire le commerce des caravanes du 'haut' (Lhasa) en 'bas' (les plaines chinoises: Chengdu...)
S245 stop écouter
mmm... ɬɑ˧sɑ˧-bv̩˧, mv̩˩tɕo˧ tɕɯ˧˥! | ə... dʑɤ˧do˩-bv̩˩, | gɤ˩tɕo˧ tɕɯ˧˥! |

Les [marchandises] de Lhasa, on les descendait par caravane [vers Yongning et les plaines chinoises]! [A l'inverse,] on faisait monter en caravane [les marchandises] de Zhongdian [jusqu'à Lhasa]!

S246 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩, | ʈʰææ̃˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩! | ɑ˩ʁo˧-hĩ˧ | dzi˩-di˩ dʑo˩˥ | mɤ˧-kv̩˧˥! | zo˧-ʈʂʰɯ˧-dʑo˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩! |

Autrefois, il y avait vraiment des caravanes de partout!/ c'était vraiment l'époque des caravanes! Personne ne restait chez lui à rien faire[, les hommes valides couraient les routes, avec les caravanes]! (littéralement "il n'y avait pas de sièges dans les maisons"; c'est-à-dire "personne ne restait assis à ne rien faire") [Pour] les hommes[, c'était comme ça!] On menait les caravanes!


NOTE : autre formulation possible: /ɑ˩ʁo˧-hĩ˧ | dzi˩-di˩ dʑo˩ mɤ˩-kv̩˥ |/
S247 stop écouter
mv̩˧ʐe˧-qo˥, | ə˧mi˧=ɻæ˩-dʑo˩, | le˧-tsʰɯ˩-pi˩, | ʐwæ˧-zɯ˧ kʰv̩˧! | ʐwæ˧-hɑ˧ ʂe˩! |

Pendant la saison des pluies, les femmes, comme [les hommes] étaient de retour [avec leurs bêtes], elles coupaient de l'herbe pour les chevaux! elles ramassaient de la nourriture pour les chevaux! (Explication: pendant la saison des pluies, on ne se déplaçait guère; les caravanes ne se déplaçaient que pendant la saison sèche, où les chemins étaient plus pratiquables.)


NOTE : tons vérifiés: est ʐwæ˧-zɯ˧ kʰv̩˧
S248 stop écouter
ĩ˧! | õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧ ʝi˥-dʑo˩ | tʰi˩˥, | mv̩˧tsʰi˧-qo˩ tʰv̩˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | ə... ʐwæ˧ dʑo˧-hĩ˥=ɻæ˩, | dʑi˧ qæ˧ kʰɯ˩-kv̩˩-ze˩-pi˩-kv̩˩! | tso˧~tso˧ le˧-hwæ˧-le˧-po˧-jo˥! |

Voilà comment on faisait; et alors, quand arrivait la saison sèche, les gens qui avaient des chevaux, on disait qu'on allait les faire changer de vêtements! (façon métonymique de désigner leur départ en caravane: au retour des voyages en caravane, on avait généralement de nouveaux vêtements) [Les hommes partis en caravane] achetaient des choses, et les ramenaient!

S249 stop écouter
tʰi˩˥, | hĩ˧=ɻæ˥ | mɤ˧-dʑo˧-hĩ˧-ki˧ | le˧-hwæ˧! | tʰi˧-tɕʰi˧! |

Pour les gens qui n'avaient pas [de chevaux], on achetait [aussi] des choses, [et] on [les leur] vendait!

S250 stop écouter
ɑ˩ʁo˧, | zo˩no˥, | <ko˧...> ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-ni˩, | ko˧sɯ˧ F | mɤ˧-di˩, | ə˩-gi˩! | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩! |

A la maison... c'est que, dans le temps (littéralement: "comme autrefois"), des boutiques, il n'y en avait pas, n'est-ce pas! Autrefois!

S251 stop écouter
ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩-ɳɯ˩ | le˧-hwæ˧ | le˧-po˧-tsʰɯ˧-hĩ˥-lɑ˩-ɲi˩-mæ˩! |

Il n'y avait que ce que ramenaient les caravaniers!


NOTE : vérifié: n'est pas /*le˧-po˧-tsʰɯ˧-lɑ˥-ɲi˩-mæ˩/
S252 stop écouter
ɖɯ˧-ʁwɤ˧, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩ | so˩-kv̩˩ dʑo˩˥, | pi˧-dʑo˩, | njɤ˧=ɻ̍˩-ɳɯ˩ | le˧-tɕɯ˧-le˥-po˩-tsʰɯ˩, | pi˧, | njɤ˧ | ɑ˩ʁo˧ | hwæ˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-ze˩-mæ˩! |

Si dans un village il y avait trois ou quatre hommes qui faisaient du commerce par caravane... comme c'est nous qui ramenions [des marchandises], c'est à ma maison qu'on venait l'acheter!

S253 stop écouter
"ə˧mi˧! no˧=ɻ̍˩ | ə˧tso˧ tɕɯ˧˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥?" | pi˧. |

[Les gens du village] disaient: "Eeeeh bien! Qu'avez-vous donc rapporté? / Alors, qu'est-ce que vous avez rapporté de beau?"

S254 stop écouter
"njɤ˧=ɻ̍˩ | ʈʂʰɯ˧-ʂɯ˥-dʑo˩, | qʰwɤ˩ tɕɯ˥ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥!" | ə... "ʂe˧ʈʂe˩ tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥!" | pi˧. |

[Il leur était répondu:] "Nous, cette fois-ci, on a ramené des bols (=de la vaisselle)!" [Ou encore:] "On a ramené du tissu de coton!"

S255 stop écouter
"ə˧mi˧! | njɤ˧-ki˩ | qʰwɤ˩˥ | ɲi˧-tʰv̩˩ tɕʰi˩-ɻ̍˩!" | pi˧. |

"Aaaah! [Alors] vendez-moi deux dizaines de bols!" disait[-on]. (Les bols se vendaient par dix; pour le transport, on rembourrait les caisses avec du foin.)

S256 stop écouter
ə... qʰwɤ˩˥ | ɖɯ˧-tʰv̩˩, | lo˩jɤ˧ | ɲi˧-pʰæ˧-lɑ˥-ɲi˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | <kwɤ˩-pi˧...> ...no˧˥... | pæ˧kʰwɤ˧ | ɲi˧-ɭɯ˧! |

Un lot de dix bols, ça valait deux yuan d'argent, autrefois! Deux pièces d'argent!


NOTE : de: /ɲi˧-pʰæ˧˥/
NOTE : <kwɤ˩-pi˧...>: erreur; il faut dire: /pæ˧kʰwɤ#˥/, autre terme pour 'pièce d'argent'
NOTE : note: /-lɑ/ 'seulement' ici n'implique pas que ce soit bon marché, mais indique que cela valait précisément cette somme. Paraphrase: c'était ça le prix, un point c'est tout.
S257 stop écouter
tʰi˩˥ | no˧˥, | qʰɑ˩ne˩˥ | pʰv̩˧-ɖɯ˧ ɲi˥, | ə˩-gi˩! | pʰv̩˧ʐɯ˧ | ʐwæ˩˥, | ə˩-gi˩! |

C'était vraiment cher, n'est-ce pas! C'était très coûteux, n'est-ce pas!

S258 stop écouter
tʰi˩˥, | hĩ˧ | ʈʂʰɯ˧-ʂæ˧~ʂæ˧-hĩ˧-qo˩ | le˧-tsʰɯ˩-ɲi˩-mæ˩! |

C'est que les gens revenaient de vraiment loin [avec ces marchandises]!

S259 stop écouter
tʰi˩˥, | njɤ˧ | ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥ | pi˧-kv̩˩: | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | hæ˧-di˩ kʰi˩ | -dʑo˩, | zo˩no˥, | ə... <njɤ˧-ɳɯ˧...> njɤ˧ ə˧v̩˧˥ | ɖɯ˩-hĩ˩-ɳɯ˥, | ʐwɤ˩-dʑɯ˩-hĩ˥-lɑ˩, | ɖɯ˧-ɲi˥~ɖɯ˩-ɲi˩ | tjɤ˧ʂɯ˧-qo˥ | tʰi˧-li˧-tɕɯ˧˥, | [pʰæ˧-di˩! |]

Alors, mon oncle aîné racontait: autrefois, quand il allait en pays chinois, eh bien... moi... ce que mon oncle aîné m'a raconté autrefois, [ça ressemble à] ce que je vois chaque jour à la télévision! (Note: la locutrice est friande de séries télévisées historiques où l'on voit des scènes de la Chine de l'ancien temps; elle juge que les scènes de rue, les vêtements, les marchés... ressemblent au portrait que lui brossait son oncle des contrées chinoises qu'il visitait lors de ses voyages en caravane.)

S260 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | hæ˧-ʈʂʰɯ˧-dʑo˩, | ʈʂʰwæ˧˥ | v̩˧lɑ˩-ʝi˩-ɲi˩-ho˩, | ə˩-gi˩! | hæ˧-di˩ kʰi˩ | -dʑo˩, | tso˧~tso˧... | ʐwæ˧ le˧-ʑi˩, | ʈʂʰɯ˧-qo˧ tʰi˧-ʈæ˩! | ə... zo˩no˥, | tso˧~tso˧... | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | -qo˩, | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩-ɻ̍˩, | ə... zo˩no˥... |

Autrefois, les Chinois, ils ont très tôt commencé à faire du commerce, n'est-ce pas! (=Bien avant que le commerce n'ait été répandu à Yongning, il était déjà florissant dans les contrées chinoises) Quand on allait dans les contrées chinoises, les choses... on amenait son cheval, et on l'attachait là! Et, eh bien... les choses... partout, on se promenait, euh... eh bien... (On amenait son cheval jusqu'en ville, puis on l'attachait, et on partait se promener par la ville!)

S261 stop écouter
le˧-gwɤ˩~gwɤ˩, | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩, | le˧-gwɤ˩~gwɤ˩-dʑo˩, | dʑi˧hṽ̩˧-ʈʂʰɯ˧, | ze˩-bæ˧ <ho˥ʂɯ˩> ho˥, | ze˩-bæ˧ <mɤ˧-ho˥ʂɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩> | mɤ˧-ho˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩, | le˧-sɯ˥[-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩] | tʰi˩˥ | le˧-hwæ˥~hwæ˩! |

On se promenait encore et encore; alors, les vêtements, [on regardait] lequel (vous) va bien, lequel ne (vous) va pas bien; quand on avait bien décidé (littéralement "quand on savait"), on achetait!


NOTE : ce vêtement te va? /ə˩-ho˩˥?/
NOTE : /mɤ˧-ho˩ʂɯ˩/: emprunt chinois: 不合适
S262 stop écouter
wɤ˩˥ | le˧-tɕɯ˩~tɕɯ˩ | le˧-po˧-tsʰɯ˧˥! | wɤ˩˥ | ɬi˧di˩ | tɕʰi˧-kv̩˥-mæ˩! |

Après, on les ramenait par caravane! et on les vendait à Yongning!

S263 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥... | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩, | qʰɑ˩ne˩˥ | ʈʰi˩-kv̩˩˥ | -mæ˩, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! |

Autrefois, c'est comme ça que... Les gens qui conduisaient les caravanes, qu'est-ce que c'était épuisant [comme travail], autrefois!

S264 stop écouter
tʰi˩˥, | mv̩˩zɯ˩-ni˥mi˩=ɻæ˩ dʑo˩-hĩ˩-dʑo˩, | hĩ˧=ɻæ˥... | "ʈʂʰɯ˧, mv̩˩zɯ˩-ʝi˥-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-v̩˩, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hɯ˩! | hɤ˩˥ | ʐwæ˩˥!" | pi˧-zo˩. |

Tous les frères et sœurs... on disait: "Lui, votre frère, il est parti en caravane! C'est [quelqu'un de] remarquable!"

S265 stop écouter
"dʑi˧hṽ̩˥ | le˧-tɑ˧˥, | ə˧v̩˧-hĩ˥ | mv̩˧-di˩ dʑo˩-kv̩˩!" |

"Même vos vêtements... vous allez avoir de bien belles choses à porter (=à vous mettre)!"

S266 stop écouter
tʰi˩˥, | ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ <mɤ˩-di˩> [mɤ˧-dʑo˩]-hĩ˩-ʈʂʰɯ˩-dʑo˩, | pʰi˧! | pʰi˩-ʈʰæ˩qʰwɤ˥-lɑ˩ ki˩-ɲi˩-mv̩˩!

[Tandis que] celles qui n'avaient pas de caravaniers [dans la famille], [elles devaient se contenter du] lin! On ne leur donnait que des jupes en lin! (=de confection locale, à Yongning)

S267 stop écouter
ə˧mi˧=ɻæ˩, | ɲi˧mi˧ qʰæ˧-ʂæ˧ | pʰi˩ dɑ˩˥! | sɑ˧ le˧-ɲi˩, |

Les femmes, à longueur de journée, elle tissaient le lin! Elles filaient le chanvre.

S268 stop écouter
no˧ | zo˩no˥ | sɑ˧ ɲi˥-kv̩˩-mɤ˩-ho˩, | zo˧mv̩˥-dʑo˩! | zo˩no˥, | njæ˧sɯ˩kv̩˩, | nɑ˩ ɲi˥-pi˩-bi˩-bi˩! |

Toi... aujourd'hui, ils ne savent plus filer le chanvre, les enfants (=les jeunes)! Aujourd'hui, bien que nous on soit des Na[, les jeunes ont perdu ces techniques qui nous appartenaient]!


NOTE : tournure -pi˩-bi˩-bi˩: veut dire 'bien que, quoique, en dépit du fait que...'
S269 stop écouter
sɑ˧ pʰv̩˧-ʈʂʰɯ˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩, | tʰi˩˥, | sɑ˧ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tɕɯ˧ɭɯ˧ ɲi˥-wɤ˩! |

Le chanvre blanchi, on le file comme ça; ensuite, le chanvre, on l'enroule comme ça [en bobines]!


NOTE : /tɕɯ˧ɭɯ˧/: enrouler; d'abord noté /*tɕi˧ɭɯ˧/
S270 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩! | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | le˧-tɕɯ˧ɭɯ˧, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | le˧-ɲi˩! |

On l'enroule comme ça! On le file comme ça! On enroule, et on file!

S271 stop écouter
ɖɯ˧-hɑ̃˧-ɳɯ˥, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | qo˩tv̩˥ | ɖɯ˧-ɭɯ˧~ɖɯ˧-ɭɯ˧ ɲi˩! |

Toute la soirée, on filait ainsi, bobine après bobine! [Note: le travail de filage et tissage se faisait le soir; pendant la journée, on veillait aux travaux des champs et aux travaux ménagers]


NOTE : on peut également dire: /ɖɯ˧-pɤ˩tv̩˩/; ou /ɖɯ˧-qo˥-lv̩˩ (vérifié à nouveau en 2015: n'est pas /*ɭɯ˩/)
NOTE : /ɖɯ˧-hɑ̃˧-ɳɯ˥/: traduit ici comme 'toute la soirée'; littéralement, voudrait plutôt dire 'en une soirée'.
S272 stop écouter
tʰi˩˥, | ə... le˧-ʈʂʰæ˥, | le˧-tɕɤ˧˥, | ə˧bo˧! | lo˧ hɑ˧ | ʐwæ˩-ɲi˥! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | tʰi˩˥, | ɖɯ˧-kʰv̩˧-qo˥ | ʈʰæ˧qʰwɤ˧ | <ɲi˧-ɭɯ˧ ʐ...> ɖɯ˧-ɭɯ˧ ʐv̩˥-dʑo˩, |

On lavait [le lin], on [le] faisait bouillir... Aïïïïïïïïïïe, qu'est-ce que c'était fatigant! Ainsi, en une année, on confectionnait une [seule] jupe!

S273 stop écouter
ʈʰæ˧qʰwɤ˧-ʈʂʰɯ˧ | ʈʂe˩-kʰɯ˩-ʈʂʰɯ˥-ɳɯ˩ | ʈʂʰɯ˧-ʁo˥-ɳɯ˩, | hĩ˧-ʈʂʰɯ˧-gɤ˧ | tsʰɤ˧˥ | -ɲi˩-wɤ˩! | wo˧-zo˥! |

Les jupes, à la couture, ce truc-là, à cet endroit, ça frotte sur le corps! (explication: les coutures des tissus de lin sont relativement épaisses; quand on porte une charge sur le dos, les coutures frottent sur le corps, et peuvent le meurtrir) C'est que c'est dur[, ce genre de tissu]!


NOTE : ʈʂe˩kʰɯ˩˥: couture du vêtement
S274 stop écouter
tsʰɤ˧˥ | -ɲi˩-wɤ˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥, | tʰi˩˥, | ʁɑ˩ʂɯ˧ | mv̩˧-v̩˩-tʰv̩˩ ɲi˩! |

Ca frotte [durement contre la peau]! [Mais] on met quand même ce vêtement[, si on n'a pas le choix]!


NOTE : tournure /mv̩˧-v̩˩-tʰv̩˩/: à examiner plus en détail
NOTE : pensais d'abord à un emprunt chinois: 还是, prononcé /*hæ˩ʂɯ˧/; corrigé ensuite (juillet 2012) en: /ʁɑ˩ʂɯ˧/, mot na.
S275 stop écouter
tʰi˩˥, | ʝi˧kʰv̩˥ | ʂe˧ʈʂe˩ | hwæ˧ le˧-po˧-tsʰɯ˧˥, | ʂe˧ʈʂe˩-ʈʰæ˩qʰwɤ˩ ʈʂʰɯ˩-ɭɯ˩ | -dʑo˩, | dʑi˧ qæ˧-di˧ ʝi˥! | lo˧ ʝi˧, | tʰɑ˧-mv̩˧! |

Certains achetaient des tissus de coton et les ramenaient; la jupe en coton, on s'en servait comme vêtement pour se changer (=comme vêtement pour les grandes occasions)! Il ne fallait pas la porter quand on travaillait[, pour ne pas l'abîmer]!

S276 stop écouter
õ˧ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | hĩ˧ ʝi˧! | ə... ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩ ʈʂʰɯ˩-dʑo˩, | dʑɯ˩nɑ˩mi˩-ʁo˥ | le˧-hɑ̃˧˥, | le˧-hɑ̃˧˥, | zo˩qo˧ tʰv̩˧-ɻ̍˧, | mv̩˩tsʰo˩˥ | le˧-dɑ˧˥, | si˧ le˧-gv̩˥, | ə˧so˧ tʰv̩˧-v̩˧ pi˧-ni˧˥, |

Voilà comment on faisait/on se comportait! Les hommes qui partaient en caravane, ils dormaient sur la montagne; là où ils étaient parvenus, ils coupaient du petit bois, celui dont on parlait tout à l'heure [allusion à une conversation de ce matin-là au sujet d'un des oncles de la narratrice]


NOTE : mv̩˩tsʰo˩: bois gorgé de résine, pour faire partir le feu
NOTE : si˧gv̩˧ (>si˧ | le˧-gv̩˥): 'faire du bois, couper du bois'; on peut aussi dire: si˧tɕɯ˩ , quand on ramène le bois à dos de cheval
S277 stop écouter
ɲi˧-kv̩˧˥ | tɕʰo˧~tɕʰo˥ bi˩, | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | mv̩˩tsʰo˩ dɑ˥, | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | si˧ ʂe˩. | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | dʑɯ˧ ʑi˧! | ɖɯ˧-v̩˧-dʑo˧, | hɑ˧ tɕɤ˩! |

On y allait à deux, ensemble; l'un coupait du bois gorgé de sève pour faire partir le feu [note: il n'est pas facile de repérer les arbres qui présentent cette propriété]; l'autre cherchait du bois [ordinaire]. Un autre [allait] chercher de l'eau! Un autre faisait cuire la nourriture!

S278 stop écouter
æ˧ʂæ˧-tɑ˩mv̩˩... | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | pi˧-kv̩˩-mæ˩! | ɑ˩ʁo˧... | mv̩˩zo˩=ɻæ˩-ɳɯ˥ | le˧-ʈʂæ˧, | gɤ˩-mɤ˧-ʈi˩: |

Dans les coutumes d'antan... voilà comment on parlait: à la maison, les enfants, on leur donnait des ordres, quand ils ne voulaient pas se lever:


NOTE : le˧-ʈʂæ˧: on les envoyait; vérifié: est /ʈʂæ˧-kv̩˧˥/ et non /*ʈʂæ˧-kv̩˥/
NOTE : Sens de /gɤ˩-mɤ˧-ʈi˩/ vérifié: lorsque LES ENFANTS ne voulaient pas se lever.
S279 stop écouter
"<ʐwæ˧-se...>ʐɤ˩ se˩-zo˩-ni˥, | ɖɯ˧-v̩˧ si˧ ʑi˧ hõ˧˥! | ə... ɖɯ˧-v̩˧ dʑɯ˩ qwæ˩-hõ˩˥! | ɖɯ˧-v̩˧, | mv̩˧ kʰɯ˩-hõ˩!" | pi˧-zo˩, | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩, | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ʈʂæ˧-kv̩˧˥ | -mæ˩! |

"Maintenant vous allez faire comme les caravaniers! Y'en a un qui va chercher du bois! Y'en a un qui va puiser de l'eau! Y'en a un qui va faire le feu!"Voilà comment elles les envoyaient [chacun effectuer une certaine tâche]!

S280 stop écouter
ʐɤ˩ se˩-zo˩ ʈʂʰɯ˩-tɕi˥, | ɖwæ˧˥ | nɑ˧mi˧ tʰv̩˧-ɲi˥, | ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩! | ʐ... ʐwæ˧ tɕɯ˩-hĩ˩ ʈʂʰɯ˩-dʑo˩! |

Ceux qui parcouraient les chemins, ils couraient toutes sortes de dangers! / il pouvait vraiment leur arriver malheur! Ceux qui partaient en caravane!


NOTE : on pourrait également dire: /ɖwæ˧˥ | nɑ˧mi˧ tʰv̩˧-kv̩˩/
S281 stop écouter
ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧-dʑo˩ | tʰi˩˥, | no˧ | ɖɯ˧-v̩˧, | ɲi˧-kv̩˧-lɑ˥ mɤ˩-ɲi˩-mæ˩! | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧, | ɲi˧tsi˧, | so˧tsʰi˧! |

C'est que les chevaux, tu n'en avais pas qu'un ou deux [à t'occuper]! Les chevaux, il y en avait vingt, trente!

S282 stop écouter
ʈʂʰɯ˧ | wɤ-ɕjɤ-ɕjɤ!! | pi˧-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧ | õ˧-bv̩˥-õ˩ le˩-jo˩-kv̩˩-mæ˩! |

Quand [le caravanier leur criait:] "wɤ-ɕjɤ-ɕjɤ!", les chevaux venaient d'eux-mêmes!

S283 stop écouter
tʰi˩˥, | ʐwæ˧ | ɖɯ˧-v̩˧~ɖɯ˧-v̩˧ dʑo˧, | kʰɤ˧gɤ˧ mv̩˧ʈʂæ˧ kv̩˧˥ | -mæ˩! | ɖɯ˧-v̩˧~ɖɯ˧-v̩˧, | ɻ̍˩pɑ˧ mv̩˧ʈʂæ˧ kv̩˧˥ | -mæ˩! | tʰv̩˧-ɲi˥-kv̩˩-bv̩˩ | mv̩˧ ɻwæ˩-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | ɖɯ˧-tɑ˧˥ | le˧-jo˩-kv̩˩-ɲi˩! |

Les chevaux, certains d'entre eux avaient comme nom /kʰɤ˧gɤ˧/! D'autres s'appelaient /ɻ̍˩pɑ˧/! Quand on criait les noms de ces deux-là (=ces deux noms), tous les chevaux venaient! [Explication: tous les chevaux accouraient, parce que la plupart d'entre eux portait l'un ou l'autre de ces deux noms; entre nom commun et nom propre: nom choisi pour l'animal, mais parmi un répertoire si restreint qu'il s'approche d'un nom commun]


NOTE : /kʰɤ˧gɤ˧/, ton M: nom d'un cheval; autre nom: /ʁwɤ˩lɑ˧/ (ton: LM); hwɤ˧tɕo˩: nom pour une mule; /ɻ̍˩pɑ˧/: nom pour un cheval; /hwɤ˧mi˩/: pour une mule de grand prix.
S284 stop écouter
tʰi˩˥, | ɖɯ˧-v̩˧~ɖɯ˧-v̩˧-ɳɯ˧, | ʐwæ˧-ʈʂʰɯ˧... | qo˩qɑ˩-ʁo˥ | tʰi˧-hĩ˧˥, | "wɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ!" pi˧-kwɤ˩tɕɯ˩-lɑ˩, | nv̩˧tv̩˥-ʈʂʰɯ˩ | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥ | ɖɯ˧-tɕi˧~tɕi˧ ki˩; | ʁɑ˩ʂɯ˧ | hĩ˧ | le˧-so˩ | kv̩˧-zo˥ | tʰi˩˥, | dʑɤ˩˥ | ʂe˧-bi˧-zo˧, | mɤ˧-kv̩˧˥! |

Certains d'entre eux, les chevaux... [Quand un homme] se tenait debout au col, qu'il appelait: "wɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ-ɕjɤ!", en secouant la sacoche à céréales, comme ça [note: il s'agissait d'une sacoche qu'on suspendait à la tête du cheval, et dans laquelle on lui donnait des céréales à manger]... comme les hommes lui avaient appris, qu'il connaissait les règles/ avait de bonnes habitudes, il n'était guère la peine d'aller le chercher / ce n'était pas la peine de courir après[, il venait de lui-même]!


NOTE : nv̩˧tv̩˥: sacoche qu'on suspendait sur la tête du cheval (juste derrière les oreilles), et dans laquelle on lui donnait des céréales à manger
NOTE : pensais d'abord à un emprunt chinois: 还是, prononcé /*hæ˩ʂɯ˧/; corrigé ensuite (juillet 2012) en: /ʁɑ˩ʂɯ˧/, mot na.
S285 stop écouter
zo˩no˥, | ɑ˩ʁo˧-ʐwæ˧-ni˧˥, | ə˧zɯ˩ | no˧-ɳɯ˧ | ə˧zɯ˩ | ʐwæ˧ʁo˩ ʂe˩ kʰi˩-ni˩-zo˩, | ɖɯ˧dv̩˩~ɖɯ˩dv̩˩ | ɖwæ˧˥ | dʑo˩-ɲi˥-mæ˩! | ʈʂʰɯ˧ne˧-ʝi˥, | tʰi˩˥, | le˧-tɕɯ˩~tɕɯ˩, | bi˧, | hhh! ɑ˩ʁo˧, | tʰi˩˥, | ʐwæ˩mi˩˥, | ɖɯ˧-v̩˧-lɑ˧, | ɑ˩ʁo˧ dʑo˩-kv̩˩-ze˩! |

Tu vois... Comme le cheval de la maison, nous deux... toi... nous deux, la façon dont on a dû aller chercher le cheval... (Allusion à un épisode de mon séjour à Yongning: le cheval de la famille était perdu, on ne le retrouvait plus; les chevaux paissaient ensemble en liberté dans les champs fauchés; le cheval s'était aventuré très loin de la maison) Ainsi, quand on part en caravane, on y va... la jument reste à la maison! (pour donner naissance à des poulains)


NOTE : tons vérifiés, est /ɖɯ˧-v̩˧-lɑ˧/
S286 stop écouter
ʐwæ˩mi˩-tʰv̩˩-v̩˩˥ | -dʑo˩ | tʰi˩˥, | ə˧mi˧=ɻæ˩-ɳɯ˩ | le˧-ʐɤ˧! |

La jument, ce sont les femmes qui l'élèvent / qui s'en occupent!


NOTE : tons vérifiés: est /ʐwæ˩mi˩-tʰv̩˩-v̩˩˥/
S287 stop écouter
ə˧ʝi˧-ʂɯ˥ʝi˩-dʑo˩ | tʰi˩˥, | no˧ | ʈʂʰɤ˧tsɯ˧ | mɤ˧-tʰo˥! | ʈʰææ̃˧ | ʐwæ˧ tɕɯ˩-lɑ˩ ɲi˩-mæ˩! | ʐwæ˧ tɕɯ˩-zo˩, | ɖwæ˧˥ | ʈʰi˩˥, | ə˩-gi˩! |

Autrefois, toi, ... y'avait pas de véhicules/[la région] n'était pas accessible aux véhicules! On n'avait vraiment que les caravanes! Les caravaniers, ils étaient épuisés / ils faisaient un travail épuisant, n'est-ce pas!


NOTE : emprunt de deux mots chinois: 不通车: 车子 pour 'véhicule', et 通 'passer, parvenir, traverser'.
S288 stop écouter
õ˧tʰv̩˧ne˧ gv̩˧-ɲi˥-tsɯ˩! |

Voilà comment ça se passait, à ce qu'on dit!